पत्रकार के घर में घुसकर थानेदार ने की मारपीट, थाने में धरना शुरू

यूपी के औरैया जिले के दिबियापुर थाने में जिले के सभी पत्रकारों ने धरना शुरू कर दिया है. जब तक पीड़ित पत्रकार को न्याय नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहने का ऐलान किया गया है. आज सुबह हिंदी दैनिक समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु गुप्ता के घर में दिबियापुर थाना इंचार्ज ने घुसकर परिवारीजनों के साथ मारपीट की और उन्हें अपराधियों की तरह थाने ले आये व प्रताड़ित किया. मामला महज इतना था कि नगर पंचायत ने पीड़ित पत्रकार के आवास की जगह को नोटिस देकर अपनी जमीन करार दिया है. जब यह नोटिस मिला तो पीड़ित पत्रकार ने हाईकोर्ट से स्टे 2011 में लिया. इसमें साफ शब्दों में यह लिखा है कि नगर पंचायत इस जमीन में हस्ताक्षेप न करे.

इसके बाबजूद आज नगर पंचायत ईओ और एसओ दिबियापुर ने पीड़ित के घर जाकर मारपीट की और फ़र्जी मुकदमें की धमकी देकर थाने ले आये. थाने में लाने के बाद उनके साथ टॉर्चर कर भद्दी गालियां दी. जब घटना की जानकारी जिले के सभी पत्रकारों को मिली तो चंद घंटों में सभी पत्रकारों ने थाने का घेराव कर पीड़ित को न्याय दिलाने की बात कही. थाने में मौजूद सीओ बंदना सिंह और सदर एसडीएम अमित राठौर ने सभी पत्रकारों की बात सुनी. लेकिन अभी तक थाना इंचार्ज के खिलाफ कोई कार्यवाही न होने के कारण जिले के सभी पत्रकारों ने थाने में धरना जारी रखा है. सभी की मांग है जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलता तब तक धरना जारी रहेगा.

जिला अभिभासक संघ के अध्यक्ष अशोक अवस्थी एडवोकेट को पत्र सौंपकर दिबियापुर पुलिस, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और लिपिक के खिलाफ शुरू की गई पत्रकारों के आंदोलन में सहयोग मांगा गया. बार एसोसिएशन ने कहा कि वह पूरी तरह से हर आंदोलन में जिला प्रेस क्लब के साथ है. गौरतलब है कि 10 अप्रैल 2018 को दिबियापुर पुलिस और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार और लिपिक नरेंद्र सिंह ने मर्यादा लांघते हुए वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु गुप्ता जी और उनके 85 वर्षीय बुजुर्ग पिता के साथ अभद्र व्यवहार किया था. माननीय अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस और नगर पंचायत ने कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए पत्रकार और उनके परिजनों को अपमानित किया था. फिलहाल थाना प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह को दोषी मानते हुए एसपी नागेश्वर सिंह ने लाइन भेज दिया जबकि इओ एवं लिपिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्र ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है.



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