संसद टीवी का 70 प्रतिशत प्रोग्राम ब्यूरोक्रेट्स कर रहे हैं, पत्रकार नहीं!

अरविंद कुमार सिंह-

राष्ट्रमंत्र लोकतंत्र नारे के भारत के दो बेहतरीन ज्ञान चैनल राज्य सभा टीवी और लोक सभा टीवी आज ही के दिन एक साल पहले समाप्त हो गए। उसकी जगह संसद टीवी ने ले ली। दोनों चैनलों को लेकर RSS के कुछ बुद्धिजीवी तबके को आपत्ति थी।

नए चैनल में स्क्रीन पर उनकी पहुंच का विस्तार हुआ है, बाकी क्या कुछ बदला है,यह समय समय पर यूट्यूब पर दर्शकों की प्रतिक्रिया से देखा समझा जा सकता है। Rstv जिसके श्रम से खड़ा हुआ था वो टीम और उसका समर्पण भाव हमेशा याद रहेगा।

संदीप ठाकुर- अब संसद टीवी में भक्तों को भी दरकिनार कर दिया गया है और ये शुभ काम कर रहे हैं ब्यूरोक्रेट्स। आज संसद टीवी का 70 प्रतिशत प्रोग्राम ब्यूरोक्रेट्स कर रहे हैं, पत्रकार नहीं। भक्त यही डिजर्व करते हैं।

जितेंद्र कुमार सिंह- शानदार कंटेंट, अद्वितीय संकलन के लिए लोक सभा,राज्य सभा टीवी के कार्यक्रम हमेशा याद रखा जायेगा। विचारों की गंदगी को गति देने के लिए एक उम्दा टीम , विभिन्न कार्यक्रमो को जिस तरह समाप्त कर दिया गया वह घृणित एवं निंदनीय हैं।



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