रवीश कुमार को बधाई दीजिए… बंदे ने दो दिन में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस राइट टाइम चलवा दी

Subodh Rai : रवीश कुमार को बधाई दीजिए। बंदे ने दो दिन में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस राइट टाइम चलवा दी। ये ट्रेन महीनों से 10 से 30 घंटे लेट चल रही थी। रेल मंत्री को भी बधाई कि उन्होंने अपनी पार्टी के ट्रोल, गालीबाज़ समर्थकों की तरह ये कहकर कौए की तरह मुंह नहीं बिचकाया की मैं प्राइम टाइम नहीं देखता।

रेलवे के उन अधिकारियों को भी बधाई जिन्होंने नामचीन एंकर्स की खून खौला कर मार डालने वाली डिबेट की जगह प्राइम टाइम में आम मुसाफिर की तकलीफ की खबर के मर्म को समझा और एक नई ट्रेन को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस बनाकर समय से रवाना कर दिया। टीवी पर हिंदू मुसलमान हो चुके एंकर्स के बीच गनीमत है कि प्राइम टाइम जैसा शो बाकी है।

Ravish Kumar : शायद अपने जीवनकाल में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस दूसरे दिन लगातार समय से चली है। तब भी दिल्ली पहुँचने में तीन घंटे की देरी हो गई। तीस घंटे की जगह तीन घंटे फिर भी ठीक है। यात्री बताते हैं कि गोमती एक्सप्रेस कई महीनों से बंद है। दिल्ली से अमृतसर जाने वाली इंटरसिटी महीने भर से बंद है।

आज सचखंड एक्सप्रेस के जनरल बोगी में हमारे दर्शक मित्र सफ़र कर रहे हैं। उन्होंने जनरल बोगी का हाल भेजा है। इंटरसिटी के बंद होने से दूसरी ट्रेनों में दबाव बढ़ गया है। सचखंड की जनरल बोगी में कोई चादर बाँध कर उसमें लेटा है तो कोई कहीं दबा हुआ है। हालत ये है कि कोई बाथरूम तक नहीं जा सकता। वर्षों से आम लोग इसी तरह खुद को ढो रहे हैं। उनके लिए रेल कभी नहीं बदलती बस मीडिया हर रेलमंत्री की ब्रांडिंग डाइनेमिक के रूप में कर देता है।

पत्रकार सुबोध राय और रवीश कुमार की एफबी वॉल से.

इसे भी पढ़ें…

पहली को दिल्ली से चली सीमांचल 4 मई तक जोगबनी नहीं पहुंची, रेल मंत्री कहां हैं



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Comments on “रवीश कुमार को बधाई दीजिए… बंदे ने दो दिन में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस राइट टाइम चलवा दी

  • Kailash kalla says:

    अब सरकार को रवीश कुमार को होम मिनिस्टर तो बना ही देना चाहिए,,जिसकी आवाज से समय पर ट्रेन चलने लगें तो,,होम मिनिस्टर बनने पर, दंगे, गुंडागर्दी व रेप के केस तो बिल्कुल नही होंगे।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code