रिलायंस कोल ब्लॉकः प्रदूषण से चौपट खेती, लूट और अतिक्रमण के विरोध में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

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सिंगरौली। मंगलवार, 26 अगस्त, को अमलोरी स्थित रिलायंस कोल ब्लॉक के मुख्य द्वार पर कन्वेयर बेल्ट के नीचे रिलायंस और प्रशासन की वादा खिलाफी के विरोध में मुहेर और अमलोरी गांव के लोगों ने धरना दिया। इस धरने में दोनों ही गांव के सैकड़ों स्त्री-पुरूष शामिल हुए। धरना स्थल पर सुबह 7 बजे से ही लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था। इस बाबत जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी रामजी बसोर ने बताया कि यह धरना कम्पनी के द्वारा किये जा रहे अन्याय और कम्पनी को मिली प्रशासनिक शह के खिलाफ आयोजित किया गया।

रामजी ने बताया कि यह धरना आदर्श पुनर्वास नीति 2002 व राष्ट्रीय पुनर्वास नीति 2007 के अन्तर्गत 9 सूत्री मांगों को लेकर किया गया। इसमें मुख्य रूप से विस्थापित अथवा प्रभावित लोगों को स्थाई नौकरी, मंहगाई भत्ता, पेंशन, निशुल्क आईटीआई प्रशिक्षण की मांग और कम्पनी द्वारा अवैध अतिक्रमण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गयी।

मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल के बीच तहसीलदार मिलिन्द ढोके ने लिखित तौर पर आश्वासन दते हुए कहा कि वे जिलाधिकारी के सिंगरौली पहुंचते ही समस्त समस्याओं को लेकर बैठक करेगें। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि कम्पनी का व्यवहार अमानवीय और विधि विरू़द्ध है, इसका संज्ञान लिया जायेगा। धरने में उपस्थित सैकड़ों लोगों की मांग पर तहसीलदार ने यह स्वीकार किया कि उक्त बैठक में रिलायंस के उच्च अधिकारियों को भी बुलाया जायेगा ताकि शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जा सके।
 
धरने में शामिल किसान आदिवासी विस्थापित एकता मंच की सदस्य, एकता ने कहा कि पिछले कई वर्षो से सिंगरौली के लोगों पर कम्पनियों के माध्यम से अन्याय हो रहा है। इस धरने में उपस्थित लोगों का असंतोष इस बात का सबूत है कि जिला प्रशासन अपने आश्वासनों से हमेशा मुकरता रहा है। एकता ने आगे कहा कि अगर इस बार फिर ग्रामीणों की समस्या सुलझाने में लापरवाही बरती गई तो पुनः ऐसे ही धरने का आयोजन कर लम्बा संघर्ष छेड़ा जायेगा। 

धरने पर उपस्थित सैकड़ों महिलाओं ने यह बताया कि कन्वेयर बेल्ट से पैदा होते ध्वनि और वायु प्रदूषण के कारण न केवल कई गांव की खेती नष्ट हो रही है बल्कि आम जन जीवन भी अस्त व्यस्त हो चुका है। महिलाओं ने प्रशासन से इस संदर्भ में भी न्यायोचित कार्यवाही की मांग की। इस अवसर पर मुधुनी बसोर, रवि शेखर, राजकुमार समेंत भारी संख्या में लोग मौजुद रहे।

द्वारा जारी
रवि शेखर, रामजी बसोर
लोकविद्या जन आन्दोलन, कि0आ0वि0ए0मं0

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