हालत बहुत गंभीर है वरना इतनी बदहवासी में रेपो रेट और सीआरआर न बढ़ाते!

मुकेश असीम-

रिपो और सीआरआर दोनों रेट में अचानक एक साथ, बिना तारीख मुहूर्त का ऐलान किये, वो भी बडी वृद्धि! रिजर्व बैंक जैसे अचानक हरकत में आया है उससे लगता है कि सरकार के पास महंगाई की अंदरूनी खबर बहुत बुरी है।

इसके पहले कि ये खबर सार्वजनिक हो सरकार महंगाई नियंत्रण हेतु कुछ करती दिखना चाहती है (कुछ करना होता तो पेट्रोलियम जैसे वास्तविक दाम कम करती)। खाद्य तेल से गेहूं तक हर ओर संकेत बुरे हैं।

पिछले हफ्ते तक मंत्री और चमचे अफसर बुद्धिजीवी विशाल भंडार होने का दावा करते हुए गेहूं का दो ढाई करोड टन निर्यात की बातें कर रहे थे। कल असली हालत को भांपकर फैसला लिया गया है कि पीडीएस राशन वितरण में 11 लाख टन महीना गेहूं की कटौती कर उसकी जगह चावल दिया जायेगा।

मेहनतकश जनता के लिए भयावह दौर की आशंका है, भारत, और सारी दुनिया में। अमरीका जो विश्व का सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक है वहां डीजल के दाम एक साल में 80% बढकर 6 डॉलर गैलन (3.78 लीटर) पार कर गए हैं। क्यों?

इकनॉमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट का एक अध्ययन परसों ही प्रकाशित हुआ है जिसके अनुसार असल वजह लागत बढना नहीं कॉर्पोरेट पूंजी की मुनाफे की हवस है – बढे दामों में 54% हिस्सा कॉर्पोरेट मुनाफे का है, मजदूरी का सिर्फ 7.9%। कॉर्पोरेट मुनाफे रिकॉर्ड रफ्तार से बढ रहे हैं।

वैभव अग्रवाल-

आज पहली बार, एक वीडियो कॉल के दौरान, एक यूरोपियन मित्र के मन मे, भारत के प्रति तल्खी या कहिए निराशा देखी, जो की रूस के खिलाफ न जाने की वजह से थी। … आम जनता इसका प्रभाव अब भुगत रही है। … राजनेताओं को युद्ध करने से कोई फर्क नही पड़ता, पर इसमे पिसती आम जनता है। … यूरोप में खाने पीने के सामान डबल रेट हो गए है, एडिबल ऑयल की शॉर्टेज है। गैस, डीजल, पेट्रोल के दाम तो विदेशो में 2 गुने हो गए है। … रूस और यूक्रेन का युद्ध अब सबको frustrate कर रहा है। .. क्योंकि इसमें न कोई जीतेगा न कोई हारेगा।

यूक्रेन तबाह हो चुका है। … रूस प्रतिबन्धों के चलते बर्बाद हो जाएगा। यूरोप महंगी एनर्जी और डिफेंस पर बढ़े इन्वेस्टमेंट के चलते भारी नुकसान उठाएगा । .. भारत समेत, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अविकसित देश, इस महँगाई में जबरदस्ती पिसेंगे। .. इस बीच महंगाई को नियंत्रण में लेने को आज RBI ने भी REPO रेट बढ़ा दिया है। इससे ब्याज दरें महंगी होंगी।

केवल हथियारो के सौदागरों के अलावा, किसी के हाथ कुछ नही आना। … भूख, मौत, गरीबी, अनाथ बच्चे और तबाही। .. प्रभु सब पक्षो को सद्बुद्धि दे जो यह पागलपन खत्म है।



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One comment on “हालत बहुत गंभीर है वरना इतनी बदहवासी में रेपो रेट और सीआरआर न बढ़ाते!”

  • Jaise to Taisa…..Jee ye mai kah raha hu apne liye, aam janta ke liye jo hindu muslim, mandir masjid ke naam par marne -maarne ko taiyar ho jaati hai magar ees badti betahasa mahngayee par “mahngayee bahut ho gayee hai” kahata hua chaddar taan ke so jata hai.
    To fir ham so gaye to sarkar bhi so gayee.
    Kuchh log kahte hai ki pure world me mahngayee ho rahi hai… to kya kare bhukhe sone lage….Bhaad me jayee world…
    Indian Govt kahti hai Ye project bana diya wo mandir bana diya, pure world me Bharat ka danka baj raha hai…. to kya kare ham nache…
    Pariwar ke kharcho ke liye Salary puri nahi pad rahi, Home loan Intreset upar se pur maar raha hai…
    Kuch bhi ho magar ham sirf Hindu Muslim ke liye hi jagte hai…Baki na kal ham jaage na aaj jagenge..1000 Rs. ka LPG lekar 111 Rs. Petrol lekar, Home loan ki badi huyee EMI dekar mast aaraam se soyenge.

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