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सड़क हादसे में असमय चल बसे पत्रकार राजुल निगम के परिजनों को वरुण गांधी ने दिया एक लाख का चेक

भारत में जहां मीडिया को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो है, लेकिन सरकारी मदद के नाम पर कुछ भी नहीं है, वहां पत्रकारों पर हमले होना, धमकी मिलना ये सब आम बात हो गयी है. स्थिति खासकर तब गंभीर हो जाती है जब किसी पत्रकार की मौत होती है. तब उसके परिजनों को बेहद लाचारगी में जीवन का गुजारा करना पड़ता है. आर्थिक सुरक्षा न होने से पत्रकारों और उनके परिजनों को कठिन स्थितियों से दो-चार होना पड़ता है. ऐसे ही एक पत्रकार के परिजनों के यहां सांसद वरुण गांधी पहुंचे.

भारत में जहां मीडिया को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो है, लेकिन सरकारी मदद के नाम पर कुछ भी नहीं है, वहां पत्रकारों पर हमले होना, धमकी मिलना ये सब आम बात हो गयी है. स्थिति खासकर तब गंभीर हो जाती है जब किसी पत्रकार की मौत होती है. तब उसके परिजनों को बेहद लाचारगी में जीवन का गुजारा करना पड़ता है. आर्थिक सुरक्षा न होने से पत्रकारों और उनके परिजनों को कठिन स्थितियों से दो-चार होना पड़ता है. ऐसे ही एक पत्रकार के परिजनों के यहां सांसद वरुण गांधी पहुंचे.

सांसद वरुण गाँधी आज सुल्तानपुर पहुंचकर में थे. उन्होंने न्यूज़24 के पत्रकार स्वर्गीय राजुल निगम के परिजनों से मुलाकात की. राजुल निगम के निजी आवास पर पहुंचे सांसद वरुण गांधी ने उनकी पत्नी श्रीमती रश्मि निगम और दोनों बच्चों से मुलाकात की. वरुण ने एक लाख रुपये की आर्थिक मदद भी परिवार को प्रदान की. आर्थिक मदद प्रदान करने के बाद वरुण ने कहा कि पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सरकारी सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए. ज्ञात हो कि तेजतर्रार युवा पत्रकार राजुल निगम की असमय मौत सड़क दुर्घटना में हो गई थी.

वरुण गांधी ने कहा कि सरकार को पत्रकारों के हित में स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा निशुल्क देने का प्रावधान करना चाहिए. सांसद वरुण गाँधी के मुताबिक पत्रकारिता देश और समाज का चौथा खंभा है और पत्रकार समाज का कुशल प्रहरी जो हर परिस्थिति में समाज हित के सरोकारों से हमको सबको वाकिफ करवाता रहता है. वह यह कार्य अपने निजी जीवन को खतरे में डालकर भी करता है. उन्होंने कहा कि जो पत्रकार ग्रामीण अंचल एवं छोटे शहरों में रहते हैं, उनकी पत्रकारिता और उनका जीवन काफी संघर्ष पूर्ण होता है. वे हर विषम परिस्थिति में अपने साहस का परिचय देते हुए जंग के मैदान और दंगों तक में अपने कर्म को करते रहते हैं. इनके हित की रक्षा करना, इनके परिवारों को सुरक्षा एवं दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक मदद प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है. भाजपा सांसद ने आश्वासन दिया कि पत्रकार सुरक्षा बिल के मुद्दे पर वे संसद में आवाज उठायेंगे. उन्होंने कहा कि वे आगामी सत्र में यह बिल सदन के पटल पर रखने का प्रयास करेंगे.

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