दैनिक भास्कर में मेल हैक कर जबरन इस्तीफा लेने पर पुलिस ने किया केस दर्ज

दैनिक भास्कर चंडीगढ़ में मजीठिया वेज बोर्ड मांगने वाले एक मीडियाकर्मी का फर्जी तरीके से उसी की मेल आईडी से एचआर वालों ने मेल भेजकर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया. इस बाबत पीड़िता मीडियाकर्मी सुधीर श्रीवास्तव ने पुलिस में लिखित कंप्लेन दी.

पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है लेकिन आरोपी अज्ञात आदमी को बनाया गया है. माना जा रहा है कि पुलिस जांच में दैनिक भास्कर चंडीगढ़ के एचआर हेड मनोज मेहता पुलिस जांच में बुरे फंसेंगे.

देखिए पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज और एफआईआर की कॉपी-

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Comments on “दैनिक भास्कर में मेल हैक कर जबरन इस्तीफा लेने पर पुलिस ने किया केस दर्ज

  • राजीव says:

    दैनिक भास्कर चंडीगढ़ के एचआर हेड मनोज मेहता से पूरे एच आर विभाग के कर्मचारी परेशान है कुछ दिन पहले सभी कर्मचारियों ने रवि गुप्ता से कंप्लेंट की लकिन आज तक कोई एक्शन नहीं हुआ ! वैसे भी जब तक रवि गुप्ता का हाथ मनोज मेहता के ऊपर है तब तक कोई भी मनोज मेहता का बाल बांका नहीं कर सकता ! मनोज मेहता का हाल उस हथी की तरह है जिसके खाने के दन्त कुछ और दिखने के और है!

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  • राजबीर says:

    मनोज मेहता बहुत ही घटिया आदमी है इस आदमी से पूरे एचआर विभाग के कर्मचारी परेशान है. सुधीर श्रीवास्तव को निकालने मैं इसी का हाथ है. इस ने खुद उसके मेल से रीसाइन डॉल कर स्वीकार किया और उसको कंपनी से निकाल दिया. इस काम मैं मनोज मेहता का साथ पवन त्रिपाठी और विजय कुमार ने दिया! और बाद में पवन त्रिपाठी और विजय कुमार पुलिस के डर से जॉब छोड़ गऐ! पुलिस पवन त्रिपाठी से संपर्क में है जल्द ही मनोज मेहता जेल में होगा! मनोज मेहता के इस रवैये से पिछले दो महीनो मैं ऐच आर विभाग से 15 कर्मचारी छोड़ गए और उन कर्मचारियों के बदले मनोज मेहता ने जल्दबाजी में डबल वेतन में नई नियुकितिया कर ली है जिससे पुराने कर्मचारी जो मेहता की करतूतो से वाकिफ है वो भी जॉब छोड़ जाएं! आने वाले दिनों एच आर डिपार्टमेंट के कई कर्मचारी भी मनोज मेहता के इस रवैये से जॉब छोड़ जायेंगे.

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  • राकेश says:

    मनोज मेहता ने पूरे एच आर का आचार बना दिया है ! एचआर के सभी कार्मचारी जॉब ढून्ढ रहे है अगले दो महीने में ये सब कर्मचारी जॉब छोड़ जायेंगे

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  • महाजन says:

    भास्कर की कंप्लेंट पर पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जिसमे श्रीवास्तव ने एक कर्मचारी जो पिछले आठ महीने से एब्सेंट था उसके साथ मिलकर उसको नो महिने का वेतन देता रहा और उसमें से आठ महीने तक हिस्सा लेता रहा। जब पकड़ा गया तो केस का बहाना बना कर सबको बदनाम कर रहा है कंपनी का 2 लाख रुपये की हेराफेरी की है जिसे इसने खुद स्वीकार किया है ।

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