मंत्री के टुकड़ों पर बिके जनसत्ता, अमर उजाला, जागरण, ईटीवी, हिन्दुस्तान और ज़ी न्यूज़ के रिपोर्टर

गोंडा : कई प्रदेशों में पत्रकारों को ज़मीन या फ्लैट दिया गया है, जो किसी न किसी स्कीम के तहत मिला है मगर यहां तो अंधी कट रही है। जिले के दबंग मंत्री विनोद कुमार सिंह ऊर्फ पंडित सिंह ने जनसत्ता, जी न्यूज, जागरण आदि अखबारों के पत्रकारों का मुंह बंद रखने के लिए उनके सामने चार-चार बिसवा ज़मीन के टुकड़े फेंक दिए हैं। ज़मीन पर 28 गुणा 60 फीट के प्लाट काटकर उन पर उन के मकान भी बनने लगे हैं, जबकि उन सरकारी भूखंडों का अभी उनके नाम पट्टा तक नहीं हुआ है। पंडित सिंह के टुकड़ों पर मचल उठे पत्रकारों के नाम हैं – जानकीशरण द्विवेदी (जनसत्ता/पीटीआई), अरुण मिश्रा (अमर उजाला), धनंजय तिवारी, गोविन्द मिश्रा (दैनिक जागरण), देवमणि त्रिपाठी (ईटीवी), संजय तिवारी, कमर अब्बास (हिन्दुस्तान) और अम्बिकेश्वर पाण्डेय (ज़ी न्यूज़)। 

गोंडा : चारागाह की जमीन, जिस पर शुरू हो चुका है पत्रकारों के मकानों का निर्माण

इन आठों पत्रकारों को चारागाह की सरकारी जमीन दान में दे दी गई है। जिस ज़मीन पर पत्रकार भू माफिया की तरह कब्जा कर रहे हैं, वो जमीन असल में ग्राम समाज की  है और चारागाह के नाम पर खतौनी में दर्ज है। एक मंत्री की सह पर सरकारी ज़मीन के अवैध कब्जे के इस मामले पर प्रशासन ऑखें मूंदकर बैठा है। ग्राम प्रधान, लेखपाल और डीएम से स्थानीय लोगों ने इस बाबत शिकायत भी की मगर किसी भी अधिकारी के कान पर जूं तक नही रेंग रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कानून को कानून के रखवालों ने ही ताक पर रख दिया है। उच्चतम न्यायालय ने सरकारी जमीनों पर कब्जो पर सख्त रुख अपनाते हुए देश के सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश जारी कर रखा है कि यदि कही पर भी कोई सरकारी जमीनों पर कब्ज़ा करने की कोशिश करे तो अबिलम्ब कार्यवाही करें । मगर गोण्डा में तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को दरकिनार कर उ.प्र. सरकार के मंत्री और गोण्डा जिला प्रशासन ही भूमाफिया के ज़मीन कब्जा करने में मदद कर रहा है। 

गोण्डा सदर के विधायक और प्रदेश सरकार के मंत्री विनोद कुमार सिंह ऊर्फ पंडित सिंह और गोण्डा के जिलाधिकारी अजय उपाध्याय की सह पर पत्रकार ही चारागाह की ज़मीन कब्जाने पर उतारू हैं। सुनने में तो ये भी आ रहा है कि मंत्री जी की खुद एक ज़मीन पर नज़र है, जो वह आसानी से बिना किसी रुकावट के हजम कर सकें, इसके लिए उन्होंने ये दांव खेला है। उच्चतम न्यायलय के आदेशों की धज्जियां उड़ रहीं हैं कुछ लोग सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले की शिकायत अजय उपध्याय से की तो वे  पहले तो मामले से अन्जान बने लेकिन बाद में रटा रटाया राग अलाप दिया कि यदि जमीन कब्जे़ का मामला सामने आया तो भू माफिया को चिन्हित कर तुरंत जेल भेजा जायेगा। 

गोण्डा जिले का ये मामला ग्राम पंचायत जानकी नगर का है, जहाँ पर गाटा संख्या २०१ मि -५८० मि लगभग 9920 हेक्टेयर भूमि है जो चारागाह के नाम पर दर्ज है और वह बहराइच रोड पर स्थित कोको गैस एजेंसी के पीछे पुरवा माध्यमिक विद्यालय रानी पुरवा न्याय पंचायत जानकी नगर के ठीक सामने स्थित है। इस गाँव के ग्राम प्रधान शिवबहादुर पाण्डेय से दूरभाष नंबर 9415407083 पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सरकारी भू अभिलेखो में चारागाह के रूप में दर्ज है मगर जब पत्रकार ही इसपर कब्जा करेंगे तो कोई क्या कर लेगा । लेखपाल ने तो कहा कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं है।

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Comments on “मंत्री के टुकड़ों पर बिके जनसत्ता, अमर उजाला, जागरण, ईटीवी, हिन्दुस्तान और ज़ी न्यूज़ के रिपोर्टर

  • तकरीबन सभी अखबारों मे एक जैसे सिचुएशन है. हर जगह खाने वाले पत्रकार बैठे है. उन्हें छत्र छाया दे रहे है ऊपर बैठे लोग. शिकायत ऊपर तक करने के बाद भी कोई कार्यवाई नहीं होती. इसलिए ऐसे लोगो को शह मिल जाती है. अमर उजाला इस मामले मे साफ पाक था लेकिन हालिया व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है. कम पढ़े लिखे संपादको और बातो के धनी को पूरी पूरी यूनिट का दारोमदार दे दिया गया है, जो खूब मनमाने तरीके से धन उगाही करते है. …….

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