‘गांडीव’ के खिलाफ मोर्चा खोले बनारस के पत्रकार विकास पाठक श्रम न्यायालय में जीते

वेतन देने का निर्देश, समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन को मिली सफलता, पीड़ित पत्रकारों में हर्ष

वाराणसी : उत्तर प्रदेश में मजीठिया वेज बोर्ड की मांग को लेकर मीडिया संस्थानों द्वारा की गई अवैधानिक सेवा समाप्ति के खिलाफ वाराणसी श्रम न्यायालय में दाखिल मुकदमो में पीड़ित पत्रकारों को सफलता प्राप्त होने लगी है। पीड़ित पत्रकारो व गैर पत्रकारो के हक मे श्रम न्यायालय में कानूनी लड़ाई की मुख्य भुमिका समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के वरिष्ठ विद्वान अधिवक्ता अजय मुखर्जी व आशीष टंडन के अथक परिश्रम से ही सम्भव हुआ है।

काशी पत्रकार संघ के पुर्व अध्यक्ष विकास पाठक ने अपना सम्पूर्ण जीवन काशी से प्रकाशित होने वाले एक सान्ध्य दैनिक गांडीव में खपा दिया। वर्ष 1987 से पत्रकारिता शुरू कर नित नये कीर्तिमान स्थापित करते हुये उन्होंने सहायक सम्पादक तक का सफर तय किया।

वाराणसी के सान्ध्य दैनिक अखबार गांडीव के मालिकानों ने इस पत्रकार को काफी प्रताड़ित किया। पर विकास पाठक ने हार नहीं मानी। वर्ष 2011 मे सेवायोजन संस्थान द्वारा अचानक उनकी सेवा समाप्त कर दिया गया।

वर्ष 2016 में विकास पाठक ने श्रम न्यायालय वाराणसी में वाद दाखिल किया। लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद अभिनिर्णय शासनादेश संख्या 678 दिनांक 03 सितम्बर 2019 द्वारा प्राप्त हुआ और 12 सितम्बर 2019 को अवार्ड प्रकाशित हुआ।

निर्णय में कहा गया है कि सेवायोजक संस्थान द्वारा श्रमिक को 50 प्रतिशत वेतन का भुगतान तत्काल किया जाए और शेष भुगतान 2 माह के अंदर किया जाये। वाराणसी श्रम न्यायालय द्वारा पत्रकार को मिली जीत पर पीड़ित पत्रकारों व गैर पत्रकारों में हर्ष का माहौल व्याप्त है।

भवदीय

जयराम पान्डेय

उपाध्यक्ष

समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश

9450254196

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Posted by Bhadas4media on Thursday, September 12, 2019
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