‘न्यूज़ इंडिया’ चैनल में ये कौन-सी पत्रकारिता? एमडी दीक्षा शर्मा के जन्मदिन पर स्पेशल कवरेज, रोटी बेल रहे संपादक!

पत्रकारिता के मानदंडों और प्रोफेशनलिज्म के मापदंडों को कैसे ताक पर रखा जा सकता है, इसकी मिसाल न्यूज़ इंडिया चैनल ने पेश की है. राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल न्यूज़ इंडिया प्राइम टाइम में स्क्रीन पर अपनी एमडी दीक्षा शर्मा को कह रहा है Happy Birth Day. इस चैनल के कर्ता-धर्ता जयपुर में बैठे हैं और जयपुर की रहने वाली एमडी दीक्षा शर्मा ने इस चैनल को धीरे-धीरे निजी मिल्कियत में बदल लिया है.

बताया जा रहा है कि चैनल में एडिटोरियल टीम में भारी बदलाव तो किया गया है लेकिन नई टीम को भी दीक्षा शर्मा की दखलंदाजी की वजह से काम करने का मौका नहीं मिल पा रहा है. 2 जून को दीक्षा शर्मा के जन्मदिन पर जिस तरह से कवरेज की गई है, वो हैरान करती है. चैनल का मैनेजमेंट आज तक और रिपब्लिक भारत बनने के ख्वाब देख रहा है लेकिन जब प्रोफेशनलिज्म दिखाने की बारी आती है तो सब पीछे हट जाते हैं.

लखनऊ में दीक्षा शर्मा के बर्थ डे पर विजयश्री फ़ाउंडेशन ने कुछ कार्यक्रम रखा. लखनऊ के पत्रकारों की पूरी टीम को वहाँ पूरी छाँकने में लगा दिया गया. इन तस्वीरों को राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल पर इस तरह से दिखाया गया, मानो ये बहुत बड़ी उपलब्धि है. न्यूज़ इंडिया में जो प्रोफ़ेशनल काम कर रहे हैं, वो इस तरह के रवैये से बेहद नाराज़ हैं.

कुछ लोग कहते हैं जनमत टीवी में ऐसे ही किसी निजी शादी को कवर करने की गुस्ताखी की थी, तब पत्रकारों ने सख्त विरोध दर्ज कराया था. लेकिन अब तो ये रवायत भी ख़त्म होती दिख रही है. ग़रीबों को खाना और तीन वाटर कूलर का दान अगर नेशनल न्यूज़ चैनल की ख़बर बनती है तो फिर न्यूज़ इंडिया का भगवान ही मालिक है.

आपको बता दें सेवा परमो धर्म के सूत्र वाक्य के साथ दीक्षा शर्मा के जन्मदिन को प्रसारित किया गया. लिखा गया कि न्यूज़ इंडिया ने समाज सेवा का उठाया ज़िम्मा. ये वही चैनल है जिसे दिल्ली से रिलॉन्च किए साल भर का वक़्त भी नहीं गुजरा है. कई कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस के निकाल दिया गया, कइयों का फ़ुल एंड फ़ाइनल नहीं किया गया और कई कर्मचारियों की सैलरी में बेवजह कटौती की गई.

अगर समाजसेवा की शुरुआत ही करनी है तो एमडी दीक्षा शर्मा और न्यूज़ इंडिया के मैनेजमेंट को घर से करना चाहिए. सबसे पहले इन कर्मचारियों का फ़ुल एंड फ़ाइनल राशि देनी चाहिए. न्यूज़ इंडिया की इस रिपोर्ट ने पुराने ठगे गए कर्मचारियों के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है.

देखें स्क्रीनशॉट-

एडिटर साहब रोटी बेल रहे हैं…नाम है चंद्रसेन वर्मा

वीडियो लिंक-

https://youtu.be/sOyMB_hk3d0

भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code