नोएडा पुलिस तो मुफ़्त में बदनाम हो रही, लंगड़ा त्यागी के असली संरक्षणदाताओं पर कोई बात ही नहीं कर रहा!

कन्हैया शुक्ला-

लंगड़ा त्यागी का संरक्षक कौन है?

इसको गनर ग़ाज़ियाबाद से मिले। नोएडा प्राधिकरण ने इसके अवैध क़ब्ज़ा अभियान को आगे बढ़ाया।

सोचिए, वो कौन एक बड़ा अफ़सर है जिसके अधीन ग़ाज़ियाबाद ज़िला और नोएडा विकास प्राधिकरण दोनों था, और इन दोनों जगहों से लंगड़ा त्यागी को संरक्षण मिलता रहा?

अफ़सर का नाम तलाश लेंगे तो संरक्षणदाता तक पहुँच जाएँगे।

नोएडा पुलिस तो ख़ामखा गाली सुन रही, बदनाम हो रही।

ये ध्यान भटकाने के लिए भी खेल हो सकता है।

असली संरक्षणदाताओं तक कोई पहुँचे ही नहीं इसलिए सबको नोएडा पुलिस तक उलझा कर सीमित कर दो।

पता करिए नोएडा विकास प्राधिकरण में एक उगता सूरज टाइप त्यागी है। उसका क्या रोल रहा है। वो किससे कनेक्ट रहा है।

इस बीच नोएडा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी पर पच्चीस हजार का इनाम घोषित कर दिया है।

ताजी सूचना है कि त्यागी की भंगेल में दर्जनों दुकाने हैं। किसकी कृपा से? नोएडा प्राधिकरण वाले सर्वोच्च साहब की कृपा से! ये दुकाने तोड़ने के लिए प्राधिकरण और पुलिस की टीम निकल चुकी है।

पर सवाल है कि त्यागी के असली आका को चिन्हित कर उसके ख़िलाफ़ ऐक्शन लिया जा सकेगा या फिर बस सॉफ़्ट टार्गेट की तरफ़ ध्यान मोड़ कर ‘नोएडा पुलिस नोएडा पुलिस’ चिल्लाते हुए हम असली अपराधी को भूल जाएँगे!

नोएडा प्राधिकरण और ग़ाज़ियाबाद जिले का जो अफ़सर आका रहा है, जिसके संरक्षण में त्यागी के सूरज का उदय हुआ है, वो पुरुष नहीं बल्कि महिला अफ़सर है। ये तगड़ा हिंट है।

अब भी नहीं समझे?

फिर चलिए बता देते हैं। वरिष्ठ पत्रकार रूबी अरुण के नीचे दिए fb पोस्ट में महिला अफ़सर का नाम खोल दिया गया है…

रूबी अरुण-

OmaxeGrand में गुंडा SrikantTyagi द्वारा एक महिला के साथ की गई गाली गलौज और गुंडई के मामले में Noida Police और Commissioner आलोक सिंह भले ही MaheshSharma के निशाने पर हैं. मगर इनके बीच कुछ ऐसे भी नाम हैं जिन पर गौर करना जरूरी है.

खासतौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में 5 साल डायरेक्टर रह चुके सीनियर IAS अधिकारी MayurMaheshwari और उनकी आईएएस पत्नी RituMaheshwari. ऋतु इस वक्त NoidaAuthority की CEO हैं.और मयूर माहेश्वरी Uttar Pradesh State Industrial Development Authority यानी UPSIDA के CEO हैं..

ऋतुमाहेश्वरीजब गाजियाबादकी DM थीं तो उन्होंने श्रीकांतत्यागी को सरकारी सुरक्षा ग्रांट की थी. इसे 5 गनर मिले थे.

Bhangel में त्यागी की अवैध रूप से निर्मित 40 दुकानें और एक धर्मकांटा अथॉरिटी के आशीर्वाद से ही फलित हुईं. ऋतु के खिलाफ AllahabadHighCourt में जमीन के मुआवजे में फ्रॉड का एक केस मनोरंजना कुछल नामक महिला ने दाखिल किया था,जिसमें कोर्ट ने ऋतु के खिलाफ इसी साल मई महीने में नॉन्बेलेबल वारंट इश्यू किया था.खबर थी की ऋतु को नोएडा अथॉरिटी से हटा लिया जाएगा. पर ऐसा हुआ नहीं.

सभी जानते हैं की ऋतु माहेश्वरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चहेती अधिकारी हैं. अब जब मामला बेहद तूल पकड़ चुका है तब योगी जी ये जानना चाह रहे हैं की त्यागी की #भाजपा में ज्वाइनिंग किसकी सिफारिश पर हुई थी. अब जो तस्वीरें सामने आती हैं उनमें श्रीकांत त्यागी BJP के सभी कद्दावर नेताओं के साथ साथ खुद योगीजी के साथ भी है. भले ही उस वक्त योगी जी फोन पर हैं पर उनका हाथ आशीर्वाद स्वरूप श्रीकांत की तरफ उठा हुआ है…

स्वामीप्रसादमौर्य से भी बड़े घनिष्ठ संबंध हैं इसके. तो सवाल ये है की “कार्रवाई” किस किस पर होगी? जो तहकीकात चल रही है जाहिर है उसमें बड़े बड़े नाम सामने आयेंगे. नेताओं के भी और नौकरशाहों के भी. तो क्या हम जनता ये उम्मीद करें की सजा सबको मिलेगी ?


वैसे श्रीकांत त्यागी के सियासी आकाओं की लिस्ट लम्बी चौड़ी है। जेल में NHRM घोटाले में बंद बाबू सिंह कुशवाहा, भाजपा से सपा में गए नेता मौर्या जी का काफ़ी करीबी रहा है त्यागी। भाजपा की एक महिला नेता को उनके जन्मदिन पर कार भेंट कर चुका है त्यागी। खनन से लेकर भवन तक के धंधे में इसका रसूख़ रहा है और नेताओं अफ़सरों का संरक्षण मिलता रहा है। अगर कोई निष्पक्ष जाँच हो जाए तो दर्जनों नेताओं अफ़सरों का काला चेहरा सामने आ जाएगा।



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