UP : राज्यमंत्री पंडित सिंह मामले की सीबीसीआईडी जांच कराये जाने की मांग

लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने राज्य मंत्री विनोद उर्फ़ पंडित सिंह मामले की सीबीसीआईडी जांच कराये जाने की मांग की है.

इन दोनों ने आकाश और उसके पिता अशोक अग्रवाल से फोन पर बात की तो दोनों ने पूरी घटना की सत्यता स्वीकार किया. आकाश ने बताया कि उनके लिए यह बेहद कष्ट का विषय है कि वह मंत्री पंडित सिंह के रविन्द्र सिंह स्मृति स्मारक महाविद्यालय में पढ़ रहा है. उसने कहा कि वह सोशल मीडिया पर काम करने वाला इक्कीसवीं सदी का युवा है और मंत्री के कार्यों से पूरी तरह अचंभित है.

पिता-पुत्र ने कहा कि किसी भी स्तर पर उनके ऑडियो-रिकॉर्डिंग की मंत्री पंडित सिंह के आवाज़ का टेस्ट कराया जाए तो वह सौ प्रतिशत उन्हीं की आवाज़ निकलेगी. उन्होंने मंत्री के प्रतिनिधि शिव संपत सिंह के एफआईआर पर उन्ही के आदमी शिव पूजन उर्फ़ सोनू दुबे को गिरफ्तार करने को पूरी तरह गलत कार्यवाही बताया.

अमिताभ और नूतन ने आकाश द्वारा टेक्नोलॉजी का सही प्रयोग करने के लिए उनकी तारीफ़ की. इन दोनों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इस मामले में स्वयं हस्तक्षेप करते हुए तत्काल ऑडियो-रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच करा कर मंत्री की आवाज़ पाए जाने पर उन्हें हटाने सहित सभी आवश्यक कार्यवाही कराये जाने की मांग की है.

समाचार अंग्रेजी में पढ़ें – 

IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur have sought immediate transfer of the minister Vinod Singh @ Pandit Singh case to CBCID.

The two talked to Akash and his father Ashok Agrawal who accepted the veracity of the entire talks. Akash said he is truly ashamed of the fact that he studies in Pandit Singh’s Ravindra Singh Smriti College. He said he is a youth of 21st century well-versed in social media and he finds Pandit Singh’s behavior completely improper.

The two said that if the audio-recording is tested at any forensic lab, it will definitely come as Pandit Singh’s voice. They called the arrest of the minister’s associate Shiv Pujan @ Sonu Dubey on FIR of minister’s representative Shiv Sampat Singh totally incorrect.

Amitabh and Nutan praised Akash for proper use of technology to bring the truth. They have requested Chief Minister Akhilesh Yadav to personally intervene in this sensitive matter and to transfer the case to CBCID ordering immediate forensic test of the audio-recording with minister’s voice and take all measures including minister’s removal,  if the recorded voice is found to be his.  

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