अजित पवार को क्लीन चिट देने पर उठे सवाल- क्या PM भी भ्रष्टाचारियों के साथ?

Narendra Nath Mishra : और…. इसी के साथ अन्ना मूवमेंट के बाद शुरू हुआ एन्टी करप्शन मूवमेंट आज समाप्त हो गया। अजित पवार को आज आनन फानन में हज़ारों करोड़ के सिंचाई घोटाले में क्लीन चिट मिल गयी। महाराष्ट्र में मोदीजी के अगुवाई में इसे ही बीजेपी ने सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था। इसके बाद कायदे से सभी नेताओं के खिलाफ केस वापस हो जाना चाहये।

Soumitra Roy : 95 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले के आरोपी अजीत पवार को, जिनको देवेंद्र फडणवीस और नरेंद्र मोदी जेल में चक्की पिसवाने की बात कहते थे, आज सिंचाई घोटाले में ACB से क्लीन चिट मिल गई। पहली बार देश का प्रधानमंत्री खुलेआम भ्रष्टाचारियों के साथ खड़ा है।

Girish Malviya : तो यह डील थी… आज से लगभग साल भर पहले 28 नवंबर 2018 को महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्व उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को 70 हजार करोड़ के कथित सिंचाई घोटाले में आरोपी ठहराया था. अजित पवार एनसीपी के उन मंत्रियों में शामिल रहे, जिनके पास महाराष्ट्र में 1999 से 2014 के दौरान कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार में सिंचाई विभाग का प्रभार था. हाईकोर्ट में अभी भी इस मामले की जांच चल रही है. डिप्टी सीएम बनने के 48 घंटे बाद अजित पवार को सिंचाई घोटाले से जुड़े 9 मामलों में क्लीनचिट दे दी गई है.

Jitendra Narayan : विदेशी चंदा को वैध बनाने वाले, इलेक्टॉरल बॉण्ड रुपी मनी लॉण्ड्रिंग का तरीक़ा देश में लागू करने वाले, सूचना के अधिकार की ऐसी-तैसी करने वाले, 29 बैंक लुटेरों को देश से भगाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आप आशा कर रहें हैं कि वो देश को भ्रष्टाचार मुक्त बना देंगे? अपने-आपको धोखा देना ठीक है… मगर पूरे देश को धोखे में रखने का प्रयास मत कीजिए!

Vivek Kumar : महाराष्ट्र से खबर है कि सिंचाई घोटाले की सभी फाइलें बंद कर दी गई हैं… बीजेपी का अजित पवार को जबरदस्त तोहफा… भ्रष्टाचार के आरोपों में क्लीन चिट मिली… महाराष्ट्र से खबर आ रही है कि सिंचाई घोटाले के आरोपी अजित पवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणविस की सरकार ने क्लीन चिट दे दी है और करोड़ों रुपए के सिंचाई घोटाले की सभी फाइलें बंद कर दी गई हैं। महाराष्ट्र सरकार ने करोड़ों रुपए के सिंचाई घोटाले में अपने डिप्टी सीएम एनसीपी के अजित पवार को क्लीन चिट दे दी है। इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया गया है और घोटाले से जुड़ी सभी फाइलें बंद कर दी गई हैं।

इस बारे में शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर इसे सत्ता का खेल करार दिया है। उन्होंने अजित पवार को क्लीन चिट देने वाले शासनादेश की प्रति शेयर करते हुए कहा है कि “ वाह वाह सत्ता का खेल, अब पता चल क्यूँ हुआ ये मेल, जाँच हुई फेल, ना लेनी पड़ेगी कोई बेल ”

महाराष्ट्र के दूसरी बार उप मुख्यमंत्री बने अजित पवार पर सैकड़ों करोड़ के सिंचाई घोटाले का आरोप है और बीजेपी इस मुद्दे पर उनको कई बार घेरती रही है। बीजेपी जब महाराष्ट्र में विपक्ष में थी तब से ही अजित पवार को घेरती रही है। इतना ही नहीं एमएससीबी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार और अजित पवार समेत 70 अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।

उधर, खुद अजित पवार ने स्पष्ट किया है कि उनके जौ नौ केसेज वापस लिए गए हैं, वह महाराष्ट्र से बाहर के थे. इसी बाबत एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारी ने भी सफाई दी है…

देखें दोनों का पक्ष…

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