एएनबी न्यूज चैनल के साथ पत्रकारिता करना चाहते हैं तो बोली लगाइए, सुनें आडियो

पंजाब से संचालित होने वाले एएनबी न्यूज चैनल के कर्ताधर्ता पैसे लेते हैं रिपोर्टरों से… इस आडियो में चैनल का एक वरिष्ठ पदाधिकारी नाम बदलकर रिपोर्टर से पैसे मांग रहा है… रिपोर्टर बनाने के लिए 30 हजार रुपए की डिमांड कर रहा है…. आडियो में बातचीत करने वाला शख्स अपना नाम एडिटर दिनेश बता रहा है…

एएनबी न्यूज में दिनेश शर्मा कभी Output Head के तौर पर काम करते थे लेकिन उन्होंने चैनल छोड़ दिया है.. इनके अलावा और कोई यहां दूसरा दिनेश यहाँ नहीं है….कहा जा रहा है कि दिनेश नाम का इस्तेमाल खुद चैनल का मालिक कर रहा है. आवाज़ भी चैनल के मालिक से मिलती जुलती है.

ज्ञात हो कि एएनबी न्यूज को पिछले दिनों काफ़ी लोग टाटा बाय बाय कर गए. पंजाब में काफ़ी सालों से काम कर रहे युवा पत्रकार सुनील कुमार हिमाचली ने भी यहाँ के काम के तरीक़े और चैनल में चल रही गलत चीज़ों को लेकर चैनल छोड़ दिया था. उसने मुश्किल से यहाँ तीन महीने काम किया और परेशान होकर जॉब चेंज कर ली. न तो उसकी सेलरी दी और न ही उसके साथ सही हुआ.

सुनील के छोड़ने के बाद यहाँ से मैनेजिंग एडिटर और एडिटर इन चीफ, जिन्होंने महीना भर पहले ही ज्वाइन किया, वे अपनी टीम के साथ छोड़ गए. चैनल में काम करने वालों को धमकाया जाता है. इल्ज़ाम और केस करने की धमकियाँ दी जाती हैं.

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Comments on “एएनबी न्यूज चैनल के साथ पत्रकारिता करना चाहते हैं तो बोली लगाइए, सुनें आडियो

  • अजीत सिंह says:

    चैनल में सब काम एक नंबर का है बोल रहे हैं एकाउंट में से लेन देन होगा और जो भी पेमेन्ट होगा वह भी GST के साथ। गलत क्या बोला जा रहा है अन्य चैनल की तरह तो नहीं है कि ब्लैकमेल या ब्लैकमनी के लिए कोई डिमांड कर रहा है
    जो भी रिपोर्टर बोल रहे हैं उनको समझना चाहिए कि ANB न्यूज़ में लीगल तरीके से काम होता है उनसे सिर्फ सिक्योरटी के बोला जा रहा है। ऐसे ही किसी संस्थान को बदनाम न करें।

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  • अतुल says:

    यही सब हो रहा चैनल में 30,000 सिक्योरिटी लेंगे, जरा अपना डब्बा चैनल देख लो,खबर देख लो, खबर का असर देख लो जरा खबर चलाने से यहाँ एक भृष्ट चपरासी सस्पेंड होने वाला नही, आए दिन लड़के बदलोगे तो यही होगा, पहले चैनल जरा चमकाओ, खबरे चलाओ और जरा ढंग का चैनल करो, जरा उन चैनलों को देखो जो आज बड़े है, अपने रिपोर्टर तो छोड़ो स्टिंगर तक को स्टोरी पर पेड कर रहे और अगर नही भी कर रहे तो तुम्हारी तरह मांग नही रहे कि सिक्योरिटी दो,लाइव कराओ। जाओ मालिक सीखो जाकर उनसे कैसे वो बड़े बने, पहले नाम बना लो फिर पैसा अपने आप मार्केट से आएगा, जिले के हम लड़को के भरोसे चैनल नही खोले जाते, हम खबर दे हम पैसा दे और सुनो अभी फंस जाए कहीं तो साफ कह दोगे हम जानते नहीं। जाओ अगर बड़ा चैनल बनने का और मीडिया में लम्बा टिके रहने का मन है तो जाओ पहले जाकर आज जो बड़े चैनल है उनसे सीखो की तुम्हारी तरह उन्होंने लाइव करवाए, सिक्योरिटी के नाम पर पैसा मांगा, स्टिंगरो पर दबाव बनाया, कैसे उन्होंने नाम इज्जत पैसा सब कमाया। बस चैनल खोल लो फिर सोचो पैसा जिले का लड़का लाकर दे दे, हमारे बाप का हिस्सा लगा है न तुम्हारे चैनल में और सुनो ये कोई भी मुंह उठाकर चला आए की हम 1 करोड़ देंगे साल में तो उसे दामाद की तरह सब सौप न दिया करो, अपने लोगो पर पुराने लोगो पर भरोसा करना सीखो, अभी नए हो मीडिया लाइन में उनसे राय लिया करो जो तुम्हारे चैनल में आने से पहले कई चैनलों में रहे है, वो मुंह से न कहे लेकिन उनके सामने कई चैनल बंद/खुले है। भाइयों ये आवाज मालिक जॉय कुट्टी की है इससे लखनऊ में एक मीटिंग हुई थी मिला था मैं इसका बहुत ईमानदारी वाला भाषण भी सुना था लेकिन ये आवाज इसका असल रूप है।

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  • ये चैनल जब आया था इसका मालिक लखनऊ आया था मीटिंग में जब पत्रकारिता के दिग्गज दिलीप सर ब्यूरो हेड थे, बेहतरीन पत्रकार व यूपी शासन में मजबूत पकड़ रखने वाले पुनीत सर भी ANB में, तब मीटिंग में मालिक ने ऐसी लच्छेदार ईमानदारी वाली बात कही थी सुनकर तो लगा कि चैनल आगे जाएगा, कुछ महीनों बाद दिलीप सर ने छोड़ दिया, चैनल आए कुछ महीने बीते थे कि मालिक को पूर्व में बंद हो चुके कई चैनलों के मालिक की तरह पैसे की भूख सताने लगी, चैनल मालिक की एक सबसे बड़ी भूल रहती है वो अपने चैनल को देश के टॉप 10 चैनल में समझते है सोचते है जिले वाला लड़का मेरी आईडी लेकर पैसा पीटे दे रहा, लेकिन ए anb के मालिक जॉय कुट्टी आओ एक दिन आईडी लेकर देख लो जरा तुम्हारे चैनल से यूपी में बिना किसी की मदद लिए डीएम तो छोड़ो तुम एक हवलदार से काम करवा लेना अगर जिला संवाददाता साथ न हो और यूपी का कोई जानकार पत्रकार साथ न हो तो तुमसे छूटते पूछेगा या कौन सा चैनल है?? किस पर आता है?? मतलब समझे चैनल की पहचान पत्रकार से होती है न कि पत्रकार की चैनल से, anb पर खबर चले अगर जिला रिपोर्टर मेहनत न करे तो एक होमगार्ड न सस्पेंड हो, थोड़ा होश में आकर सच्चाई स्वीकारो। चलो मुद्दे पर वापस आते है…. हा तो मालिक की पैसे की भूख का फायदा उठाकर एक फट्टेबाज टीम जो पहले ही कई चैनलों में ताला लगवा चुकी है, इनके साथ आई लाखो की सैलरी पर…… आते ही आईडी बेचना शुरू और चैनल पर विज्ञापन कोई आईडी के पैसे मांगे हमे बताएं तो भाई फट्टेबाजो ने मुझे तुरन्त हटा दिया क्योंकि उनके मन का रुपया मैं उनकी बताई कम्पनी के अकाउंट में ट्रांसफर करने को तैयार न था फिर दिलीप सर से मैंने बात की उन्होंने कहा छोड़ दो चैनल अब उसकी बदनामी पक्की है जाने दो क्या करना फिर मैं किसी काम से लखनऊ गया पुनीत सर से मिला वहां मैंने उनसे पूछा कि ये जो टीम आई है ये चैनल बेच देगी आप समझाते क्यों नही मालिक को….पुनीत सर ने कहा मालिक ने मुझसे इसको लेकर कोई प्रश्न नही किया न सलाह मांगी तो मैं क्यो अपनी तरफ से सलाह दू, उन्हें लगता है मै सिर्फ खबर करता हूँ मेरी न शासन में पकड़ है न सूचना विभाग में, अगर ऐसे मंत्रियों अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवा कर बड़ी बड़ी बातें कर मालिक को गुमराह करना होता तो मेरी एफबी ऐसी फोटो से पटी पड़ी है, मालिक को स्वयं सोचना चाहिए समझदार होना चाहिए फोटो खिंचाने में और काम कराने में फर्क है फोटो तो वो आए हम जिसके साथ कहे खिंचवा दे रहे। बात हो ही रही थी कि फट्टेबाजो की टीम के एक टीम मेम्बर का फोन आया कि फलाने मंत्री से मेरे एक जानने वाले को मिलवा दीजिए और सूचना में ये काम करवा दीजिए, सचिवालय पास बनवा दीजिए। शांति प्रिय पुनीत सर ने हा हां किया और फोन काटकर मुस्कुराए बोले देखा जो वहां बड़ी बड़ी फेंकते है वो काम के लिए फोन हमे करते है कराएंगे हम नाम वो कमाएंगे झूठ बोलकर की एक फोन पर काम कराया, छोड़ो जाने दो आओ चाय पीए। उसके कुछ दिन बाद उस टीम के पैसे उगाही के किस्से सामने आए टीम हटी लेकिन मालिक को खून लग चुका था आईडी बेचने का, ये ऑडियो उसी मालिक जॉय कुट्टी का है ये उसकी आवाज है मैंने लखनऊ में इसकी स्पीच सुनी थी। और जो ये कमेंट किया है न ये उसी ने कराया है मालिक के पत्रकारिता का ज्ञान देखिए कह रहा आईडी लेटर देंगे नही 2 महीने बाद देंगे…काम करो गजब है लड़का काम करेंगा बिना लेटर बिना जिला सूचना में लेटर जमा किए, बिना आईडी के वीआईपी फंक्शन में और घटनास्थल पर जाएगा उसके खिलाफ मुकदमा लिख लिया जाएगा उसके पास क्या सुबूत की वो चैनल में है। मालिक तुम पंजाब में धंधा करो यूपी में नहीं और अक्ल आ गई हो मेरा कमेंट पढ़कर तो बुद्धि से काम लेना जमीन पर काम करने वाले मेहनती लोगो से सलाह लेना उनकी सुनना और उनके हित का सोचना तुम्हारा भला होगा और अगर मोबाइल में बड़े बड़े नेताओं के साथ फोटो दिखाने वाले चूतियों को अपने यहाँ बड़े पद दोगे यही होगा और आईडी बेचना बंद कर दो और भी कई रास्ते है पैसे कमाने के ये खून अपने मुंह मत लगाओ मेरा अब तुमसे कोई लेना देना नहीं ज्यादा कुछ कहोगे तो अपनी फोटो भी तुम्हारे साथ वाली डाल सकता हूँ डर नही है तुम्हारा।

    तुम्हारा कभी तुम्हारी टीम में जुड़ा यूपी के एक जिले का तुम्हारा शुभचिंतक।

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  • Shiv kumar says:

    इस चैनल का यही हाल रहा है यूपी में इसकी बार-बार फ्रेंचाइजी दी गई। लड़को ने पैसा दिया Aको A से फ्रेंचाइजी छीनकर गई B के पास, A ने पैसे लिए लड़के रखे फिर B लेकर फ्रेंचाइजी आए तो उन्होंने पैसे लिए लड़के रखे फिर चैनल ने B से फ्रेंचाइजी लेकर C को दे दी गई अब C लड़के रख रहे और A,B के रखे लड़को को फर्जी बता रहे है। हद है ऐसे चैनल की।

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