माफिया मुख्तार अंसारी और उसके गुर्गों द्वारा फर्जी मुकदमों में फंसाए गए मऊ वासियों की दास्तान

त्रिवेणी प्रसाद

इस तस्वीर में दिख रहे सभी लोगों को सामूहिक बलात्कारी बनाकर माफिया विधायक ने जेल भिजवाया. बात उन दिनों की है जब यूपी में मुलायम सिंह की सपा और केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी.

यह माफिया विधायक मुख्तार अंसारी के जुर्मो की एक दास्तान है| सन् 2005 में हुए मऊ शहर के दंगा में अपने विरोधियों पर दहशत पैदा करने के लिए दंगा के एक महीने बाद एक गरीब मुस्लिम लड़की को यूज करके उससे फर्जी बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराता है, पुलिस पर नाजायज दबाव बनाने के लिए यहाँ सफेदपोश अपराधियों से थाने का घेराव कराता है। मामला सी बी आई को ट्रान्सफर होने के बाद तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद से सीबीआई जांच एजेन्सी पर दबाव बना कर मामले में आरोप पत्र लगवाता है|

मामला सन् 2005 से अब तक लखनऊ न्यायालय में विचाराधीन है|मुख्तार के भूमाफियाओं को गांव वालो ने दौड़ाकर मारा था| इसके अपमान का बदला मऊ साम्पर्दायिक दंगा में फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उसने लिया|

उपरोक्त आरोप भाजपा नेता त्रिवेणी प्रसाद एडवोकेट ने लगाए। इनका कहना है कि मुझे भी सिर्फ इसलिए मुल्जिम बनाया क्योंकि मेरे उपर दबाव बनाया गया कि मैं दंगा पीड़ितों की वकालत ना करूं, उसके जुर्म, माफियागिरी और दहशत के खिलाफ आवाज ना उठाऊं|

त्रिवेणी प्रसाद एडवोकेट कहते हैं कि मऊ दंगा में मुख्तार अंसारी की भूमिका के खिलाफ मैं निर्भीक होकर बोला और समाचार पत्रों मे हमारे स्टेटमेन्ट छपे|

मुख्तार अंसारी अभी भी अपनी समानान्तर सरकार मऊ सहित गाजीपुर आदि क्षेत्रों में अपने हवाला कारोबारियों, सफेदपोशों और भू माफियाओं के साथ मिलकर पूर्व की ही तरह चला रहा है| वास्तव में सरकार मऊ जनपद में अभी छुटभैयों पर ही कार्यवाही कर सकी है|

“मुस्लिम रीलिफ कमेटी” नाम से चल रहे उसके ग्रुप के सदस्यों और हवाला कारोबारियों पर अब तक कोई कार्वाही नहीं हुई है| प्रशासन छुटभैयों पर कार्यवाही करके योगी सरकार को धोखा दे रहा है|

सपा व कांग्रेस सरकार के संगठित माफियाओं ने मऊ 2005 के दंगा में एक गहरी सोच व साजिश रचकर पुलिस प्रशासन को दबाव में लेकर दंगा कराया। तमाम फर्जी मुकदमे किए व तमाम हिन्दू दुकानदारों की दुकानों में तोड़फोड़, आगजनी, लूट पाट तथा दुकानों पर कब्जा किया था| सभी प्रभावितों की मदद के लिए मैं सक्रिय रहा। इसकी वजह से मुझ सहित तमाम निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर माफिया मुख्तार अंसारी व उसके गुर्गो द्वारा बलात्कार जैसे घिनौने व फर्जी मुकदमा में फंसाया गया|

बेटे अंकित की हत्या अपराधियों के संगठित गिरोह ने की| घटना से सारा शहर मर्माहत और स्तब्ध हो गया। त्रिवेणी प्रसाद समेत तमाम गरीबों के प्रति माफियाओं ने हिन्सा और दमन की सारी हदें पार कर दीं। इन्होंने अत्यंत झूठे, मनगढन्त मुकदमे लगवाए हैं जो बिलकुल सत्य से परे हैं।

वर्तमान योगी जी की सरकार जिस प्रकार से माफियाओं पर शिकंजा कस रही है, ठीक उसी प्रकार भाजपा और हिन्दू संगठनों के तमाम कार्यकर्ताओं के विरुद्ध तत्कालीन सपा सरकार ने दहशतगर्दी की सारी हदे पार कर दी। ऐसे तमाम दमन के शिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक अभियान के तहत दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेकर भाजपा सरकार को सराहनीय कार्य करना चाहिए। इससे समाजसेवी, भाजपा कार्यकर्ताओं को दमन और शोषण से मुक्ति मिल सकेगी।

त्रिवेणी प्रसाद
स्टेट ला आफिसर
माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ
9792895004

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