न्यूज18 के अंकित त्रिपाठी ने सभी आरोपों को बताया निराधार, पढ़ें उनका पक्ष

ANKIT TRIPATHI-

मेरे पिता बचनपन मे खत्म हो गए थे जब मै एक साल का था 4 बहने मुझसे बड़ी थी पिता के न रहने पर मजबूरी मे मैने बहुत सारे काम करने के साथ पढ़ाई करता रहा जो विधायक की गाड़ी चलाने की बात हो रही है मैं विधायक की नही बल्कि उनके भाई प्रमोद शिवहरे के साथ 4 साल राजा देवी डिग्री कालेज मे था

जिस मोरम भरे टैक्टर को रोकने की बात जो आप चला रहे है उसका नंबर है 6387114600, उससे बात कर लीजिए और यहां बांदा जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों के नंबर भेज रहा हूँ 9454417531, 9454400257 और मोरम खदान संचालक के नंबर आपके पास पहले से है

सिर्फ एक जयराम सिंह को छोड़ कर कोई खदान संचालक अगर कहता है कि अंकित पैसा लेता है तो आप जो कहेंगे वो मैं करूंगा

सिर्फ यहां पत्रकारो को जलन है मुझसे तो रोज शिकायत करते है और मेरे चैनल हटाने के बराबर प्रयास कर रहे है

मुझसे पहले यहां न्यूज 18 मे आनंद तिवारी था उसे किसी कारण बस चैनल से हटा दिया गया था जिस दिन से मेरा सिलेक्शन हुआ उस दिन से सिर्फ मेरा विरोध कर रहे है

मैं रहने वाला चित्रकूट जनपद का हूं यहां हमारे परिवारिक 10 लोग मीडिया मे है और सभी के पिता सरकारी नौकरी करते है उन्होंने भी बहुत कोशिश की न्यूज 18 मे हो जाए लेकिन किसी के पास योग्यता नही थी मैने BA, MA, करने के बाद बैचलर ऑफ मास कंयूनिकेशन किया अनुभव और डिग्री के आधार पर मेरा सिलेक्शन हुआ तब से कुछ पत्रकार मेरे विरोध मे हमेशा रहे है

ज्ञानेंद्र शर्मा बालू के ट्रक निकलाते थे जी न्यूज मे उसके बाद अवैध कामो संलिप्तता देख उन्हें हटा दिया था , आनंद तिवारी कुछ इस तरह के अवैध काम करते थे , जफर अहमद शहर मे कई जगह अवैध जमीन कब्जा किए हैं , राहुल द्विवेदी फर्जी NDTV के नाम से मोरम खदानो से वशूली और ओवरलोड ट्रकों को जनपद के बाहर निकलाने का लोकेशन का काम करता है , संदीप कोटार , 20 मुकदमे है पास्को के साथ कई मुकदमे दर्ज है सहजाद अहमद सैक्स रैकेट चलाता है मादक पदार्थों की देर रात बिक्री करता है रात मे शराब , मनोज गोस्वामी के साथ बहुत की दुकान बंद होने के बाद मंहगे दामो मे शराब बेचना है अधिकतर पत्रकार है जो पत्रकारिता के नाम पर सिर्फ अवैध काम और बालू के टैक्टर निकलाते है इनका आपराधिक इतिहास पता कर सकते है जिनके कामो की चर्चा की है

मुझे सिर्फ फसाने की कोशिश कर रहे है और जिस चैनल काम करता हूं मेरी मजबूरी है समाज को न्याय दिलाना और मै करता हूं

बांदा के DM , SP से बेहतर मेरे बारे मे कोई नही बता सकता आप फोन करके एक बार यहां के अधिकारियों से बात करले dm और sp मुझे साइको कहते है क्योंकि मैंने हमेशा आमजनता का साथ दिया है और लोगो को न्याय दिलाया है यहां के अधिकतर मीडिया वाले दलाली करते है फिर दोहरा रहा हूँ dm , sp के साथ जनपद के सभी थानो मे और मोरम माफिया से बात कर लीजिए अगर कोई भी मुझे भ्रष्टाचार मे संलिप्त कह दे तो आप जो कहेंगे वो मै करूंगा यही वजह है सिर्फ मेरा विरोध कर रहे है कई बार यहां के छोटे बड़े पत्रकारो ने गलत काम के लिए अधिकारियों से सिफारिश करने के लिए मुझसे कहा था लेकिन मैंने कभी किसी भी पत्रकार की गलत पैरवी नहीं की, बस यही ईष्या का विषय है आप पता कर लीजिए मेरा कैरेक्टर

सर निदेवन है आपसे आप मुझसे उम्र मे भी बहुत बड़े है आपकी खबरों को देख आपको आदर्श मानता हूं लेकिन ये खबर सिर्फ मुझे नीचा दिखाने के लिए और मेरी छवि धूमिल करने के लिए ये काम किया गया है

समाजसेवी आशीष सागर को अभी मोरम माफिया परेशान कर रहे थे. उनके साथ सिर्फ अकेला मै पत्रकार खड़ा था.

हां एक कमी मुझमें भी है कि मैं गलत नहीं बर्दाश्त कर पाता और सत्य के साथ हमेशा रहता हूँ यही कुछ लोगों को बुरा लग रहा है और अभी यहां के पत्रकरों का दावा है कि बहुत जल्द मेरी हत्या करवा देंगे. खैर मेरे साथ मेरा ईश्वर और मेरे कर्म हैं. जो ईश्वर को मंजूर होगा वो मुझे कबूल है.

सादर प्रणाम

ANKIT TRIPATHI

tripathibanda8@gmail.com


(अंकित त्रिपाठी ने जो कुछ लिखकर भेजा है, उसे हूबहू प्रकाशित किया गया है, एक शब्द भी संपादित नहीं किया गया है.)

मूल खबर-

न्यूज18 के स्ट्रिंगर पर लगे कई गंभीर आरोप, देखें वीडियो

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Comments on “न्यूज18 के अंकित त्रिपाठी ने सभी आरोपों को बताया निराधार, पढ़ें उनका पक्ष

  • प्रिय यशवंत जी . . . . .

    मेरा नाम अरविंद है मैं बाँदा का मूल निवासी हूँ . . . .जो यह लेख बांदा जनपद के न्यूज़ 18 के रिपोर्टर अंकित त्रिपाठी जी द्वारा अपनी सफाई दिया है। इसको पढ़कर मुझे हंसी आती है। यह पूर्णतया गलत है हालांकि अंकित त्रिपाठी बीते 10 साल पहले चांदी की तस्करी व अवैध तमंचा बेचने के आरोप में पुलिस ने इनको इन्हीं के घर से रात्रि को गिरफ्तार किया था हालांकि बीजेपी के कुछ नेताओं के हस्तक्षेप से वह मामला कोतवाली से ही खत्म कर दिया गया। पोर्टल से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले अंकित त्रिपाठी न्यूज़ 18 में नौकरी पाने के बाद हवा में उड़ने लगे और वर्तमान की स्थिति यह है कि शराब के नशे में लोगों से गाली गलौज करना और मारपीट करना इनके लिए आम बात हो गई अभी कुछ दिन पहले ही शहर के मॉडल शाप में इन्होंने वहां के संचालकों को भी अपने कुछ साथियों के साथ जमकर मारपीट की थी। इन पर जो वसूली के आरोप लगाए गए थे वह पूरी तरह से सही हैं अगर इनकी वसूली के मामलों की जांच करा ली जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा इन्होंने अपनी सफाई में एक जयराम सिंह का भी जिक्र किया है की जयराम सिंह को छोड़कर बाकी खदान मालिक कुछ नहीं कहेंगे तो मैं यह बता दूं कि जयराम सिंह से इन्होंने खदान चलाने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी। जिसको लेकर जयराम सिंह ने इन्हें पैसे देने से मना कर दिया था और फिर अंकित अपने साथियों के साथ जयराम सिंह की कनवारा खंड खदान पहुंचा। जहां पर इनकी हॉट टाक खदान के कर्मचारियों व जयराम सिंह से हुई थी। इन्होंने अपनी सफाई में लिखा है कि इनके बारे में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से पता कर लिया जाए। तो मै बता दूं कि किसी पत्रकार के चरित्र का सर्टिफिकेट देने वाला पुलिस प्रशासन का अधिकारी कैसे हो सकता है। हां इतना जरूर है कि न्यूज़ 18 चैनल की मॉनिटरिंग पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के यहां होती है। जिसको लेकर यह अधिकारी इनको अपने खेमे में लिए रहते हैं। उन्होंने अपनी सफाई में खुद को चित्रकूट का रहने वाला बताया है कि जो सरासर गलत है अंकित त्रिपाठी का यहां बाँदा पर घर है और यही पर इनका जन्म हुआ है जिले के गिरवा थाना क्षेत्र के किसी गांव के मूल निवासी रहने वाले बताए जाते हैं। इसके अलावा अन्य पत्रकारों के चरित्र पर भी इन्होंने उंगली उठाई है तो मैं इतना बता दूं कि अगर इन पत्रकारों पर इतने गंभीर आरोप हैं तो यह पत्रकारिता कैसे कर रहे है। इसके अलावा इन्होंने अपनी सफाई में कहा है कि इनके सगे संबंधी ही इनका विरोध कर रहे हैं और न्यूज़ 18 चैनल इससे मिलना चाहते हैं। सवाल यह है कि आखिर पत्रकारों के साथ-साथ इनके अपने रिश्तेदार भी क्यों इसका विरोध कर रहे हैं। वजह साफ है कि कहीं ना कहीं दाल काली जरूर है। इसके अलावा मेरी जानकारी में इनका कुछ महीने पहले का एक मामला मेरे संज्ञान में है कि बाँदा के तिन्दवारी थाने में तैनात एक महिला सिपाही ने पिंकू थप्पड़ जड़े थे कारण यह था कि शराब के नशे में इसने महिला सिपाही से अभद्रता और बदसलूकी की थी।

    खैर मुझे लगता है कि जिस तरह के इनके जिले में कारनामे इस समय उजागर हो रहे हैं उससे न्यूज़ 18 की हावी और विश्वसनीयता जरूर लोगों की नजरों में गिर रही है इसलिए मेरा इनके संस्थान के लोगों से भी आग्रह है कि चैनल की छवि को बिगड़ने से बचाएं।

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  • Zeeshan Akhtar says:

    अफसोस पत्रकारिता के गिरते स्तर पर।
    यशवंत जी, अपने बचाव मे दर्जन भर पत्रकारों पर लाँक्षन और आरोपों पर सफाई न देना हास्यपद है। किसी के इतने दुश्मन कैसे हो सकते है ये समझ से परे है।

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  • Nafiskhan says:

    इसमे जो भी लिखा है अंकित जी ने वो एक दम सच लिखा है अंकित जी एक बहोत अच्छे पतकार है और हमेसा सच का साथ देते है

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  • Nafiskhan says:

    इसमे जो भी लिखा है अंकित जी ने वो एक दम सच लिखा है अंकित जी एक बहोत अच्छे पतकार है और हमेसा सच का साथ देते है ओर 80%पतकार इसी लिए उनसे न खुस है जो दलाल है जो अवैध काम करते है जो गरीबो से भी दलाली करते है वो ही लोग अंकित जी को बदलाम कर रहे है क्यों कि अंकित जी हमे सा सच का साथ देते है और हमेसा गरीबो की मदत करते है मेरी नज़र में तो इनसे अच्छा कोई पतकार नही है बाकी सब तो दलाली करने में लगे है

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  • Sir news 18 channel ka ek group editor Hai oo to 15lack lekar ek rappiest police officer ko bachaya Hai air nirdosh reopter air victim ko badname Kiya ,iswar Kare papi ko paap lage

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  • Shahnavaj Shaikh says:

    अंकित त्रिपाठी की तुम क्या तुलना करते हो अरविंद यहां बांदा जनपद के गावों मे कई बार एक अरविंद नाम का फर्जी पत्रकार जूते खाया और उसकी पत्नी ने खुद उसे जूतों से मारा है और उस अरविंद पत्रकार का सिर्फ काम है सुबह से शाम तक मे 5 सौ रुपये की दलाली करना और भाग खाने के बाद 2 क्वाटर देशी शराब लोग आरोप लगाने से पहले अपने आप को देखे कितने दूध के धुले है तुम जैसे पत्रकरो को शर्म आनी चाहिए एक ईमानदार छवि के पत्रकार की छवि धूमिल कर रहे हो , हा कमी उसमें भी अंकित मे चाहे वो पत्रकार हो या माफिया अगर गलत पा गया तो किसी को बकस्ता नही है और दलाल पत्रकारो के जैसे कोई उसे न खरीद सकता न वो बिकता है मैं पत्रकार नही हूं लेकिन लोगो की मदत करता हूँ

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