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उत्तर प्रदेश

Video भ्रष्ट मित्तल पहले ही हटा दिया गया होता तो योगी को ये दिन न देखना पड़ता…

उत्तर प्रदेश में अगर भ्रष्टाचार खत्म हो गया होता तो योगी को ये दिन न देखना होता. सपा राज के भ्रष्टाचारी अफसर योगी राज में भी मलाईदार पदों पर जमे हुए हैं. फ्लाईओवर निर्माण के लिए उत्तरदायी संस्था सेतु निगम का मुखिया राजन मित्तल योगी राज में भी मौज काट रहा है. फ्लाईओवर गिरने टूटने के बाद सरकार की आंख खुली है.

मीडिया में मित्तल के भ्रष्टाचार को लेकर जब खबरें छपी तो योगी सरकार को अब जाकर मजबूरन सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल को पद से हटाना पड़ा है. कायदे से तो इसी अफसर को सस्पेंड किया जाना चाहिए था जो कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में उस्ताद माना जाता है.

सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी के कैंट क्षेत्र में हुए फ्लाईओवर हादसे के घटनास्थल पहुंचे जहां दर्जनों लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए. सीएम योगी के तेवर सख्त थे. तभी यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि कुछ अफसरों पर गाज जरूर गिरेगी. हुआ भी यही.

योगी ने सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी समेत चार लोगों को निलंबित किया. अब मित्तल को सेतु निगम के एमडी के पद से हटाया गया है. बताया गया है कि उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी जिसके बाद 6 और अधिकारियों पर भी गाज गिरना तय है.

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सवाल यह है कि बड़ी मछलियां कब नपेंगी जो सारे तालाब को गंदा किए हुए हैं. सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल को सिर्फ पद से हटाना समस्या का इलाज नहीं है. ऐसे दर्जनों भ्रष्टाचारी मित्तल योगी सरकार में बड़े पदों पर काबिज हैं. राजन मित्तल पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. बावजूद इसके मित्तल हर सरकार में मलाईदार पद पर बने रहने में कामयाब रहा.

कार्रवाई के नाम पर सिर्फ छोटे अधिकारीयों पर ही गाज नहीं गिरनी चाहिए. कार्रवाई बड़े अफसरों पर भी होनी चाहिए. इससे पहले सेतु निगम और निर्माणदायी संस्था के खिलाफ सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले में आईपीसी की दफा 304, 308, 427 और ¾ में मुकदमा दर्ज किया गया है. मुकदमे में गैर इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास, लोक संपत्ति और संपत्ति की क्षति की धाराएं भी लगाई गईं हैं.

वैसे तो राजन मित्तल को सेतु निगम के प्रबंध निदेशक के पद से तत्काल कार्यमुक्त किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं और उनकी जगह जेके श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है लेकिन क्या केवल पद से हटाना इतनी बड़ी लापरवाही की सजा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरने से हुए हादसे में दर्जन भर से ज्यादा लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हैं. इस खून की कीमत इतनी सस्ती नहीं है. जब तक भ्रष्टाचारियों को बर्खास्त कर जेल नहीं भेजा जाता, बनारस के लोग योगी-मोदी को माफ न करेंगे.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की रिपोर्ट.

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