पीएमसी बैंक घोटाले के 12 डायरेक्टर्स के बीजेपी से संबंध, एक गिरफ्तार

Girish Malviya : पीएमसी बैंक घोटाला मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सरदार तारा सिंह के बेटे (मुलुंड क्षेत्र से) डायरेक्टर रंजीत सिंह को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। बैंक का एक डायरेक्टर होने के अलावा रंजीत बैंक की लोन रिकवरी कमेटी के सदस्य भी हैं। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने यह कार्यवाही की है।

जांचकर्ताओं ने पाया कि रियल्टी ग्रुप एचडीआईएल को दिए गए कर्ज पर उनके जवाब असंतोषजनक और विश्वास करने योग्य नहीं हैं। पीएमसी बैंक घोटाले में यह भी खुलासा हुआ था कि बैंक के एक नहीं दो नहीं बल्कि 12 डायरेक्टर्स के बीजेपी से संबंध है. आखिरकार भाजपा से जुड़े लोगो का इन बड़े बैंक घोटालों में लिप्तता के सुबूत सामने आ ही गया.

कुछ दिनों पहले खबर आई कि 2018-19 में मुंबई के लोढ़ा डेवलपर ने भाजपा को 4 करोड़ का चन्दा दिया है. लोढ़ा डेवलपर को अब मेक्रोटेक डेवलपर के नाम से भी जाना जाता है। इसके मालिक हैं मंगल प्रभात लोढ़ा जो देश के सबसे अमीर बिल्डर होने के साथ साथ मुंबई भाजपा के अध्यक्ष भी हैं। मुंबई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लोढ़ा मालाबार हिल से लगातार चौथी बार विधायक बने हैं। लोढ़ा ग्रुप ने ही मुंबई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रुप के साथ मिलकर 75 मंजिला ‘ट्रंप टॉवर’ बनाया है।

कुछ समय पहले ही मंगल प्रभात लोढ़ा समेत लोढ़ा बिल्डर्स के निदेशकों के खिलाफ ठगी का मामला पुलिस ने दर्ज किया था। ठाणे में दर्ज मामले के अनुसार, इन पर वक्त पर फ्लैट का कब्जा नहीं देने का आरोप लगाया गया था। बाद में यह मामला आपसी बातचीत से सुलट गया। ऐसे ही एक महिला के वीडियो यू ट्यूब पर बहुचर्चित है जिसमें उन्होंने लोढ़ा डेवलपर पर फ्लैट के कारपेट एरिये में घोटाले करने का आरोप लगाया था।

कल ही अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट एजेंसी मूडीज ने मैक्रोटेक डेवलपर्स जिसे पहले लोढ़ा डेवलपर्स के रूप में जाना जाता था, की रेटिंग एक कदम घटाकर Caa1 कर दी है. रेटिंग में कटौती यह बता रही है कि फर्म का कर्ज दायित्व बहुत अधिक क्रेडिट जोखिम के अधीन है. इस कंपनी पर 25,600 करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा है. कुछ महीने पहले ही मैक्रोटेक डेवलपर्स में 400 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है.

बहुत संभव है कि कुछ दिनों बाद इनके नाम भी सुर्खियों में आ जाएं, जो भाजपा की परंपरा रही है.

इंदौर के आर्थिक विश्लेषक गिरीश मालवीय की एफबी वॉल से.

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