पत्रकार शाहनवाज हसन पर आधा दर्जन पत्रकारों का पैसा न देने का आरोप!

झारखण्ड में पत्रकार संगठन के नाम पर दुकानदारी चलाने वाले झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन का स्वघोषित नेता शाहनवाज़ हसन ने रांची के मीडिया कर्मियों का लाखों रुपया हड़प लिया है. अपने मेहनत की गाढ़ी कमाई के लिए आधा दर्जन से भी ज़्यादा लोग परेशान हैं.

गत वर्ष शाहनवाज़ ने भोपाल से प्रसारित न्यूज़ चैनल न्यूज़ वर्ल्ड का फ्रेंचाइजी झारखण्ड में लिया था. तीन महीने काम कराने के बाद शहनवाज़ ने हरमू रोड स्थित चैनल के दफ़्तर का शटर गिरा दिया. अपने आप को पत्रकारों का नेता बताने वाला शाहनवाज़ फिलहाल गायब है.

एक सीनियर पत्रकार प्रभात जायसवाल का तीन महीने का बकाया न मिलने के कारण वह अपने पिता का इलाज ठीक से नहीं करा पाए. इसके चलते पिताजी गुजर गए. प्रभात खुद भी गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती थे तो भी उनका बकाया पैसा नहीं दिया.

शाहनवाज़ खुद को झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन नाम के एक पत्रकार संगठन की आड़ में बचा रहा है. वह इसी संगठन की आड़ में ग्रामीण पत्रकारों की आंखों में धूल झोंक रहा है. आधा दर्जन पत्रकारों सहित उन पत्रकारों का वह मुजरिम है जिन्हें उसने अपनी धूर्तता से ठगा है. जिन पत्रकारों का पैसा लेकर वह फरार है, उन पत्रकारों के नाम इस प्रकार हैं-

  1. सुबोध कुमार( आईटी कम कैमरामैन) छतीस हज़ार
  2. चंदन वर्मा (रिपोर्टर कम कैमरामैन) दस हज़ार
  3. राजेश कृष्ण (सीनियर रिपोर्टर) इकीस हज़ार
  4. प्रभात रंजन(रिपोर्टर) छतीस हज़ार
  5. कल्याणी सिंघल(मार्केटिंग एग्जक्यूटिव) बीस हज़ार
  6. मृणाल कुमार (ऑफिस बॉय) दस हज़ार
  7. रामेश्वरम प्रिंटर, रांची तीस हजार
  8. प्रभात एडवरटाइजिंग नब्बे हज़ार
  9. अरविंद (ब्यूरो हेड) पचहत्तर हज़ार

पत्रकार अरविंद प्रताप की रिपोर्ट. संपर्क : journalistranchi@gmail.com , 9471584457


इन आरोपों पर पत्रकार शाहनवाज हसन का क्या कहना है, पढ़ने के लिए नीचे दिए शीर्षक पर क्लिक करें-

मेरे पर आरोप लगाने वाले अरविंद गुप्ता उर्फ अरविंद प्रताप की असलियत जानें : शाहनवाज़ हसन

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Comments on “पत्रकार शाहनवाज हसन पर आधा दर्जन पत्रकारों का पैसा न देने का आरोप!

  • Shahnawaz Haasan says:

    प्रिय यशवंत जी, अरविंद प्रताप उर्फ अरविंद गुप्ता मुझ से वर्ष 2016 में पहली बार मिला था।तब मैं न्यूज़ वर्ल्ड का झारखण्ड ब्यूरो था।लंबे समय से वह बेरोज़गार था और मुझ से कहीं नौकरी लगाने की गुहार लगा रहा था।मैं ने इस युवक पर तरस खाकर चैनल में न्यूज़ डेस्क देखने के कार्य पर न्यूज़ वर्ल्ड में लगवाया था।इसे जो कार्य सौंपा गया उसे पूरा करने में असक्षम रहा।इसने वर्ष 2017 सितंबर में ही किसी अन्य संस्था को जॉइन कर लिया जिसका प्रमाण मौजूद है।अरविंद गुप्ता को न्यूज़ वर्ल्ड में कार्य करते हुये 25000₹ सैलरी के रूप में अगस्त तक भुगतान किया गया जिसकी जानकारी मुझे चैनल के एकाउंट्स से मिली है।मैं इस चैनल में ब्यूरो प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था,इस चैनल का मैं मालिक नहीं था।जब जब रांची प्रेस क्लब का चुनाव समीप आता है तब तब यह इस तरह का दुष्प्रचार केवल Lime Light में बने रहने के लिये करता है।पिछले प्रेस क्लब चुनाव से पूर्व भी वह यही कर रहा था उसके बावजूद उसकी ज़मानत ज़ब्त हो गयी।स्वयं को पत्रकार बताने वाला यह व्यक्ति पंचायत चुनाव में भी अपनी ज़मानत ज़ब्त करवा चुका है।इसके विरुद्ध पत्रकारों ने दो वर्ष पूर्व ही झारखण्ड के सभी जिलों में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी। इसके ऊपर धमकी देने का भी मामला दर्ज है,यह बदनाम करने की धमकी देकर वसूली करना चाहता था जिसका प्रमाण भी मौजूद है।इसके विरुद्ध और भी कई शिकायतें मिली हैं जिसपर कार्यवाई के लिये लिखित शिकायत दर्ज की गई है। यशवंत जी मैं चैनल का मालिक नहीं हूं एक पत्रकार एंव ब्यूरो के रूप में जुड़ा था वर्तमान में एक दैनिक समाचार पत्र में मैं राजनीतिक संपादक हूँ और मेरा कार्यक्षेत्र दिल्ली है।

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  • श्यांश says:

    अरविंद प्रताप पिछले 2 वर्षों से ऐसा दुष्प्रचार कर रहा है।शाहनावज़ हसन चैनल के ब्यूरो प्रमुख थे मालिक नहीं,शाहनावज़ जी के माध्यम से नौकरी पाने के बाद झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन में वह प्रदेश संयुक्त सचिव के पद पर आसीन होकर अपनी मनमानी चलाना चाहता था जब उसकी नहीं चली तो वह रजत गुप्ता के पत्रकार संगठन में जुड़ गया।न्यूज़ वर्ल्ड में मैं भी जिला ब्यूरो के रूप में कार्य कर रहा था उसकी यह सूचना पूरी तरह निराधार है।केवल प्रेस क्लब के चुनाव के लिये वह इस तरह का दुष्प्रचार कर रहा है।उसके विरुद्ध सभी जिलों में शिकायत भी दर्ज है।

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  • अरविंद प्रताप उर्फ़ अरविंद गुप्ता न्यूज़ वर्ल्ड और झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन में एक षड्यंत्रकारी के रूप में जुड़े थे।अरविंद गुप्ता को JUJ के अध्यक्ष रजत गुप्ता ने षड्यंत्र रचने के लिये ही भेजा था।जब वह इसमें असफ़ल रहे तो वह ऐसा दुष्प्रचार केवल प्रेस क्लब के चुनाव लड़ने के लिये करने लगे।प्रेस क्लब के चुनाव में ज़मानत ज़ब्त होने के बाद वह पंचायत चुनाव में भी अपनी ज़मानत ज़ब्त करवा बैठे।शाहनावज़ हसन चैनल के ब्यूरो प्रमुख थे और मैं धनबाद जिला ब्यूरो प्रमुख था, शाहनावज़ जी मालिक नहीं थे।उस मक्कार और जालसाज़ व्यक्ति के कारण कई पत्रकार बेरोज़गार हो गये, वह स्वयं तो हर महीने 25000₹ लेता रहा पर किसी अन्य पत्रकार की चिंता कभी नहीं की।वह केवल शब्दों से खेलना जानता है।उसके विरुद्ध कई जिलों में शिकायत दर्ज है।

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  • हिमांशु सिंह says:

    श्रीमान,गंगा मेंं किचड उछालने से गंगा गंदा नहीं होती।खुद गंदगियां फेकने वाले व फैलाने वाले गंदा होतें हैं।आपको शहनाज हसन क्या हैं वो बताना चाहता हूं।जाकर पुछो उस अबला विधवा औरत से बुढे माता पिता से अनाथ बच्चों से जिसके पिता,पति व बेटा कलम के सिपाही सच्चाई लिखने मेंं अपनी आहुति दी है।उनका मात्र एक आशा कि किरण शहनवाज हसन है।आंचलिक पत्रकारों को बताने की जरूरत नहीं है शहनवाज हसन के बारे मेंं।तुम जैसों को दुकानदारी नहीं चलने दिया गया।तो दुष्प्रचार करना शुरु कर दिया।पहले अपनी गिरेबान झांक कर देखो।आंचलिक पत्रकारों के यान शान बान हैं शहनवाज हसन।

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    • rajesh murmu says:

      शहनबाज हसन पर जमशेदपुर में कोई केस भी चल रहा है न , शायद देशद्रोह का ?

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  • हिमांशु सिंह says:

    अरविंद प्रताप उर्फ़ अरविंद गुप्ता पिछले 2 वर्षों से दुष्प्रचार कर रहा है।शाहनावज़ हसन चैनल के मालिक नहीं ब्यूरो प्रमुख थे,हज़ारों करोड़ के चैनल के मालिक शाहनावज़ हसन कैसे हो सकते हैं ? चैनल में उन्हें ब्यूरो के रूप में रखा गया था।शाहनावज़ जी के माध्यम से नौकरी पाने के बाद झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन में वह बार बार गिड़गिड़ा कर पद देने की मांग करने लगा,एक षड्यंत्र के तहत वह न्यूज़ वर्ल्ड और झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन से जुड़ा था।वह अपनी मनमानी चलाना चाहता था जब उसकी नहीं चली तो वह रजत गुप्ता के पत्रकार संगठन में जुड़ गया।कभी पंचायत चुनाव लड़ता है कभी दूसरों को धमकी देता है यही उसका असली चाल चरित्र है।

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