देश में बड़े बड़े मीडिया समूहों का यही हाल है!

नीरेंद्र नागर-

जब तक करोना की दूसरी लहर अपना विकराल रूप दिखाती रही, तब तक मोदी जी ख़ामोश और ग़ायब रहे। लेकिन जैसे ही लहर शांत होती दिखी, वह टीवी पर ज्ञान बाँटने और श्रेय लेने के अवतरित हो गए।

मेरी उपरोक्त बात का पाठकों पर जितना असर होगा, उसका सौ गुना असर तब होगा जब इसी बात को कोई कार्टून बनाकर कहे।

और इसीलिए जब Manjul ने यही बात कार्टून के रूप में कही तो मोदी सरकार बिदक गई और ट्विटर से कहा कि इस कार्टून पर कार्रवाई की जाए। ट्विटर ने तो कार्रवाई नहीं की लेकिन मुकेश अंबानी की कंपनी नेटवर्क 18 ने कार्टूनिस्ट से अपना अनुबंध तोड़ लिया।

देश में बड़े-बड़े मीडिया समूहों का फ़िलहाल यही हाल है। कुछ ही दिन पहले The Times of India ने जग सुरैया का एक व्यंग्य रोक लिया था जिसमें मोदी और शाह के बीच का काल्पनिक वार्तालाप था।

वैसे मानना पड़ेगा, मंजुल का कार्टून बहुत शानदार है। टेबल के नीचे दुबके पड़े मोदी की छवि पिछले दो-तीन महीनों की उनकी भूमिका का बख़ूबी चित्रण है।



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