एक और मीडिया कंपनी ने मजीठिया वेज बोर्ड देने की लिखित घोषणा की

मुंबई से खबर है कि महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े समाचार पत्र समूह श्री अंबिका प्रिंटर्स एंड पब्लीकेशन ने श्रम आयुक्त कार्यालय के आदेश के बाद मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिश अपने यहां लागू करने की लिखित रूप से घोषणा की है. इस बाबत कंपनी ने श्रम आयुक्त को सूचना दी है.

इस कंपनी ने श्रम आयुक्त को लिखे पत्र में साफ तौर पर कहा है कि वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार माह अक्टूबर के वेतन में मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिश लागू कर रहा है. उसके बाद वह मार्च २०१५ में जो भी कर्मचारियों की देनदारी एरियर बकाया होगा, वह देगा. इस समाचार पत्र समूह द्वारा यशोभूमि, पुण्यनगरी, चौफेर, वार्ताहर और कर्नाटक मल्ला समाचार पत्र का प्रकाशन किया जाता है. 

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Comments on “एक और मीडिया कंपनी ने मजीठिया वेज बोर्ड देने की लिखित घोषणा की

  • likh ke diya..magar ab tak wage board ka salary diya nahi hai… old salary slip me golmaal kiya hai…all staff ka basic kam dikhaya…aur baki ka amt. ko hi divid kiya hai… gross salary last march ka hi hai

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  • majithia wage board ka salary laagoo kiya nahi hai…old salary slip me golmaal kiya hai..1 saal service aur 20 saal service walon ko ek hi basic dikhaya gaya hai.. gross salary march ka hi hai

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  • ambika printers abhi tak majithia wage board ka salary nahi diya… march ka old gross salary october me bhi diya.. salary slip me badlaav laya hai.. basic 13000…..17000 se 6500…7500 me lakhe rakha hai..

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  • Kashinath Matale says:

    Krupaya aapli salary slip junya aani navain (Majithia WAge Board) bhadas4media.com var post kara, tyavarun aamhas kalel ki kashyaprakare fitment kele aahe, te barobar aahe kinva nahi he tapasun pahata yeil.

    Kinva mala majya email var kalva:

    kgmmatale@gmail.com

    Dhanyavad!

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  • Manohar Gaur says:

    मजीठिया लागू करने के नाम पर भी बहुत घोटाला किया जा रहा है. वास्तविक ग्रेडसे बहुत नीचे की ग्रेड दी जा रही है. महाराष्ट्र के अरबों कमाने वाले पत्र समूह लोकमत ने नागपुर में चौथे ग्रेड में मजीठिया लागू किया है, जबकि कायदे से यहां प्रथम ग्रेड दिया जाना चाहिए. राज्य के अन्य ऐडीशनों के तो और बुरे हाल हैं. मालिक एक, मगर हर एडीशन का ग्रेड अलग. ग्रेड की लड़ाई लड़ रही यूनियन के लोगों को बाहर निकालकर मनमानी की जा रही है और कोर्ट में केस को लंबा खींचा जा रहा है. नागपुर के ही एक और पत्र समूह में तो कई लोगों की सैलरी मजीठिया लागू होने के बाद घट गई है.

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