पत्रकारों के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में जाने पर पाबंदी

नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से पत्रकारों को रक्षा, गृह, विदेश, वित्त मंत्रालय के बाद अब संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन में भी जाने पर मौखिक आदेश के जरिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। पत्र सूचना कार्यालय भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी इन मंत्रालयों में जाने पर सुरक्षाकर्मी तभी अंदर जाने देते हैं जब अधिकारी चाहें।

पत्र सूचना कार्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा जांच के बाद कार्ड इस उद्देश्य से जारी किए जाते हैं कि पत्रकार सूचना एकत्र करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों में बिना रोक-टोक जा सकें। लेकिन बीते कुछ महीनों में कई मंत्रालयों से जब सरकार के खिलाफ खबरें मीडिया में आने लगी तो मौखिक तौर पर सुरक्षाकर्मियों को निर्देश ‌दे दिया गया कि किसी भी पत्रकार को सीधे मंत्रालय में अंदर नहीं जाने दिया जाए।

सुरक्षा से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक पहले हम मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सीधे जाने देते थे। लेकिन अब हमें मौखिक तौर पर निर्देश दिया गया है कि किस अधिकारी के पास जाना है उससे बात करने के बाद ही अंदर जाने दिया जाए। साथ ही इस बात के भी निर्देश दिए गए हैं कि जिस अधिकारी से बात हुई है उसके अलावा किसी अन्य अधिकारी से मिलने की अनुमति नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में भी सरकार से जुड़ी कई जानकारियां रहती हैं। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि इस मंत्रालय में कोई पत्रकार बिना अनुमति के घुसने पाए। अगर अनुमति मिलती है और किसी प्रकार की सूचना लीक होती है तो उसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेवार होंगे।

आउटलुक से साभार

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