उत्तर प्रदेश में त्राहि त्राहि करने लगे पत्रकार, जगह जगह एफआईआर और गिरफ्तारियां

उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के शासनकाल का उत्तरार्ध मीडिया वालों पर काफी भारी पड़ रहा है. पूरे उत्तर प्रदेश में जगह जगह पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर हो रही है और इनकी गिरफ्तारियां की जा रही हैं. ताजी सूचनाएं एटा और लखीमपुर खीरी जिलों से है. एटा से धनन्जय भदौरिया ने रिपोर्ट दी है कि एटा जिले के जैथरा कस्बे में दो दिन पूर्व पत्रकार सुनील कुमार ने जैथरा थाने के सिपाहियो द्वारा गौ तस्करों के ट्रक से अवैध वसूली का स्टिंग किया था. इसको संज्ञान में लेते हुए एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय ने आरोपी दो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था.

इस कार्यवाही से बौखलाए जैथरा थाना अध्यक्ष ने पत्रकार सुनील कुमार पर आनन फानन में छेड़छाड़ का एक फर्जी मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया. इस मामले को लेकर एटा और आस पास के जिलों के पत्रकारो में आक्रोश है और वे इस उत्पीड़न के खिलाफ लामबंद होकर धरना प्रदर्शन करने की रणनीति बना रहे हैं.  निर्भीक पत्रकार सुनील कुमार ने पूर्व में भी पुलिस के भ्रष्टाचार, राशन घोटाले, भू माफियाओं और सार्वजानिक तालाबों पर कब्ज़ा करने के समाचार दिए थे जिससे पुलिस, माफिया और नेता इनके पीछे पड़े हुए थे. सुनील को लगातार सबक सिखाने और जान से मरवा देने और झूठे मामले में फ़ंसाने की धमकियाँ मिल रही थीं.

लखीमपुर खीरी से पत्रकार अभिषेक बाजपेयी ने खबर दी है कि पुलिस वालों द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली की फोटो खींचने पर ऊंचौलिया पुलिस चौकी के सिपाही अंकुर यादव ने पत्रकार इंद्रपाल की मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी. इससे इंद्रपाल जख्मी हो गए और उनकी हंसली टूट गई. उनके साथ बैठे उनके साथी सर्वेश भी घायल हो गए.

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