बेशर्म डीडी न्यूज़ ने अटलजी के मरने की खबर चलाई, अकल के अंधे इंडिया टीवी ने भी नकल किया

अब इंडिया टीवी के एंकर डीडी न्यूज़ पर ठीकरा फोड़ने में जुटे… ब्रेकिंग न्यूज, एक्सक्लूसिव खबर, बड़ी खबर जैसे तमगे लगाकर अक्सर दुनिया भर में बदनाम रही और आलोचना का शिकार रही भारतीय मीडिया की फेहरिस्त में सरकारी चैनल DD NEWS भी आ गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर बिना पुष्ट किए ही बड़े-बड़े टेक्स्ट और बिग ब्रेकिंग बैनर लगा कर चला दिया।

जैसे ही खबर डीडी न्यूज़ में चली, इंडिया टीवी ने बिना देर किए DD News के हवाले से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर चलाना शुरू कर दिया। इसके बाद तो देशभर में दुवा कर रहे लोगों में यह खबर देखते ही गहमागहमी होने लगी। शेष सभी मीडिया चैनल मौत की आधिकारिक पुष्टि न होने की खबर लगातार चलाए जा रहे थे। हालांकि डीडी न्यूज को देखकर जयपुर से लेकर लखनऊ तक के कई रीजनल न्यूज चैनल्स भी अटल जी के मरने की खबर चलाने लगे.

जैसे ही DD News को अपनी गलती का अंदाजा हुआ, DD News ने बिना समय गवाएं खबरों का एंगल बदल दिया। इसके बाद India TV भी यूटर्न मारते हुए अपनी गलतियों से पीछा छुड़ाने में लग गया। इंडिया टीवी के एंकर लगातार डीडी न्यूज़ पर ठीकरा फोड़ते दिखे। इस घटनाक्रम ने गैर जिम्मेदार भारतीय मीडिया के घटिया चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया।

छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार योगेश मिश्रा की रिपोर्ट. संपर्क : yogeshmishra333@gmail.com , 9329905333

उपरोक्त खबर पर सोशल मीडिया पर आईं ढेरों प्रतिक्रियाओं में से कुछ यूं हैं…

Nitin Sabrangi आज दूरदर्शन ने ही रिकॉर्ड तोड़ डाला। समाचार देखकर त्रिपुरा के राज्यपाल महोदय ने तो श्रद्धांजलि भी दे डाली। बाद में माफी मांगनी पड़ी।

Rajinder Dhawan इंडिया न्यूज भी घोषणा कर चुका है।

Nitin Srivastava भाई, रावण को राम ने नहीं विभीषण ने मारा था ।

Yashwant Singh तीरवा त रामे क नभिया में घुसा थ न … और उ स्वाभाविक मौत न रहा.. मर्डर रहा.. ये तुलना बेकार है बाबा…

Sachchidanand Singh यशवंत जी सच तो यह है कि माननीय अटल बिहारी बाजपेई ने कल ही अंतिम सांस ली थी लेकिन 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक न हो इसलिए इसलिए मेडिकल बुलेटिन में मैं कुछ बदलाव किया गया था

Yashwant Singh बिना ब्रेन डेड हुए कैसे मरा घोषित कर देंगे. देख रहा हूं कि फेसबुकिया सब उन्हें मारने के लिए बौराए हुए हैं. मेकिडल साइंस का एक एथिक्स है. बिना ब्रेन डेड हुए आप मार नहीं सकते. इसके लिए आपको इच्छा मृत्यु की परमीशन लेनी पड़ेगी, जो भारत में अभी कानूनन वैध नहीं है.

Dinesh Goswami समय से बेहद जल्दी खबर प्रसारित करने वाले पत्रकारों की नौकरी जाएगी ?

Pramod Patel कुछ तो खेल खेला जा रहा है…?


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अटलजी को मरा सुनने के लिए सोशल मीडिया और न्यूज चैनल वाले बेचैन…

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