प्रदेश की योगी सरकार कितने भी दावे कर ले कि हम भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाएंगे पर जिसे शासन के उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त हो उसे भ्रष्टाचार करने से कौन रोक सकता है। मामला है गाजीपुर जनपद के मरदह ब्लाक का जहां खंड शिक्षा अधिकारी कल्पना अपनी बेलगाम कार्यशैली से भ्रष्टाचार की लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
मोहतरमा की अभी नौकरी भी पक्की नही हुई है और अभी इनका परिवीक्षा काल चल रहा है पर पैसे की भूख और सत्ता संरक्षण का मद जो न करा दे।
खंड शिक्षा अधिकारी मरदह कल्पना के भ्रष्टाचार एवं पद की मर्यादा के विपरीत कार्य करने और उनकी लगातार मिल रही शिकायतों से क्षुब्ध होकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गाजीपुर, सहायक शिक्षा निदेशक वाराणसी मंडल एवं जिलाधिकारी गाजीपुर द्वारा कल्पना के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई प्रस्तावित करने हेतु अपनी विस्तृत आख्या दिनांक 10 मई, 2022 को शासन को भेजी जा चुकी है लेकिन जिसे प्रयागराज और लखनऊ में शासन के उच्च पदस्थ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त हो उसका जनपद स्तर के अधिकारी क्या बिगाड़ लेंगे।
अब सुनें कल्पना के कुछ कारनामें. बीईओ मरदह कल्पना का संरक्षण प्राप्त चालक डब्लू कुमार उर्फ मुन्ना उर्फ सोनू उनके कार्यालय परिसर में स्थित कंपोजिट विद्यालय मरदह की कक्षा-7 में पढ़ने वाली छात्रा के साथ विद्यालय बंद होने के पश्चात विद्यालय परिसर में ही दिनांक 08 अक्टूबर 2021 को दुष्कर्म करता है।
ऐसी शर्मनाक घटना खंड शिक्षा अधिकारी कल्पना की लापरवाही के कारण घटित हुई क्योंकि अनधिकृत रूप से इनके द्वारा बनाये गये किचन/आरामगृह की चाभी चालक के पास रहती थी। ये चालक जब मैडम विद्यालयों का निरीक्षण करती थीं तो इस दौरान कक्षाओं में जाकर छात्र छात्राओं की फोटोग्राफी व वीडियो ग्राफी भी करता रहा है।
जब शिक्षक संगठनों ने इस पूरे प्रकरण पर निष्पक्ष जांच की मांग की तो कल्पना द्वारा जाति व वर्ग को आधार बनाकर पुलिस का ध्यान दुष्कर्म की घटना से भटकाते हुए दो शिक्षक प्रतिनिधियों पर एससी- एसटी के तहत थाना मरदह, गाजीपुर मे मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया।
मामले का संज्ञान लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के विशेष न्यायालय पास्को द्वारा नोटिस जारी करके खंड शिक्षा अधिकारी कल्पना को 20 मई को तलब किया जा चुका है और अगर साक्ष्य प्रमाणित हुये तो 120 B की मुजरिम बनकर ये मैडम जेल भी जा सकती हैं।




अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कल्पना द्वारा मार्च माह 2022 में आयकर आगणन के नाम पर मरदह ब्लाक के सभी शिक्षकों से 300 रू प्रति शिक्षक के दर से अवैध धन उगाही की गई जिसकी शिकायत शिक्षक संगठनों के साथ साथ शिक्षकों द्वारा शपथपत्र के माध्यम से की गयी।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित शिक्षकों को अनुपस्थित दिखाकर धन उगाही करने में भी महोदया को महारत हासिल है। यहां तक कि जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के निर्देश पर चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य मे लगे हुए शिक्षकों को भी अनुपस्थित कर वेतन काट दिया जाता है।
शासन द्वारा विद्यालयों के खातों में प्रेषित स्पोर्ट्स की धनराशि को अपने चहेते फर्म आस्था इंटरप्राईजेज से भारी भरकम कमीशन लेकर शासनादेश के विरूद्ध जाकर केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत गुणवत्ता विहीन खेल सामग्री की खरीददारी कराते हुये सभी प्रधानाध्यापकों से जबरन चेक बी आर सी कार्यालय पर जमा करा लिया गया।
अगला हिस्सा जल्द… जिसमें नाम होगा इलाहाबाद और लखनऊ के उन बड़े अफसरों का जो एक भ्रष्टाचारी अफसर को बचाने के लिए एड़ी चोटी एक किए हुए हैं… वे क्यों बचा रहे हैं, इसके कारणों का भी खुलासा होगा…
पूरे प्रकरण को समझने के लिए इन्हें भी पढ़ें-
उगाही के लिए तैनात शिक्षा अधिकारियों पर बड़े अफसर मेहरबान!
प्रयागराज में पदस्थ अधिकारी के संरक्षण में फल-फूल रहा बीईओ डॉ कल्पना के भ्रष्टाचार का कारोबार!
डीएम की जांच रिपोर्ट दबा गए विशेष सचिव (बेसिक शिक्षा), आरोपी अधिकारी पर कोई आंच नहीं!



डॉ रतन कांत
May 19, 2022 at 4:19 pm
Thanks ,
ऐसे लेख के लिए ।