कासगंज हिंसा प्रकरण पर लिखने से ‘व्यवस्था दर्पण’ के संपादक जियाउर्रहान पर मुकद्दमा

अलीगढ : कासगंज हिंसा के दौरान सरकार और भगवाधारियों की भूमिका पर लिखना अलीगढ से निकलने वाली मासिक पत्रिका और न्यूज़ पोर्टल ‘व्यवस्था दर्पण’ को भारी पड़ा है. किसी एक भाजपाई ने यूपी सरकार के शिकायत पोर्टल पर शिकायत की थी जिस पर शासन के निर्देश के बाद थाना सिविल लाइन में व्यवस्था दर्पण के सम्पादक और रालोद नेता जियाउर्रहमान के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया है. जियाउर्रहमान पर व्यवस्था दर्पण न्यूज़ पोर्टल पर भड़काऊ खबरें डालने का आरोप लगाया गया है.

भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय ने शिकायत में जियाउर्रहमान पर भ्रामक खबरें चलाने का आरोप लगाया और कार्यवाही की मांग की. अलीगढ के थाना सिविल लाइन में शासन के निर्देश पर आईटी एक्ट में व्यवस्था दर्पण के संपादक जियाउर्रहमान पर मुकद्दमा दर्ज किया गया है. व्यवस्था दर्पण के संपादक जियाउर्रहमान ने मुकद्दमे को प्रेस की आजादी पर हमला बताया है और इसे भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया है.

उन्होंने कहा है कि जो सच था, पोर्टल पर वही लिखा और दिखाया गया है. एक खबर में त्रुटि थी जिसे तत्काल सही कर दिया गया था. भाजपा नेता षड़यंत्र के तहत आरोप लगा रहे हैं जिससे व्यवस्था दर्पण डरने वाला नहीं है. मुकद्दमे को तानाशाही बताते हुए व्यवस्था दर्पण ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का प्रयास कहा है. जियाउर्रहमान ने कहा है कि कासगंज हिंसा में जो सच था वही हमने लिखा है, भाजपाई सच से घबराते हैं. पुलिस जांच में सब साफ़ हो जायेगा. उन्होंने कहा कि सच्चाई सबके सामने रखते आए हैं और आगे भी बेबाकी से रखते रहेंगे. उन्होंने प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया और मानव अधिकार आयोग से भी शिकायत करने की बात कही है.

इस बीच, जियाउर्रहमान के खिलाफ मुकद्दमे को लेकर रालोद ने कड़ा विरोध जताया है और तत्काल मुकद्दमा वापिस लेने की मांग की है. इस बाबत सोमवार को एसएसपी से मिलकर विरोध जताने का एलान किया है. रालोद जिलाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी ने कहा है कि रालोद नेता और व्यवस्था दर्पण के संपादक जियाउर्रहमान पर भाजपा नेता ने षड्यंत्र के तहत मुकद्दमा दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर योगी सरकार तानाशाही दिखा रही है. उन्होंने कहा कि सोमवार को एसएसपी से मिलकर मुकद्दमा वापिस लेने की मांग करेंगे, मुकद्दमा वापिस नहीं हुआ तो आर पार की लड़ाई लड़ी जायेगी.

यूथ एडवोकेट कौंसिल के संयोजक और रालोद के पूर्व मेयर प्रत्याशी प्रतीक चौधरी एड ने कहा है कि जियाउर्रहमान व्यवस्था दर्पण के जरिये सच्चाई सामने लाते हैं, उनपर मुकद्दमा दर्ज कर दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो कतई नहीं होने दिया जायेगा. प्रतीक चौधरी एडवोकेट ने कहा है कि व्यवस्था दर्पण की लड़ाई दीवानी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक निशुल्क लड़ेंगे, तानाशाही के खिलाफ अधिवक्ता समाज और रालोद चुप नहीं बैठेगा. उन्होंने कहा कि व्यवस्था दर्पण पर रिपोर्ट दर्ज करने से पहले पुलिस और प्रशासन को भाजपा के उन नेताओं पर मुकद्दमा दर्ज करना चाहिए जो धर्म विशेष के खिलाफ खुलकर जहर उगलते हैं, माहौल ख़राब करते हैं.

पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी ने कहा है कि जियाउर्रहमान पर मुकद्दमा दर्ज होना सरकार की तानाशाही का प्रमाण है, रालोद नेता और व्यवस्था दर्पण के संपादक से मुकद्दमा वापिस नहीं हुआ तो चुप नहीं बैठेंगे.  उन्होंने कहा कि भाजपा की मनमानी के खिलाफ हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करेंगे. भाजपा की तानाशाही जारी रही तो लड़ाई आर पार की होगी. पूरा रालोद जिया के साथ है. मुकद्दमा दर्ज होने की रालोद नेता नवाब सिंह छोंकर, डॉ इरफ़ान खान, कुलदीप चौधरी, ओमपाल सूर्यवंशी, मनु चौधरी, केपी सिंह ने भी निंदा की है.

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