दरभंगा के सूदखोर पत्रकार से त्रस्त कोचिंग संचालक ने जहर खा जान देने की कोशिश की

सूदखोर पत्रकार संतोष दत्त झा

दरभंगा के सूदखोर पत्रकार ने कोचिंग संचालक से 10 लाख कर्ज के बदले 40 लाख वसूले लेकिन ब्याज नहीं हुआ खत्म. प्रताड़ना से आजिज कोचिंग संचालक ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की. बिहार के दरभंगा में इन दिनों लोकल और यू ट्यूब चैनल चलाने वाले एक सूदखोर पत्रकार संतोष दत्त झा के कुकृत्यों की चर्चा मीडिया में खूब हो रही है. तीन चार किस्तों में एक कोचिंग संचालक को 10 लाख रुपये कर्ज देकर दो साल के भीतर ब्याज के रूप में 40 लाख रुपये वसूल चुके पत्रकार का मूल कर्ज अभी भी बाकी है.

इस पूरे वाकये में सूदखोर पत्रकार संतोष के कई वीडियो और ऑडियो वायरल हुए हैं. पत्रकार की प्रताड़ना से तंग आकर कोचिंग संचालक आनंद कुमार कर्ण ने कुछ दिनों पहले जहर खाकर जान देने की कोशिश की. वह दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है. पीड़ित कोचिंग संचालक ने इस संबंध में पिछले साल नगर थाने में सारे सबूतों के साथ प्राथमिकी दर्ज करायी थी, लेकिन पुलिस ने पत्रकार के रसूख में आकर उल्टे कोचिंग संचालक को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.

सदर डीएसपी अनोज कुमार ने अपने पर्यवेक्षण में कोचिंग संचालक के केस को फॉल्स करार दे दिया. इसके बाद सूदखोर पत्रकार संतोष को कोर्ट से जमानत मिल गयी. इसके बाद कोचिंग संचालक डिप्रेशन का शिकार हो गया और उसने जहर खा लिया. पूरे मामले में दरभंगा एसएसपी बाबू राम ने अब सक्रियता दिखाई है. उन्होंने केस का नये सिरे से पर्यवेक्षण करने की बात कही है. डीएसपी अनोज कुमार पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गयी है.

अस्पताल में कोचिंग संचालक आनंद कुमार कर्ण ने पुलिस को जो बयान दिया है उसके अनुसार उनके भाई राघव कर्ण को दो साल पहले ब्लड कैंसर का पता चला. उसके इलाज के लिये उसने संतोष दत्त झा से 33 प्रतिशत मासिक ब्याज पर 5 लाख रुपये लिये. उसके बाद बेटी की शादी के लिये दो लाख रुपये लिये. बाद में फिर इलाज के लिये तीन लाख रुपये लिये. जैसे-जैसे कर्ज की रकम बढ़ती गयी, ब्याज की दर भी बढ़कर 50 प्रतिशत हो गयी.

आनंद के अनुसार उसने कुल 10 लाख कर्ज के बदले 40 लाख रुपये संतोष को चुका दिये हैं. इसके सबूत के तौर पर कई बैंक चेक और नकद पैसे लेते ऑडियो-वीडियो भी उनके पास हैं जो वायरल भी हुए हैं. इसके बावजूद संतोष के अनुसार मूल कर्ज अभी बाकी है.इस पैसे के लिए संतोष उसे प्रताड़ित करता है. वह जमीन और घर उसके नाम लिख देने का दबाव देता है. उसके साथ गाली-गलौज करता है और आत्महत्या कर लेने को उकसाता है. इसके भी कई ऑडियो वायरल हुए हैं.

इस संबंध में उसने कुछ पत्रकारों के बीच एक पंचायत भी कराई थी जिसमें संतोष को बुलाया गया था. वहां संतोष ने अब पैसे लेने का दबाव नहीं बनाने और उल्टे आनंद को दो लाख रुपये वापस लौटाने का वादा किया था, लेकिन बाद में संतोष उससे मुकर गया और कोचिंग सेंटर पर जाकर धमकाने लगा. आनंद ने थाने में प्रथमिकी दर्ज करायी थी. लेकिन संतोष के दबाव में पुलिस ने उल्टे आनंद को धमकाना शुरू किया और उस केस को डीएसपी ने फॉल्स कर दिया. इससे तंग आकर उसने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की.

इस संबंध में संतोष दत्त झा ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है. उनका कहना है कि पैसे देने से बचने के लिए आनंद कर्ण नाटक कर रहा है.

ज्ञात हो कि संतोष दत्त झा दरभंगा के एक लोकल केबल चैनल में दो साल पहले तक दो-तीन हजार रुपये प्रति माह की नौकरी करता था. शहर में किराये के दो कमरों के मकान में रहता था. वह एक निम्न वर्गीय किसान परिवार से आता है. फिलहाल उसके पास कितनी संपत्ति है और कितने प्लाट-फ्लैट हैं, इसका अंदाजा भी लगाना मुश्किल है. उसके पास करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां हैं.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *