संसद टीवी का यूट्यूब चैनल टर्मिनेट!

लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी को मिलाकर संसद टीवी बनाया गया. बड़े बडे़ दावे किए गए. लेकिन जमीन पर सब कुछ शून्य. किसी की कोई जिम्मेदारी नहीं. सब मनमर्जी कर रहे हैं और सरकार की मंशा के मुताबिक कंटेंट परोसकर लाखों की सेलरी ले रहे हैं.

इसी लापरवाही के आलम में यूट्यूब ने संसद टीवी का यूट्यूब चैनल ही टर्मिनेट कर दिया. ऐसा कम्युनिटी गाइडलाइंस के उल्लंघन का आरोप लगाकर किया गया है. देखें स्क्रीनशाट-

पत्रकार दीपांकर इस प्रकरण पर फेसबुक पर लिखते हैं-

राज्य सभा टीवी (संसद टीवी) का यूट्यूब चैनल ही टर्मिनेट हो गया है, यूट्यूब ने कम्यूनिटी गाइडलाइंस का हवाला देकर टर्मिनेट किया है. 2016 से पहले के कई ऐसे प्रोग्राम थे जिन्हें देखने के लिए लोग राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल पर जाते थे. सारा आर्काइव जो पब्लिक डोमेन में था जिसे लोगों ने ये सोचकर डाउनलोड नहीं किया था कि यूट्यूब पर तो है ही, एक झटके में साफ हो गया. पता नहीं किसने करवाया है ये सब.

इस बीच, कुछ कर्मचारियों ने प्रेषक का बिना नाम पहचान खोले एक अज्ञात मेल उपराष्ट्रपति के पास भेज दिया है जिसमें संसद टीवी में वरिष्ठ पदों पर बैठे कुछ लोगों की नियुक्ति और उनकी लापरवाही की तरफ ध्यान आकृष्ट करते हुए पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है.



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