मेरी आपबीती धैर्य से पढ़ें, परिचितों को पढ़वाएं…

Yashwant Singh :  मेरी ताकत मेरी कलम है. सच बोलना-लिखना है. कोई इससे चिढ़े तो चिढ़ता रहे. कोई हमला कराए, जेल भिजवाए तो उसका भी स्वागत है. हां, सोशल मीडिया के आप सभी साथियों से ये जरूर उम्मीद करता हूं कि मेरी बात में तनिक भी ईमानदारी नजर आए, आम जन से जुड़ाव की खुशबू मिल पाए, भ्रष्ट सिस्टम से लड़ते हुए न थकने वाला हौसला दिख जाए तो अपनी आवाज इसमें मिलाएं, इस पोस्ट को शेयर करके, इस पोस्ट को दूसरों तक पहुंचा के.

हम बिखरे हुए लोग, सिस्टम के मारे हुए लोग किसी कड़ी में जुड़ पाते हैं तो जो सच्चाई की मजबूत लड़ी बनेगी, वह भ्रष्टाचारी ताकतवरों के तोड़े न टूटेगी… मेरी आपबीती धैर्य से पढ़ें. परिचितों को पढ़वाएं. ताकि सच बोलने की रवायत एक रोज मुख्यधारा बन सके… ताकि सच बोलने पर फिर कोई पिटे नहीं, जेल न जाए, गाली-गोली न खाए…

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