न्यूज चैनल विज्ञापन और लूटखसोट के पैसे से ही चलते आए हैं

-आनंद मिश्रा-

आज की पत्रकारिता का सबसे बड़ा दोष… जब जिले का पत्रकार चैनल की आईडी एक लाख, दो लाख रूपए में खरीद कर जिले में ले आकर पत्रकारिता करेगा तो वह बेहद ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पत्रकार बनकर तो रहेगा नहीं। कहीं न कहीं से वह भी पैसे की उगाही करेगा।

उसे परिवार का पेट तो पालना ही है। गाड़ी में पेट्रोल डलवाना है। ये सारे काम कैसे होंगे। कैसे वो ईमानदारी की पत्रकारिता करे। बड़ा विषय है। चैनल के मालिकान को सिर्फ पैसे दिख रहे हैं। जिले के पत्रकार का जीवन बेचकर वो दिल्ली और राजधानी में बैठकर मौज मार रहे हैं। जिले का पत्रकार पिट रहा है। मारा जा रहा है। कुत्ता बना आफिस आफिस टहल रहा है। पर चैनल को पैसे दे रहा है और वह चैनल के लिए स्टार रिपोर्टर बना हुआ है।

ये आज की पत्रकारिता का सबसे बड़ा दोष है। चैनल मालिक की भी गलती नहीं है क्योंकि चैनल चलाने के लिए पैसे चाहिए। सरकार पैसा देती नहीं है।

चैनल विज्ञापन और लूटखसोट के पैसे से ही चलते आए हैं। केंद्रीय सरकार को चैनलों के बारे में भी एक गाइड लाइन बनानी होगी नहीं तो पत्रकारिता गर्त में जा रही है। जिले के पत्रकार उगाही और दलाली में ही मारे जा रहे हैं। उनका दोष नहीं है, सिस्टम का दोष है सही करना होगा। पर कैसे, सोचनीय प्रश्न।

सोचिए और बताइए।

आनंद मिश्रा
पत्रकार
लखनऊ
anandmishra.etv@gmail.com

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