सावधान, इस मीडिया कंपनी में नौकरी करने न जाना, सेलरी नहीं देते!

नमस्कार,

मैंने कुछ दिनों पहले आपकी वेबसाइट पर एक खबर पढ़ी थी। खबर एक मीडिया कंपनी के हिंदी चैनल इंडिया न्यूज और अंग्रेजी Newsx के कर्मचारियों के वेतन को लेकर थी। मैं उसी क्रम में आगे आपको कुछ बताना चाहूंगा। मेरे बहुत से साथी हैं जो आपकी पोस्ट पढ़ते हैं। मुझे खुशी होगी कि इंडिया न्यूज की सच्चाई सबको पता लगेगी और कुछ लोग उनके चंगुल में नही फंसेंगे।

बात जनवरी के आखरी सप्ताह की है। मेरे पास इंडिया न्यूज के HR (प्रियंका बैंस) की कॉल आती है। कॉल पर वो मुझे कहते हैं- “आप **** बोल रहे हैं’। मैंने कहा- जी बोल रहा हूँ। फिर उन्होंने मुझे नीचे अपने डेस्क पर आने को कहा।

मैं उनकी डेस्क पर गया। जाते हुए मैं समझ गया था कि उन्होंने मुझे क्यों बुलाया है। मैं वहाँ पहुंचा तो जाते ही उन्होंने मुझे कहा कि आपको रिजाइन करना होगा। मैंने पूछा सिर्फ मैं ही क्यों? मैंने ये प्रश्न इसलिए पूछा क्योंकि मेरी तनख्वाह इतनी ज्यादा नहीं थी। मेरे से ज्यादा तनख्वाह वाले लोग वहां थे जो कुछ काम भी नहीं करते थे। मेरे काम का रिकॉर्ड वहाँ सब जानते थे।

उन्होंने कहा कि आपका नाम ऊपर से डाला गया है। आपको कंपनी छोड़नी पड़ेगी। मैने कहा ठीक है लेकिन मेरी 3 महीने की तनख्वाह तो दो। उन्होंने कहा कि वो हम जल्द से जल्द दे देंगे। इंडिया न्यूज पिछले कई महीनों से कर्मचारियों का वेतन नहीं दे रहा बल्कि पैसे रोक के उन्हें निकाल रहा है।

फिर भी मैन प्रियंका बैंस की बात मानी और रिजाइन मेल कर दिया। अब मार्च का महीना शुरू हो चुका है। मैं HR को फोन करता हूँ तो वो मेरा फोन नहीं उठाते।

बाकी वहां जो लोग अभी काम कर रहे हैं, उनके पैसों पर भी कुंडली मारी हुई है उन्होंने।

ये लोग जो काम कर रहे उन्हें तो पैसे नहीं दे पा रहे हैं लेकिन नए लोगों की भर्ती के लिए फेसबुक पर पोस्ट डाल रहे हैं. जब पहले वाले कर्मचाइयो को पैसे दे नहीं पा रहे तो और लोगों को भर्ती कहाँ से करेंगे। मैं साथ में उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी शेयर कर रहा हूँ जिसमें हायरिंग का कंटेंट है।

मार्केट में जॉब ना होने के कारण जो तकलीफ हमें झेलनी पड़ रही है, उसे ये लोग भली भांति अवगत हैं। पहले 3 महीने के पैसे रोके और फिर नौकरी से निकाल दिया। अब सोशल मीडिया पर लोगो को भर्ती करने के लिए विज्ञापन डाल रहे हैं। कम से कम हमारे पैसे हमें दो ताकि जीवन यापन में थोड़ी आसानी हो जब तक दूसरी नौकरी ना मिल जाए। लेकिन जो HR के लोग उस समय वेतन के लिए आश्वासन दे रहे थे वो आज फोन तक नहीं उठा रहे।

मैं चाहूंगा आप ये खबर छापें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि लोग ऐसे फ्रॉड्स के झांसे में ना आयें।

आभार

इंडिया न्यूज में कार्यरत रहे एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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