न्यूज़18 के पत्रकार सौरभ शर्मा और उनका परिवार हुआ जगराता वाली भीड़ के उन्माद का शिकार!

रवीश कुमार-

क्या news18 उस सीसीटीवी फ़ुटेज को चला रहा है जिसमें उसके पत्रकार सौरभ शर्मा को धमकी दी गई? उनकी पत्नी के साथ अभद्रता हुई? क्या सौरभ शर्मा के साथी कुछ लिख बोल रहे हैं या चुप हो गए हैं? इस खबर की एक एक डिटेल को आप ध्यान से पढ़िए। समाज किस तरह खोखला होता जा रहा है। पुलिस की मौजूदगी में सौरभ शर्मा की पत्नी अंकिता शर्मा के साथ अभद्रता की गई है। पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ है और लिखा है कि मौक़े पर खड़े दो पुलिसकर्मी ने कुछ नहीं किया।

उनका छह साल का बच्चा भीड़ के हाथों में चला गया था। जैसे रोज़ लाखों लोगों का दिल और दिमाग़ भीड़ की दहशत से घिरा रहता है उसी तरह वो बच्चा घिर गया। उस पर कितना भयानक असर पड़ा होगा। पत्नी का भरोसा कितना टूट गया होगा। समाज और पुलिस पर। पत्नी अंकिता ने बयान जारी किया है कि पुलिस के बाद भी रात भर लाउडस्पीकर बजता रहा और जगराता में शामिल कथित रूप से शराब के नशे में थे। कथित मैंने अपनी तरफ़ से जोड़ दिया है। हो सकता है वहाँ के जगराता शामिल लोगों न शराब न पी हो, चरनामृत पी हो?

सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है कि चैनल के ऐंकर भी चुप है। वो सारे लोग जो धर्म की आड़ लेकर दूसरों की चुप्पी को ललकारते हैं वो भी चुप हैं। पत्रकार नवीन कुमार ने एक तस्वीर ट्विट किया है,जिसमें कथित उत्पातियों का चेहरा है, उन सबके नाम भी होंगे मगर कार्रवाई नहीं हुई है। अफ़सोस कि पत्नी और बच्चे को यह सब झेलना पड़ा लेकिन यह तो न जाने कितने लोग झेल रहे हैं।

इस चैनल का रोल भी नफ़रत फैलाने में रहा है। मुझे सौरभ शर्मा के फ़ेसबुक पोस्ट और लाइक की जानकारी नहीं है न कभी कोई कार्यक्रम देखा है, मगर सौरभ और अंकिता को भी पाकिस्तानी कहा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। क्या मुझे कोई बता सकता है कि नफ़रत को लेकर सौरभ शर्मा के क्या विचार रहे हैं? किस तरह के पोस्ट हुआ करते थे? क्या सौरभ शर्मा ने अपने साथियों के नफरती शो को याद किया होगा कि उसके नतीजे में खुद उनकी जान ख़तरे में पड़ सकती है? क्या सौरभ शर्मा यह सब सोच रहे होंगे? कि उनके साथी चुप हैं और रवीश कुमार पोस्ट लिख रहा है? यह मौक़ा कहने का नहीं है लेकिन इसी मौक़े पर कहने की ज़रूरत है। यह प्रोजेक्ट अल्पमत को डराने के नाम पर बहुमत के लड़कों को दंगाई बनाने का है जो पूरा हो चुका है। सौरभ शर्मा ने उसकी झलक देख ली। जिसे हम रोज़ हिंसा के अनगिनत वीडियो में देख रहे हैं।

पुलिस का बयान आया है कि-इसमें आरोप है कि ऐंकर शराब पिए था ! जाँच हो रही है।

थाना बिसरख क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 10.04.2022 की रात्रि में ईकोविलेज 3 के निवासियों द्वारा माता भगवती का जागरण किया जा रहा था। जिसके सम्बन्ध में पीआरवी को कॉलर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी कि हमारे यहां तेज आवाज में भजन/गाने चलाये जा रहें है, उक्त सूचना पर पीआरवी द्वारा मौके पर पहुॅच कर आवाज को धीमी कराया गया।

तत्पश्चात कॉलर पक्ष द्वारा थाना बिसरख पर प्रार्थना पत्र दिया गया है कि डीजे बन्द कराने को कहने को लेकर जागरण के आयोजकों/जागरण में उपस्थित लोगों द्वारा मेरे साथ अभद्रता की गयी है।

वहीं जागरण के आयोजकों/जागरण में उपस्थित लोगों के द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया है कि उक्त कॉलर द्वारा शराब के नशे में जागरण में आकर लोगों को अपशब्द बोले और अभद्रता की गयी है।

थाना बिसरख पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्रों के आधार पर जॉच की जा रही है। मारपीट जैसी घटना के संबंध में सीसीटीवी फुटेज की भी तलाशी ली गई है, जिससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, फिर भी पुलिस द्वारा दोनो पक्षों द्वारा लगाए आरोपों के संबंध में गहनता से जांच/पूछताछ की जा रही है बाद जॉच तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी है।

मीडिया सेल
गौतमबुद्धनगर पुलिस।


ये है न्यूज़18 द्वारा प्रकाशित खबर-

नोएडा एक्सटेंशन में 12 बजे लाउडस्पीकर बंद करवाने गए पत्रकार पर पुलिस के सामने जानलेवा हमला

देर रात 11.30 बजे लाउडस्पीकर पर जागरण के नाम पर बज रहे गानों को बंद करवाने गए पत्रकार को परिवार सहित मारने की कोशिश की गई. बाद में उन्हें भाग कर जान बचानी पड़ी. पूरी घटना की सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी है मौजूद. घटना के 36 घंटा से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया. पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रही है.

NEWS18HINDI
LAST UPDATED: APRIL 12, 2022, 07:21 IST
EDITED BY : बैंकटेश कुमार
नोएडा. नोएडा एक्सटेंशन में रविवार देर रात एक चौंकाने वाली वारदात हुई. यहां पर न्यूज 18 के पत्रकार पर जानलेवा हमले का प्रयास सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वे देर रात सोसायटी में जगराते के नाम पर बज रहा लाउडस्पीकर बंद करवाने गए थे. इस दौरान पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे और भीड़ ने उनकी परवाह न करते हुए हमला कर दिया और उन्हें जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा. बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ ने इस दौरान उनका काफी दूर तक पीछा किया लेकिन जब वे अपने घर के पास पहुंचे और वहां मौजूद गनमैन से मदद मांगी साथ ही शोर मचा कर पड़ाेसियों को बुलाया तो भीड़ वापस मुड़ गई. हालांकि इससे पहले उनके साथ धक्का मुक्की की गई और उनके परिवार को मारने साथ ही नग्न कर घुमाने की धमकी भी दी गई. घटना से संबंधित सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग न्यूज 18 के पास मौजूद है.

मौन रही पुलिस
जानकारी के अनुसार न्यूज 18 हिंदी में कार्यरत और नोएडा एक्सटेंशन की सोसायटी ऑक्सफोर्ड स्‍क्वायर सुपर टेक इकोविलेज 3 में रहने वाले सौरभ शर्मा ने देर रात 11.30 बजे जगराते के नाम पर बज रहे गानों को बंद करवाने के लिए 112 नंबर पर कॉल कर मदद मांगी. इसके बाद उनके पास पुलिसकर्मी का कॉल आया और उन्होंने उनसे कहा कि वे मौके पर पहुंचे और हम भी आ रहे हैं. वहां पहुंचने पर पुलिस ने जगराते के गानों को बंद करने को कहा तो भीड़ भड़क गई. साथ ही जगराते के आयोजक ने कहा कि पुलिस ने उन्हें रात भर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी है. सौरभ के अनुसार जब उन्होंने अनुमति पत्र दिखाने की बात कही तो उन्हें राष्ट्रविरोधी बताते हुए पाकिस्तानी करार देकर जान से मारने के लिए कहा गया. उन्होंने इस बात का विरोध किया और कहा कि कानूनन आप लाउड स्पीकर रात दस बजे बाद नहीं बजा सकते हैं. ये बात सुन कर आयोजक ने कहा कि ये पाकिस्तानी है और इसे यहीं पर खत्म कर देते हैं. सौरभ ने बताया कि इस दौरान पीसीआर के दो पुलिस कर्मी मौजूद थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया.

भीड़ किसी भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं हुई
सौरभ के अनुसार भीड़ किसी भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं हुई और उन पर हमला बोल दिया. सौरभ को इस दौरान भागना पड़ा और अपनी जान बचानी के लिए संघर्ष करना पड़ा. किसी तरह वहां से बच कर सौरभ अपने घर पहुंचे और तहरीर देने के लिए थाने गए. पीछे से उनकी पत्नी ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर खतरा होने की बात कही तो उन्होंने कुछ पुलिसकर्मी मौके पर भेजे. मौक पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने सौरभ की पत्नी अंकिता शर्मा को मौके पर बुलाया. मौके पर पहुंचने पर भीड़ ने अंकिता के साथ भी अभद्रता की और उनको अपशब्द कहे. पुलिस व ऑक्सफोर्ड स्‍क्वॉयर के आरडब्‍ल्यूए अध्यक्ष के डी सिंह ने बीच बचाव कर लोगों को समझाने का प्रयास किया और अंकिता को बचाया. भीड़ के बवाल करने के दौरान अंकिता के हाथ से उनका 6 साल का बच्चा लोगों के बीच में रह गया और करीब 45 मिनट तक बच्चा अपनी मां के पास जाने के लिए परेशान होता रहा.

नहीं हो सका मामला दर्ज
सौरभ के अनुसार उन्होंने तहरीर वारदात के तुरंत बाद देर रात 12 बजे बिसरख थाने में दे दी थी. लेकिन इसके बावजूद सोमवार को पुलिस मामला दर्ज करने से टालती रही. सोमवार शाम करीब 3 बजे बिसरख थाने से पुलिस अधिकारी सोसायटी पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज को रिकॉर्ड किया और कहा कि वरिष्ठों से बातचीत कर मामला दर्ज किया जाएगा. इस दौरान सौरभ ने लगातार मामला दर्ज करने की गुहार पुलिस अधिकारियों से लगाई लेकिन उन्होंने मंगलवार को कोई निर्णय लेने की बात कही. सौरभ ने इस दौरान पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई कि उनकी पत्नी और 6 साल के बच्चे को जान का खतरा है और आरोपियों को पकड़ा जाए लेकिन सोमवार देर रात तक ऐसा नहीं हो सका.


आर्टकिल19 के संस्थापक नवीन कुमार ने बीती रात बारह बजे ये पोस्ट फ़ेसबुक पर पोस्ट की-

नवीन कुमार-

नोएडा एक्सटेंशन के इको विलेज में नेटवर्क18 के एक सीनियर पत्रकार पर आधी रात को लाउडस्पीकर बजाने से रोकने पर जगरतियों ने हमला किया है। उनकी पत्नी को घर में घुसकर कपड़े फाड़ देने की धमकी दी है। छह साल का उनका बच्चा दहशत में है। पुलिस तमाशा देखती रही। गुंडों ने थाने में पुलिस वालों के सामने धमकाया। सबके चेहरे साफ हैं लेकिन अभी तक न एफआईआर दर्ज हुई है न किसी की गिरफ्तारी हुई है। यह बेहद डरावना है।

सनातनी सरकार में खुलेआम साड़ी खींच लेने की बात करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हो रहा। ये अलग बात है कि आखिरी चरण की वोटिंग तक नेटवर्क 18 बीजेपी के प्रचारक से ज्यादा प्रचारक बना हुआ था। अब उसके धुरंधर पत्रकारों को अपने ही एक साथी की मॉब लिंचिंग की कोशिश पर एक ट्वीट करने में भी पसीना आ रहा है। चैनल से खबर गायब है।

[नाम सुरक्षा की दृष्टि से नहीं लिखा है । कार्रवाई जरूरी है]

कुछ प्रतिक्रियाएँ-

Niharika bansal Jindal- २० साल पहले ऐसी एक घटना पिताजी के निवास दिलशाद गार्डेन में हुई थी बच्चों के exam टाइम में लाउड स्पीकर बंद ही नहीं कर रहे थे और जो उनको बोलने जाता उसी को पीट रहे थे तब पहली बार पिताजी और अन्य पत्रकार बंधुओं को लात घूसों से जवाब देते देखा जिनकी कभी ऊँची आवाज़ नहीं सुनी थी पर तब police पत्रकारों का सम्मान करती थी थोड़ी देर बाद ही में सारे मवालियों को भर कर ले गयी

Khan Xaveria- अब दौर बदल चुका है पत्रकार आजकल रेड लाइट एरिया के दलालों से भी गए गुजरे हैं और ताज्जुब इस बात का कि उन्हें मलाल तक नही है इस बात का बाकी जिस पर बीतती जा रही है उसका मोहभंग होता जा रहा है दलाली से लेकिन…

Kanchan singh- इसमें नया क्या है? 2017 में मैने भी ऐसा ही किया था…घर के सामने जोरों पर जगराता बड़े बड़े साउंड सिस्टम के साथ चल रहा था, घर के दरवाजे खिड़कियां तक खुद ब खुद थिरक रहे थे…मेरे प्रेगनेंसी टाइम चलते तेज आवाज से घबराहट और चक्कर आने लगे…समझाया तो लड़ने पर उतारू हो गए…बहरहाल पुलिस बुलाई वो सब मुझे समझाकर चले गए…


दूसरे पक्ष की भी बात देखिए-सुनिए….

उधर इस प्रकरण पर पुलिस के सूत्रों का कहना है-

“इनके द्वारा सोसाइटी में हो रहे जागरण को लेकर मौके पर जाकर आपत्ति की गई थी कि रात में जागरण नही होना चाहिए।पुलिस द्वारा जागरण का साउंड कम करा दिया गया था। किंतु इनका कहना था कि जागरण बन्द होना चाहिए। इसी को लेकर इनका विवाद बढ़ गया था। सीसीटीवी को देखने व वहाँ के लोगों से बात करने पर लग रहा है कि जाते जाते इनके द्वारा हर हाल में अभी जागरण बन्द करने को लेकर कहा जा रहा था तभी कुछ लोग इनके पीछे भागे थे। कोई मार पीट नही हुई थी। इनका जोर इसी बात पर था कि जागरण बन्द हो और इन सब पे 307 का मुकदमा लिखा जाए। इनके द्वारा जो तहरीर दी गई है उस पर मुकदमा लिखा जा रहा है।”



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Comments on “न्यूज़18 के पत्रकार सौरभ शर्मा और उनका परिवार हुआ जगराता वाली भीड़ के उन्माद का शिकार!

  • Sanjog Walter says:

    आपको ऐसी ही पुलिस चाहिए थी जो बिना जांच किए लिख दे की दूसरा पक्ष शराब पिए था। जियो शराबी पत्रकार । नोट #पुलिस यही होती है। 10 से सुबह 6 बजे तक माननीय सुप्रीम कोर्ट का आदेश गया तेल लेने।
    #नोएडा

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  • अतुल गोयल says:

    पुलिस द्वारा किसी भी पक्ष के लोगों पर शराब पिये होने का आरोप लगने के बावजूद किसीका मेडिकल टेस्ट नही करवाना पुलिस की (जोकि जानभूजकर की गई लगती है) लापरवाही दर्शाता है ओर ऐसी लापरवाही पर उनके खिलाफ क्या कार्यवाही बनती है.. कमसेकम वो तो हो… ताकि भविष्य में कोई पुलिसवाला (जानभूजकर) ऐसी गलती न करे।

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