नाम के आगे स्पेशल जोड़कर ट्रेन का किराया तीन गुना बढ़ा दिया

हैदराबाद से एक ट्रेन जाती है दरभंगा. वाया रायपुर जाने वाली वह ट्रेन हम मैथिलों के लिये वरदान सरीखा थी. मग्गह जाने से छुटकारा पाने का आनंद कोई मैथिल ही समझ सकता है. पहले जब तक हम पटना पहुँचते थे तबतक इस ट्रेन के आने से गाम पहुंच कर चूरा दही सरपेट लेते थे. कुछ दिन के लिए यह ट्रेन बंद हो गयी थी. अभी फिर से शुरू हुई है. वही नाम, वही नम्बर, रूट भी लगभग वही, समय भी वही. बस किया यह गया है कि इस ट्रेन के नाम में ‘स्पेशल’ जोड़ दिया गया है.

इतना होने मात्र से ट्रेन का किराया काफ़ी बढ़ गया. वरिष्ठ जनों को दिया जाने वाला छूट आदि भी ख़त्म हो गया ‘स्पेशल’ होते ही… बुजुर्ग यात्री के लिये इस ट्रेन के तृतीय एसी का प्रभावी टिकट लगभग साढ़े छः सौ होता था. ‘स्पेशल’ होते ही यह किराया बिना किसी छूट के 1850 रुपया हो गया. इसे कहते हैं वित्तीय प्रबंधन. हींग लगे न फिटकरी…

पंकज कुमार झा की एफबी वॉल से.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code