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लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार अरविंद नारायण सिंह का निधन

Sad news. journalist Arvind Narayan Singh, who had been associated with Nav Bharat Times, Rashtriya Sahara and Hindustan, died at his Indira Nagar, Lucknow residence on Sept. 7, Thursday. RIP

Devesh Singh : वरिष्ठ पत्रकार अरविंद नारायण सिंह हमारे बीच नहीं रहे। आज हम सब के बीच वरिष्ठ पत्रकार अरविंद नारायण सिंह नहीं रहे। प्रातः तकरीबन सवा चार बजे उन्होंने अन्तिम सांस ली। लंबे समय से वह हिपेटाइटिस से जूझ रहे थे। अन्तोगत्वा आज मौत के आगे जिंदगी ने घुटने टेक दिये। यूं तो मीडिया जगत में उनकी लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। हिन्दुस्तान अखबार से अलग होने के बाद वह कुछ बुझे-बुझे से रहने लगे थे। कभी उन्होंने अपने दर्द को बयां नहीं किया।

Sad news. journalist Arvind Narayan Singh, who had been associated with Nav Bharat Times, Rashtriya Sahara and Hindustan, died at his Indira Nagar, Lucknow residence on Sept. 7, Thursday. RIP

Devesh Singh : वरिष्ठ पत्रकार अरविंद नारायण सिंह हमारे बीच नहीं रहे। आज हम सब के बीच वरिष्ठ पत्रकार अरविंद नारायण सिंह नहीं रहे। प्रातः तकरीबन सवा चार बजे उन्होंने अन्तिम सांस ली। लंबे समय से वह हिपेटाइटिस से जूझ रहे थे। अन्तोगत्वा आज मौत के आगे जिंदगी ने घुटने टेक दिये। यूं तो मीडिया जगत में उनकी लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। हिन्दुस्तान अखबार से अलग होने के बाद वह कुछ बुझे-बुझे से रहने लगे थे। कभी उन्होंने अपने दर्द को बयां नहीं किया।

मीडिया में चंद लोग ही होंगे जिन्हें उनकी बीमारी के बारे में मालूम होगा। इधर काफी समय से उन्होंने गुमनामी की चादर ओढ़ दीनदुनिया से अपने को अलग कर लिया था। आज भी मेरी शादी में नाचते हुए उनका मुस्कराता चेहरा मुझे याद आ रहा है। हिन्दी भाषा पर उनकी गजब की पकड़ थी। पान खाने के वह बेहद शौकीन थे। अरविंद जी कम बोलेते थे। काफी नपी-तुली भाषा का इस्तेमाल करना उनकी आदत में शुमार था।

उन्होंने अपने को हमेशा तड़क भड़क जीवन शैली से अलहदा रखा। सादा जीवन के वह अनुयायी थे। आज जब वह हम सब के बीच नहीं है उनकी हर बात याद आती है। मेरा दुर्भाग्य रहा जो मुझे उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिला। फिर भी मैं उनके काफी करीब था। अरविंद जी की एक बेटी है जिसकी मेडिकल की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। दुख की इस घड़ी में ईश्वर उनके परिवार को सहन शाक्ति दे। अंतिम या़त्रा आज शाम चार बजे उनके निवास स्थान 15-सी नील बिहार कालोनी सेक्टर-14, इन्दिरानगर से भैंसाकुंड के लिए निकली। इस दौरान काफी संख्या में उनके जानने वाले मौजूद रहे।

लखनऊ के युवा पत्रकार देवेश सिंह की एफबी वॉल से.

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