Connect with us

Hi, what are you looking for?

आवाजाही

अंबानी के चैनल का हाल : आरोपी ऐश कर रहा, पीड़िता को टर्मिनेट कर दिया गया!

टीवी पत्रकार रुमाना अल्वी की गल्ती बस ये है कि उन्होंने बॉस के आगे समर्पण नहीं किया. उन्होंने नौकरी करने के लिए बॉस की उत्पीड़नकारी शर्तें नहीं मानीं. उन्होंने यौन दुर्व्यवहार का विरोध किया. उन्होंने मीडिया की मंजिल तय करने के वास्ते देह का इस्तेमाल नहीं किया. बस. इसी से अंबानी के चैनल के कर्ताधर्ता नाराज हो गए.

#metoo के इस दौर में जहां एमजे अकबर जैसों तक को घुटनों के बल बैठना पड़ा था, अंबानी के चैनल में आरोपी ऐश कर रहा है. पीड़िता को सीधे टर्मिनेट कर दिया गया. यह है अंबानियों की नैतिकता और यह है अंबानियों का कानून.

Advertisement. Scroll to continue reading.

रुमाना अल्वी भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहती हैं-

‘#Me Too कैम्पेन क्या सिर्फ celebrities के लिए है? क्योंकि चर्चा और कार्रवाई उनके सिर्फ TV पर बयान पर ही होती जा रही है जबकि आम लड़कियां written शिकायत करती हैं फिर भी कोई कार्रवाई नहीं…. महिला आयोग भी क्या सिर्फ celebrites के लिए बना है? Celebrities के TV पर बयान पर तुरन्त एक्शन, लेकिन आम लड़की के written शिकायत पर भी कोई एक्शन तो दूर कोई ध्यान भी नही दिया जाता….’

Advertisement. Scroll to continue reading.

रुमाना आरोप लगाती हैं कि छेड़छाड़ के आरोपी को बचाने का काम खुद राजेश रैना और मधुसूदन मांडा ने किया है. अभी तक ये लोग छुप कर, पीछे से आरोपी को बचा रहे थे, लेकिन अब ये खुलकर सामने आ गए हैं और इसी का नतीजा है कि मुझे इन लोगों ने बर्खास्त कर दिया. बढ़िए रुमाना की एक चिट्ठी जो उन्होंने अंबानी के चैनल के बासेज को भेजा है…

मैं न्यूज़ 18 mp/cg हैदराबाद ऑफ़िस में काम करती हूँ। मेरी joining as an anchor हुई थी। मेरे इंचार्ज अभय उपाध्याय ने joining के समय मुझे केबिन में बुलाकर कहा था- तुम्हारा confirmetion मेरे हाथ में है और उसके बाद कई बार केबिन में उटपटांग बातें करने लगे जिनका काम से कोई लेना देना नहीं होता। इसके बाद मेरा sexual hrashment करने की कोशिश करने लगे। मैंने केबिन में जाना बंद कर दिया तो मुझे off air कर दिया।

जब इस बारे में मैंने शिफ्ट इंचार्ज से पूछा तो उनका कहना था अभय सर से पूछो उनके केबिन में जाकर। मैंने उनकी पहले की हरकतों की वजह से केबिन में जाना ठीक नहीं समझा। मैंने उसके बाद रैना सर से complaint की। फिर मांडा सर से complaint की। फिर भी कुछ नहीं हुआ तो फरवरी में written complaint mumbai ऑफिस में की। थककर मैंने FIR किया। लेकिन वहां से भी मुझे निराशा हुई। वो लोग दबाव में आ गये। फिर ऑफिस में दिखावे के लिए कमेटी बनाई गई।

Advertisement. Scroll to continue reading.

मैंने पहली कंप्लेंट दिसम्बर 2017 को orally रैना सर को की थी उसके बाद लगभग 6 महीने तक मुझे टाला जाता रहा। इस बीच तरह तरह से मानसिक रूप से अभय और highr authority मुझे टॉर्चर करती रही। मेरा पीछा तक करवाया गया। मुझे डराने की हर कोशिश की गई। ऑफिस में लोगों को कहा गया कि मुझसे बात न करें, जो मुझसे बात करता उसे बुलाकर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। हर मुमकिन कोशिश की गई कि मैं ऑफिस छोड़ दूं। इस दौरान मैं डिप्रेशन में भी चली गई। लेकिन जॉब नही छोड़ी।

कमेटी जो बनाई गई थी, उसने मेरी बात मानने से इंकार किया, मुझसे बन्द कमरे में हुई बातों के सुबूत मांगे। अभय के कुछ लोगों को गवाही के लिए बुलाया और उन्होंने जो कहा उसे सही मानकर उनके मुताबिक रिपोर्ट दे दी। मैंने उस रिपोर्ट को लेकर कुछ सवाल point wise उठाये और mail कर के जवाब मांगा। लेकिन आजतक मुझे कोई जवाब कोई नहीं दे रहा। वो पॉइंट्स भी मैं नीचे दे रही हूँ।

Advertisement. Scroll to continue reading.

अब मुझे मानसिक तौर पर ऑफिस में बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा है। मुझे कोई काम नहीं दिया जाता। मेरी बैठने की जगह मुझसे छीन ली गई। मेरा नाम मेरे डेस्क के शिफ्ट चॉर्ट से हटा दिया गया है। मैं बार बार hr head मांडा सर और सैलजा mam से मेल कर के पूछ रही हूँ लेकिन मुझे कोई भी जवाब नहीं दिया जा रहा। मैं इस वक़्त बहुत बुरे डिप्रेशन से गुज़र रही हूँ। सोचने लगी क्या मुझे भी और लड़कियों की तरह job छोड़कर भाग जाना था। क्या मैंने अपने सम्मान के लिए आवाज़ उठाकर इतनी बड़ी गलती कर दी कि सारे लोग मिलकर मेरा जीना तक मुश्किल कर दे रहे।

क्या दुनिया को न्याय दिलाने की बात करने वाला मीडिया इतना खोखला और double standard वाला है कि अपने अंदर की गंदगी साफ नहीं कर सकता और जो आवाज़ उठाये उसको बुरी तरह tourcher किया जाए। अगर मैं कोई celibrity नहीं तो मेरी आवाज़ कोई नहीं उठाएगा। क्या आपको लगता है hyderaabad ऑफिस में किसी लड़की के साथ गलत होने पर वो मेरी दुर्दशा देखने के बाद आवाज़ उठा पाएगी। मैं इतने समय तक इसलिए टिक पा रही हूँ क्योंकि मेरे घरवाले मेरे साथ खड़े हैं। पर सबके साथ शायद ऐसा नहीं हो पाता। अब मुझे hyderaabad में न्याय की उम्मीद नहीं रही। फिर भी एक आस है कि शायद इस देश में कोई मेरी आवाज़ सुनेगा। कोई तो होगा जो मुझे न्याय दिलाने की कोशिश करेगा। मैंने कमेटी की रिपोर्ट को लेकर जो सवाल उठाते हुए जो मेल किया था उसके पॉइंट्स यहां भी दे रही हूँ। जिनका जवाब मैं चाहती हूँ। बार बार मेल करने के बाद भी जिनका जवाब नहीं दिया जा रहा।

Advertisement. Scroll to continue reading.

Points:-

Sir IC commety ने जो रिपोर्ट दी है मैं उससे सहमत नहीं और bayesed मानती हूँ। कुछ points है sir जिसकी तरफ कमेटी और आप लोगों का ध्यान दिलाना चाहती हूं–

Advertisement. Scroll to continue reading.

1. सर पॉइंट 9 में IC कमेटी ने माना कि मुंझे confirmation की ना तो जानकारी दी गई न कोई document दिया गया। ये काम proper नियमों के तहत नही किया गया और transparent नही था । जबकि मैने अपनी complaint में ये meantion किया है कि मुंझे अभय उपाध्याय ने केबिन में बुलाकर कहा था कि “तुम्हारा confirmation मेरे हांथ में है” और वो उन्होंने मुझे मेरा confirmation न देकर साबित भी किया। सर कमेंटी की रिपोर्ट में ये meantion है कि उन्होंने (अभय उपाध्याय ) मुझे orally ये बताया और कमेटी ने उसे मान भी लिया। क्यूं सर???? क्या इतना बड़ा orgnization orally चलता है। जब orally जॉइन नही करवाया जाता, orally salary नही आती तो इतनी बड़ी बात orally कैसे चलती रही और ऊपरी हैदराबाद मैनेजमेंट ने भी मुझे inform करना ज़रूरी नही समझा। सर मुझ पर उनकी बात मानने का दबाव था अगर मैं मान जाती तो मुझे मेरा confirmation मिल जाता। ये एक बात ही साबित करती है कि उनकी मुझको लेकर नीयत क्या थी।।।। लेकिन कमेटी ने इस पर ध्यान नही दिया।

‌2. Point 5 में lady ex employee नें माना कि वो अभय उपाध्याय को wish नही करती थी क्योंकि केबिन बन्द रहता था और वो बन्द केबिन में जानें में comfort feel नही करती थी। sir एक leady employee अपने boss के बन्द केबिन में जाने में comfort feel क्यों नही करती, क्यों??? क्या ये बात सवाल नही करती की बन्द केबिन में अभय उपाध्याय के charecter को लेकर उसके मन में doubt रहा होगा। ये बात कमेटी ने खुद meantion की है।

Advertisement. Scroll to continue reading.

‌3. Point 6 में कमेटी ने meantion किया है और माना है कि clear case of बायस्ड और favurtism का है। तो सर मैंने भी complaint में मैंशन किया है कि जो लड़की उनकी गलत बात मान लेती वो उनकी favourite बन जाती। मैंने नही मानी तो नही बनी। कमेटी ने ये माना है।और अभी भी लगातार उनके खास लोगो को फायदा दिया जा रहा है।

‌4. Sir एक भी ex employee ने अभय उपाध्याय के feavoure में नही बोला है। क्योंकि वो अब कंपनी में नही है तो उनपर कोई दबाव नही है। कुछ ने तो अपने resignation लेटर में भी अभय उपाध्याय के खिलाफ लिखा है। sir जिन present employee के बयान लिए गए है और कमेटी ने उनकी बातों को आधा
4. Sir एक भी ex employee ने अभय उपाध्याय के feavoure में नही बोला है। क्योंकि वो अब कंपनी में नही है तो उनपर कोई दबाव नही है। कुछ ने तो अपने resignation लेटर में भी अभय उपाध्याय के खिलाफ लिखा है। sir जिन present employee के बयान लिए गए है और कमेटी ने उनकी बातों को आधार माना तो sir उनमें से तो कुछ अभय उपाध्याय की गलत हरकतों में शामिल रहे है जिनका मैंने अपने कंप्लेंट mail में नाम भी लिया है। और sir कोई भी present employee से आप कैसे उम्मीद कर सकते है कि वो अपने boss या powerfull लोगों के वो विरोध में बोलेगा। उनको भी अपना घर चलाना होता है। किसी भी ex employee ने अभय उपाध्याय के feavour में नही बोला है।

Advertisement. Scroll to continue reading.

‌5. point 7 में कमेटी ने माना कि clear case ऑफ workplace hrashment है। मतलब अभय उपाध्याय बेदाग नही ये कमेटी ने भी माना।उसके बाद उनको लगतार support किया गया।

‌6. Point 2 में ex employee ने कहा कि buttering नही करती अभय उपाध्याय का इसका उसको हमेशा नुकसान झेलना पड़ा। मतलब कमेटी ने ये भी माना कि जो उनकी तारीफ नही करता उसको वो परेशान करते है।

Advertisement. Scroll to continue reading.

7. IC observation के point 2 में कहा गया कि मैंने first complaint मई में कई जो कि बिल्कुल सरासर गलत है। मैंने पहली complaint sexual hrashment की दिसम्बर 2017 में रैना सर से orally की थी और पहली written कंप्लेंट sexual hrashment की 7 february 2018 को मुम्बई ऑफिस मेल कर के की थी। sir office में जब किसी के साथ कुछ गलत होता है तो employee सबसे पहले orally complaint करता है तुरन्त सबसे पहले मेल नही करता। जब उसे लगता है कि orally complaint पर ध्यान नही दिया जा रहा तब वो written complaint करता है। मैंने भी वही किया।

‌8. सर मई में मैंने reminder complaint मेल किया था जिसके बाद मुझे ऑफ एयर कर दिया गया। उससे पहले तक मैंने न्यूज़ बुलेटीन्स पढ़े हैं। आप इसको चेक कर सकते हैं । और मेरे बुलेटीन्स क्यों रोके गए मुझे ये कारण भी नही बताया गया।

Advertisement. Scroll to continue reading.

‌9. sir कमेटी ने और हैदराबाद management ने मेरी इन बातों का जवाब आजतक नही दिया कि complaint करने के बाद मेरा पीछा करवाया गया आफिस के बाहर लगातार। जब मैंने पीछा करने की बात मेल करी management को तो मेरा पीछा करना अचानक कैसे रुक गया। क्या ये भी coincidance था।

‌10. कमेटी ने meantion किया कि मेरी FIR की बात जब मैंने mail कर के hyderabaad management को बताई तो अभय उपाध्याय अचानक आफिस से गायब हो गए। और कमेटी कहती है कि उनको familly में काम था उनका ना आना coincidance था। sir सारे coincidance अभय उपाध्याय के feavour में क्यों हो रहे।

Advertisement. Scroll to continue reading.

‌11. Sir कमेटी न अभय उपाध्याय के feavour वाले सारे बयान जो कि अभय उपाध्याय या उनके ख़ास लोगों ने orally कहे as it is मान लिए और रिपोर्ट तैयार कर दी। लेकिन मेरे orally बयान को जिसको कानून भी मान्यता देता है उसको नकार दिया और सुबूत मांगा। sir मुझे अपने organization या चैनल से कभी कोई शिकायत नही रही ना मैं उसके खिलाफ हूँ।

(ताजी सूचना ये है कि रुमाना अल्वी के सवालों का जवाब मिलना तो दूर, अब उन्हें नौकरी करने लायक नहीं समझा गया है और टर्मिनेट कर दिया गया. यह कहां का लोकतंत्र है और ये कहां का समाज है जहां पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की बजाय सब पुरुष मिलकर उसकी नौकरी खा जाते हैं। रुमाना अल्वी से संपर्क rumana.alvi23@gmail.com के जरिए किया जा सकता है।)

Advertisement. Scroll to continue reading.

इसे भी पढ़ें….

यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच करने न्यूज18 के हैदराबाद आफिस पहुंची पुलिस

Advertisement. Scroll to continue reading.
1 Comment

1 Comment

  1. Maya

    April 20, 2019 at 12:17 am

    What we say today repoter cannot fight alone my very vloSed friend his wife suffering same matter and his husband also repoter when husband standing with wife against promoted ips officer presnt inquiry on ips officer bihar 2006 bacth when channel xyz is cannot speaking any words of repoter and fear with promote ips and terminated , what a media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

भड़ास को मेल करें : Bhadas4Media@gmail.com

भड़ास के वाट्सअप ग्रुप से जुड़ें- Bhadasi_Group_one

Advertisement

Latest 100 भड़ास

व्हाट्सअप पर भड़ास चैनल से जुड़ें : Bhadas_Channel

वाट्सअप के भड़ासी ग्रुप के सदस्य बनें- Bhadasi_Group

भड़ास की ताकत बनें, ऐसे करें भला- Donate

Advertisement