नेत्रपाल, धीरेंद्र, संजय, गजेंद्र, ओमपाल, गिरीश, सुरंजन, मीतू, शशांक समेत कई पत्रकार हुए सम्मानित

गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के ऑडिटोरियम में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जयंती पर आयोजित दसवें पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विभिन्न प्रतियोगिताओं में अव्वल आए 11 पत्रकारों समेत 46 को पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय सेवाओं के लिए दो वरिष्ठ पत्रकारों व साहित्यकार यादव राव देशमुख व कुलदीप तलवार को सम्मानित किया। इसके बाद आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों ने देर शाम तक अपनी रचनाओं से खूब समां बांधा।

पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार व सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि ब्रॉडकास्ट एडीटर्स एसोसिएशन के महासचिव एनके सिंह व मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने सभी पत्रकारों को मेवाड़ की ओर से शॉल, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न व नकद राशि प्रदान कर पुरस्कृत व सम्मानित किया। पुरस्कृत होने वाले पत्रकारों में पीटीआई के नेत्रपाल शर्मा प्रथम, दैनिक जागरण के धीरेन्द्र मिश्र द्वितीय व हिन्दुस्तान के संजय गिरि तृतीय, फोटोग्राफर्स में इंडियन एक्सप्रेस के गजेन्द्र यादव प्रथम, नेशनल दुनिया के ओमपाल शर्मा द्वितीय व गिरीश चंद्र तिवारी तृतीय, फीचर राइटर्स में स्वतंत्र पत्रकार सुरंजन प्रथम, यथावत पत्रिका की मीतू कुमारी द्वितीय व स्वतंत्र पत्रकार शशांक द्विवेदी तृतीय रहे।

एबीपी न्यूज के कार्टूनिस्ट रजनीकांत मिश्र व न्यूज पोर्टल हमारा गाजियाबाद के गौरव शर्मा को पुरस्कृत किया गया। साथ ही प्रतिभागी 35 पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र व उपहार प्रदान किए गए। इस मौके पर मुख्य अतिथि एनके सिंह ने कहा कि आज के दौर में नैतिक मूल्यों के क्षरण से बचना होगा और लोक कल्याण की भावना से पत्रकार को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी। मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने कहा कि देश के 65 करोड़ युवाओं को अगर सही दशा व दिशा की ओर प्रेरित किया गया तो देश में किसी सुख-सम्पदा की कमी नहीं अखरेगी। देश को आर्थिक, सामाजिक, नैतिक व हर वर्ग के लिए तैयार करना है तो 65 करोड़ युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार हरीशचंद्र शुक्ला काक, अरविन्द मोहन व राम बहादुर राय भी मौजूद थे। पत्रकार पुरस्कार व सम्मान समारोह का संचालन अमित पाराशर ने किया।

इसके बाद आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने की तो संचालन की कमान हास्य कवि दीपक गुप्ता ने संभाली। विष्णु सक्सेना को लोगों ने बार-बार सुना। उनके गीत ’रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा, एक आई लहर कुछ बचेगा नहीं, तुमने पत्थर सा दिल हमको कह तो दिया, पत्थरों पे लिखोगे मिटेगा नहीं’ की पंक्तियां सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद विष्णु सक्सेना ने अनेक मुक्तकों व गीतों से सबको गहन आनंद के सरोवर में सराबोर कर दिया। दीपक गुप्ता व बलबीर सिंह खिचड़ी की हास्य रचनाएं सुनकर श्रोता लोटपोट हो गए। अरविन्द पथिक व डॉ. अर्जुन सिसौदिया की ओज की कविताओं ने जहां उपस्थित श्रोताओं के खून में उबाल पैदा किया तो वहीं चेतन आनंद की ’तुम्हारी याद’ कविता ने सबकी आंखें नम कर दीं। तीन घंटे तक चले कवि सम्मेलन में कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में मेवाड़ की निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल, विधि विभाग के महानिदेशक भारत भूषण समेत तमाम स्टाफ, विद्यार्थी व आसपास के क्षेत्र के लोग शामिल रहे। अंत में मेवाड़ के चेयरमैन डॉ. गदिया ने सभी कवियों व आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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