हमें विजय गुप्ता के सपनों और परिवार को संभालना है

विजय गुप्ता को पुरखों ने संभाल लिया है. अब हमें उसके सपनों और परिवार को संभालना है. इसी संकल्पबद्धता के साथ युवा फिल्ममेकर विजय गुप्ता की याद में आयोजित स्मृति जुटान संपन्न हुआ. सूचना एवं जन संपर्क विभाग, रांची के सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में फोटोग्राफी, फिल्म, कला-साहित्य और उसके परिवार से जुड़े कलाकार, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और संस्कृतिकर्मी शामिल हुए. इस अवसर पर प्रो. सुशील अंकन ने कहा कि विजय गुप्ता सेल्फलर्निंग प्रोसेस की मिसाल हैं जिन्होंने झारखंड के फोटोग्राफी और सिने कला को आगे ले जाने में महती भूमिका निभाई.