मोदी जी, आम आदमी के साथ इत्ता बड़ा “ब्लंडर” तो AAP वालों ने भी नही किया था जैसे आप कर रहे हो..

परम आदरणीय मोदी जी..

प्रणाम

ये आपको क्या हो गया है…

चुनाव के पहले और चुनाव के बाद आपकी स्थिति तो सस्ते अखबार में आने वाले
“शादी के पहले और शादी के बाद”
वाले विज्ञापन जैसी हो गयी है..

कहाँ वो मोदी था, जो अपने भाषणों में माँ-बेटे की सरकार पर हमले बोलता नहीं थकता था,
कहाँ ये मोदी है कि चहुँओर से खुद जिसकी सरकार पर हमले किये जा रहे हैं और वो खामोश है..

हमने तो जिस मोदी को देखा था, वो अपने भाषणों में ताल ठोककर कहता था कि “100 दिन के लिए सत्ता दे दो, काला धन वापस न आये तो मुझको फाँसी दे दो”..
प्रिय मोदी जी हमको बताइये कि हम रस्सी का आर्डर कहाँ दे और किसको दें?
आपके अम्बानी को या आपके अडानी को?

चुनाव पूर्व भाषणों में आप कहते थे की काले धन का पंद्रह पंद्रह लाख सबके खाते में आएगा..
पड़ोस के उपाधिया जी ने आपकी बातों में आकर बेटी की शादी के लिए बचाया धन बाज़ार में लगा दिया और अब आपके हम्प्टी-डंपटी का कहना है की वो 15 लाख वाली बात तो महज़ “सियासी जुमला” थी..!

मोदी जी.. आम आदमी के साथ इत्ता बड़ा “ब्लंडर” तो “आम अमरुद पार्टी”(AAP) वालों ने भी नही किया था जैसे आप कर रहे हो..

“बहुत हुआ बेटी पर वार,
अबकी बार मोदी सरकार”..
हमने जोश में आकर इस नारे पर भरोसा कर लिया था मोदीजी..
अभी आपकी सरकार को 200 सौ दिन भी ना हुए थे कि मुम्बई में एक महिला रिपोर्टर को कुछ भेड़िये खेंच कर ले गए अपनी मांद में, उसका शिकार करने..
एक 70 साल की नन को बंगाल में दरिंदों द्वारा अपनी हवस का शिकार बना लिया जाता है, आप फिर भी मौन..
आपकी नाक के नीचे दिल्ली में बलात्कार होता रहा और आपका चुनावी जुमला हमारे “कानों” पर साँप बनकर लोटता रहा..

मोदीजी, उधर आपके “बड़के अब्बा” कह रहे हैं की रेप भारत में नही इंडिया में होता है..
हम कहाँ जाएँ अपनी माँ बहनी को लेकर मोदीजी..
भारत का पता कहाँ मिलेगा?

“मैं देश नही बिकने दूँगा”..
साहब कैसे नही बिकने देंगे?
कभी एफडीआई पर संसद में हंगामा करने वाली आपकी पार्टी सत्ता में आते ही, हर सरकारी सेक्टर में एफडीआई की हिमायत करने लगी..
वो भी बिना चर्चा के सीधे अध्याधेश के माध्यम से..
आप यकीन जानिए, ये ख़बर सुनते ही मेरे घर में रहने वाले गिरगिट ने आत्महत्या कर ली, रेलवे का निजीकरण करने जा रहे हो मोदीजी..
अडानियों का क़र्ज़ माफ़ हो रहा है..
किसानों की ख़ुदख़ुशी बढ़ती जा रही है..

आपके ब्रांड अम्बेसडर थे एक बाबा, आँख मार मारकर पूरे देश को उल्लू बना गए वो मोदीजी..
पेट्रोल की क़ीमत आधी करने को कहा था..
अरे आपसे अच्छा तो “मनमोहन जी” थे मोदीजी..
जो 145 डॉलर प्रति बैरल तेल को यहाँ आपसे सस्ते में बेचा था..
अब 50-60 ₹ प्रति बैरल को आप उससे ज़्यादा में बेच रहे हो मोदीजी..

कहाँ गया महंगाई कम करने का टोला आपका,
बाइक घर पे ताला लगाकर खड़ी करदी है मोदीजी..

इसी फिट्टे मुँह से आपने चुनावी भाषण में “छप्पन इंच” की छाती का हवाला देते हुए कहा था पाकिस्तान के हमले पर कांग्रेस ख़ामोश है..
पाकिस्तान के हमले होने बन्द हो गए क्या मोदीजी..?
कित्ती साड़ियाँ जमा कर लीं आपने वैसे अब तक..?

जिन आर्थिक नीतियों के चलते आपकी पार्टी के प्रवक्ता देश को बर्बाद कर देने का आरोप लगाया करते थे, उन्ही नीतियों को बड़े प्यार से पॉलिश करके आगे बढ़ा रहे हो आप..
बड़े सयाने हो..

ख़ाली ख़ज़ाना छोड़ कर गयी थी कांग्रेस..
उस ख़ाली ख़ज़ाने में से भूटान और नेपाल को हज़ारों करोड़ दे गए जादूगर मोदीजी..
ऐसा जादू देश की महंगाई कम करने में दिखाओ न प्यारे..

कैसा भोला सा मुंह बनाकर आये थे तुम, कहा था “अच्छे दिन आने वाले हैं”..
कैसे अच्छे दिन , कहाँ के अच्छे दिन..
यहाँ तो ससुरा जो कुछ अच्छा था वो भी आपकी असीम अनुकम्पा से कचरा हुई गवा..
जो सब्ज़ी 10/- ₹ किलो मिलती थी आज वही 30/- ₹ के भाव मिल रही है मोदीजी..
कब आएँगे अच्छे दिन..!

आपने कहा था आप तरक़्क़ी लाएँगे..
हमने आपका नाम हिंदी में “विकास के पापा” और उर्दू में “तरक़्क़ी के अब्बा” रख दिया..
लेकिन ये क्या, नौ महीने पूरे होते ही आपने विकास की जगह ये फूटे भाग वाला नसीब जन दिया..
अब हम ग़रीब लोग अपना फूटा नसीब लेकर कहाँ जाएँ मोदीजी..

नसीब से याद आया..
एक तो आपकी चलहत्तरबाज़ियों से मन उदास था ही..
तिस पर आसमान को भी हम पर तरस ना आया..
हुमक के बिन मौसम बरसात हो गयी मोदीजी..
सारा खड़ा गेंहू लेट गया..
अब हम किसान क्या करे..
हम भी किसी क़ब्र में लेट जायेंगे..
क्योंकि क़र्ज़ तो हमने चुकाना ही है ना मोदीजी..
हम क़र्ज़ नहीं चुकाएँगे..
ब्याज नहीं देंगे तो अडानी को जो झव्वा भर आपने सब्सिडी देनी है उस का जुगाड़ कैसे होगा..?
अगले चुनाव के लिए चंदे का जुगाड़ कैसे होगा..?

अच्छा अब आपके बैंक वाले एजेंट घर पर आते होंगे मोदीजी..
हम अब दरवाज़ा अंदर से बंद कर रहे हैं..
बीवी बच्चे सो गए हैं मोदीजी..
ये सुबह उठ जायेंगे..
मैं भी सोने जा रहा हूँ..
लेकिन मैं अब न उठ सकूँगा मोदीजी..

मुझे माफ़ कर दीजिएगा..
मैं आपके अडानी के लिए सब्सिडी का जुगाड़ न कर सका..
मेरी फसल बारिश ने बर्बाद कर दी है..
अगले जन्म में मनुष्य योनि मिली तो मैं फिर से आपका उजरती ग़ुलाम बनकर ये क़र्ज़ भी चुका दूँगा..

मैंने तो आपको कबका माफ़ कर दिया है,
पर उस ईश्वर की अदालत में आपको और आपके चंडाल चौकड़ी को कभी माफ़ी नहीं मिलेगी..

अच्छा अब इजाज़त दीजिए..
फंदा

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं
  • भड़ास तक कोई भी खबर पहुंचाने के लिए इस मेल का इस्तेमाल करें- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *