Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

19 साल पूरे होने पर आउटलुक ने शानदार विशेषांक निकाला

Vineet Kumar : रॉबिन जेफ्री की किताब मोबाईल नेशन के बाद सबसे बेहतरीन कंटेंट… आपने अभी तक आउटलुक का ये अंक नहीं खरीदा है तो खरीदकर रख लीजिए. आउटलुक पत्रिका की जिस साल शुरुआत हुई थी, उसी साल हिन्दुस्तान में मोबाईल आया था. पत्रिका ने ये बेहतरीन काम किया कि अपने 19 साल को लेकर ढोल-मंजीरा बजाने के बजाय 19 साल में बनती-बदलती हिन्दुस्तान की दुनिया पर अलग-अलग एंगिल से बेहतरीन लेख, इंटरव्यू और फीचर प्रकाशित किए हैं..इस पत्रिका को अगर किताबी शक्ल दे दी जाए तो हर लाइब्रेरी के लिए एक जरूरी किताब होगी.

Vineet Kumar : रॉबिन जेफ्री की किताब मोबाईल नेशन के बाद सबसे बेहतरीन कंटेंट… आपने अभी तक आउटलुक का ये अंक नहीं खरीदा है तो खरीदकर रख लीजिए. आउटलुक पत्रिका की जिस साल शुरुआत हुई थी, उसी साल हिन्दुस्तान में मोबाईल आया था. पत्रिका ने ये बेहतरीन काम किया कि अपने 19 साल को लेकर ढोल-मंजीरा बजाने के बजाय 19 साल में बनती-बदलती हिन्दुस्तान की दुनिया पर अलग-अलग एंगिल से बेहतरीन लेख, इंटरव्यू और फीचर प्रकाशित किए हैं..इस पत्रिका को अगर किताबी शक्ल दे दी जाए तो हर लाइब्रेरी के लिए एक जरूरी किताब होगी.

पत्रिका के अलग-अलग लेखों से गुजरते हुए हम बेहतर ढंग से समझ पाते हैं कि जो मोबाईल अपने शुरुआती दौर में बेहद जरूरी बात करने, ओहदे और स्टेटस सिंबल के रुप में समाज में इन्ट्री ली वो कैसे धीरे-धीरे उन तमाम ठिकानों में घुसता चला गया जिसके बारे में आप मोबाईल के बिना सोच भी नहीं सकते..ये हमारी समझ,शैली और रोजमर्रा की जिंदगी को बदलने के साथ-साथ पारंपरिक माध्यमों और पेशे को कैसे बदल रहा है, ये सब जानने के लिए इसे जरूर पढ़ा जानी चाहिए.

युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार के फेसबुक वॉल से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन