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उत्तर प्रदेश

योगी के जिले में एक बलात्कारी हैट्रिक लगा चुका है और पुलिस चिलम मारकर बैठी है!

के. सत्येंद्र-

गोरखपुर : योगी जी बलात्कार के आरोपियों की फ़ोटो चौराहे पर लगवाने का एलान कर रहे थे लेकिन गोरखपुर जिले का ताज़ा मामला यह बताता है कि उनकी पुलिस तो बलात्कारियों को जी जान से बचाने में जुटी है। गोरखपुर जिले के थाना शाहपुर में एक बार बलात्कार तथा दूसरी बार बलात्कार के प्रयास के आरोप में जेल जा चुका आरोपी विकास सिन्हा के खिलाफ तीसरी बार गैंगरेप का मुकदमा गोरखपुर जिले के थाना शाहपुर में ही दर्ज हुआ है।

यह बात और है कि शाहपुर पुलिस को पहले की तरह यह मुकदमा भी बड़ी मजबूरी में लिखना पड़ा। मजे की बात यह है कि इस आरोपी ने ज्यादातर ऐसे कांड अपने अवैध अस्पताल की आड़ में किये हैं। ये बात और है कि पहले इस अस्पताल का नाम आरुही हॉस्पिटल था लेकिन आज इस अस्पताल का नाम श्याम हॉस्पिटल है। लेकिन गोरखपुर जिले की थाना पुलिस जैसे पहले इस बलात्कार के आरोपी के सामने दंडवत थी वैसे आज भी दंडवत है क्योंकि भले यह सिलसिलेवार बलात्कार का आरोपी सीरियल रेपिस्ट बनकर जिले में बेखौफ विचरण करता रहे लेकिन पैसा तो उसके पास है ही। अब बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैय्या।

पैसा तो आखिर पैसा है क्योंकि ये पैसा बोलता है। आज विकास सिन्हा के खिलाफ लगातार इसी थाने में तीसरी बार दर्ज हुए महिला उत्पीड़न से संबंधित और गैंगरेप के मामले में थाना शाहपुर के पुलिस की विवेचना की क्या प्रगति है ये विवेचक की विवेचना और बातों से जाहिर हो रहा। विवेचक साहब की एक रिकॉर्डिंग लगभग 2 महीने के पूर्व की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में तो अब पीड़िता का बयान भी न्यायालय के समक्ष दर्ज हो चुका है लेकिन आरोपी अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। ये बात और है कि इंसान रूपी यह कामदेव जिले में ही बेखौफ घूम रहा है अपना मोबाइल भी इस्तेमाल कर रहा है और कचहरी आकर बराबर अपने मामलों की पैरवी भी कर रहा है। अंदरखाने की बात यह है कि इस आरोपी के पास पैसे के अलावा एक सत्ताधारी के पी आर ओ साहब का जबरदस्त सपोर्ट भी सुनने को मिला है। आज यह बलात्कार का आरोपी जिले में खुलेआम कामदेव बना घूम रहा है और हमारी पुलिस कामदेव बाबा को बचाने के लिए विवेचना विवेचना खेल रही है। योगी जी तो बलात्कारियों और अपराधियों से छत्तीस का आंकड़ा रखते है लेकिन क्या करें जब घर मे लग रही हो आग…घर के चराग़ से!

इस मामले में पुलिस को विवेचना जल्द से जल्द पूरा कर आरोपी को गिरफ्तार करना चाहिये था। ख़ासकर जब उसी थाने में आरोपी पर पहले से बलात्कार तथा छेड़खानी का मुकदमा दर्ज हो और दोनों मामलों में जेल भी जा चुका हो। मामला महिला से सम्बंधित है और शासन स्तर से इन मामलों में विवेचना प्राथमिकता के आधार पर त्वरित से निस्तारित करने का आदेश है। दर्ज मुकदमे में पीड़िता का 164 का बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज होने के बाद आरोपी को जेल भेज देना चहिये था लेकिन पुलिस कमाल कर रही है।

गोरखपुर से के. सत्येंद्र की रिपोर्ट.

पढ़ें उस कंप्लेन की कॉपी जिसे कोर्ट के आदेश के बाद थाने ने एफआईआर के रूप में दर्ज किया.. लेकिन आरोपी छुट्टा घूम रहा है… नीचे दिए शीर्षक पर क्लिक करें-

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