मुजफ्फरपुर जिले में पत्रकारिता की हालत दयनीय

श्रीमान चुनाव आयुक्त
बिहार

महोदय,

मैं अभय राज बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में वर्ष 2015 से बतौर संवाददाता कार्य कर रहा हूँ।

मुजफ्फरपुर ज़िला में अब पत्रकारिता की स्थिति दयनीय हो गई है। जिला में करीब 50 से ज्यादा FACEBOOK PAGE, SOCIAL MEDIA PAGE संचालित किए जा रहे हैं. संचालित करने वाले ज्यादातर ऐसे लोग हैं जो अभी तक ग्रेजुएट भी नहीं हैं. साथ ही कुछ लोगों को छोड़कर ज्यादातर के पास पत्रकारिता की डिग्री भी नहीं है। शुद्ध तरीके से 5 लाइन खबर भी नहीं लिख सकते हैं।

ज़िले में सोशल मीडिया पर एक पेज बना कर पत्रकारिता का धंधा जोरों से चलाया जा रहा है। तथाकथित पत्रकारों और शराब माफियाओं द्वारा मोटरसाइकिल व कार पर प्रेस लिखवा कर आसानी से शराब की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाई जा रही है। गाड़ी पर प्रेस लिखा होने के कारण पुलिसकर्मी गाड़ी की चेकिंग नहीं करते हैं। इस कारण शराब माफिया पुलिस के आँख में धूल झोंक कर बड़े आराम से शराब का कारोबार कर रहे हैं।

मुजफ्फरपुर ज़िला में पत्रकारिता की छवि धूमिल होती जा रही है। पत्रकारिता का बाज़ारीकरण चरम पर है। आए दिन हम लोगों (डिग्रीधारी पत्रकारों) को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। कई अपराधी भी “FACEBOOK PAGE” चला रहे हैं। ये लोग पत्रकारिता के आड़ में अपना कारोबार चलाते हैं। समय रहते इस पर कार्यवाई करना जरूरी है।

कई राजनीतिक पार्टियों/उम्मीदवारों के द्वारा भी मुजफ्फरपुर ज़िला में “FACEBOOK PAGE” चलाया जा रहा है। साथ ही चुनाव के दौरान जनसंपर्क विभाग (मुजफ्फरपुर और पटना) के द्वारा उन्हें प्राधिकार पत्र भी निर्गत कर दिया जाता है, जिसे चुनाव के दौरान अवैध तरीके से अपने फायदा के अनुसार उम्मीदवार उसे प्रयोग में लाते हैं। यह जांच का विषय है।

अभय राज
पत्रकार
मुजफ्फरपुर, बिहार
मो0 -7004806151

उपरोक्त पत्र को चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिप्लाई भेजा-



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