Yashwant Singh-

स्वामी रामदेव का क्या है महाप्लान… शिक्षकों की फ़ौज इन दिनों क्यों ले रही बाबा के इस ख़ास ias अफ़सर से ट्रेनिंग… cbse की तर्ज़ पर शुरू हुए बाबा के भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एनपी सिंह से बातचीत का पहला हिस्सा देखिए…
भारत जब अंग्रेजों के कब्जे में था तब यहां किस तरह की शिक्षा दी जाए, इसको लेकर अंग्रेज शासकों के अलग अलग मत था. फाइनली जो वाला लागू हुआ वो भारत को सैकड़ों सालों तक अपना उपनिवेश बनाए रखने की मानसिकता से तैयार किया गया सिस्टम था-‘आधुनिक ज्ञान विज्ञान की चीजें अंग्रेजी भाषा में पढ़ाओ और बाकी पढ़ाई के नाम पर जो कुछ चल रहा है भारत में, उसे न छेड़ो.’
बाबा रामदेव के भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एनपी सिंह से बातचीत का दूसरा भाग सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी में शिक्षा के भगवाकरण की आशंका को वो छूते हैं. लिंक कमेंट बाक्स में.
जारी…
1 Comment
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, जब उनका भाषण उनके ही बल के हैंडल पर अपलोड नहीं हो सकता तो चीफ बने रहने का क्या मतलब रह जाता है?
- हृदयेश जोशी के साथ श्याम मीरा सिंह को कुलदीप नैयर सम्मान मिलना पत्रकारिता में नई फसल के लिए उम्मीद जगाती है!
- भाजपा समर्थित पत्रकार सबको मैनेज करने की बात कर रहा है; फिर महाराष्ट्र के अखबार खामोश क्यों हैं?- सुषमा अंधारे
- भारत-चीन प्रकरण पर किसी देशभक्त चैनल में आपने प्राइम टाइम डिबेट देखी?
- पूर्व विदेश सचिव कंवल सिबल को BBC और ध्रुव राठी द्वारा एस वाई कुरैशी के इंटरव्यू पर एतराज क्यों है?
- अरुणाचल में चीन से झड़पों के दावे पर विवाद, ITBP के DG का वीडियो हटने के बाद विदेश मंत्रालय को देनी पड़ी सफाई!
- भारत में चीन की घुसपैठ को लेकर दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण की घुटनाटेक कवरेज देखिए!
- आज के अखबार : दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम पर दिल्ली पुलिस का यू टर्न सामान्य खबर की तरह छपा है
- एनडीटीवी के वर्ल्ड समिट में राहुल गांधी में ही फंसे नजर आए पीएम मोदी, देखें वीडियो
- सोनिया गांधी के साथ एपस्टीन की AI तस्वीर पोस्ट करने को लेकर पत्रकार पंकज प्रसून पर FIR की चर्चा!
- जालंधर में पत्रकार पर धाँय-धाँय, गनर ने भी की जवाबी फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस
- वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र तिवारी ने LENS जॉइन किया, ब्लूमबर्ग में वरिष्ठ संपादक शिवकुमार की तरक्की!
- इंडियन एक्सप्रेस हिंदी को इन दो कटेगरी में पत्रकारों की तलाश!
- बतौर एंकर इस न्यूज़ चैनल से जुड़ीं कनिका अरोड़ा, गुलशन कुमार ने छोड़ा बीबीसी!
- न्यूज़ नेशन/न्यूज़ स्टेट MP-CG में बतौर एडिटर (इनपुट) जितेंद्र शर्मा की नई पारी!
- सनी देओल की फिल्म ‘सूर्या’ में ऐसा क्या है जो IMA ने बैन लगाने की मांग कर दी! देखें पत्र
- संघियों और गोदी एंकरों को करारे जवाब दे रहे कांग्रेस प्रवक्ता यश श्रीवास्तव का अंदाज चर्चा में, देखें वीडियो
- ‘द हिंदू’ का खुलासा; अरुणाचल सीमा से भारतीय क्षेत्र में 6-7 किमी अंदर घुसा चीन, तंबू लगाने का दावा!
- आज के अखबार : वोट चोरी साबित हो गई तो राहुल पर ‘हमले’ की खबर! अमर उजाला, एक्सप्रेस ने तान दिया
- किरेन रिजिजू के ट्वीट पर एक्शन में आई दिल्ली पुलिस, यूट्यूबर गिरफ्तार, देखें वीडियो
- इंसानों और कुत्तों के रिश्ते का खोजपूर्ण दस्तावेज़ है वरिष्ठ पत्रकार पुष्परंजन की किताब “मेरा मुन्नू”!
- ‘सुधीर चौधरी! हमें 44 सीटें भी याद हैं और 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने वाला तुम्हारा रावण जैसा चेहरा भी’- अजय कुमार लल्लू
- मोदी से मुलाकात करती नाविका कुमार पर पत्रकार तनुश्री पांडेय का जोरदार तंज पढ़िए!
- खोजी पत्रकार मैथ्यू कोल की नई किताब ‘प्रिंसेस एंड थीव्स’ ट्रंप के दामाद, सऊदी प्रिंस और बिन जायद का गुप्त कूटनीतिक रहस्य खोलती है!
- बीते कुछ वर्षों में अपने बारे में खुशफ़हमी और वहम का शिकार होने वाला सबसे बड़ा समुदाय पत्रकारों का है!
- एसोसिएटेड प्रेस से जुड़े फरहान, शारिक खान की ब्लूमबर्ग से नई पारी!
- अर्णव गोस्वामी से महाराष्ट्र टाइम्स के संपादक तक; मीडिया के जरिए BJP कैसे गढ़ती है नैरेटिव! पढ़िए आरोप और सुनिए ऑडियो
- PTI को क्राइम और पॉलिटिकल बीट के लिए संवाददाताओं की तलाश!
- नये-नये दारू छोड़े पत्रकार भाइयों के लिए एक संदेश
- न्यूयॉर्क टाइम्स में राहुल गांधी पर स्टोरी : मौसम बदल रहा है, विदेशी मीडिया समझ रहा है!
- यूपी में SIR में घपला: पीलीभीत में दो डिप्टी कलेक्टरों मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी समेत तीन के ख़िलाफ़ FIR दर्ज
- त्रिपुरा के वरिष्ठ पत्रकार बिमान धर की 30 वर्षीय पोते समेत सड़क हादसे में मौत!
- इंडियन इक्सप्रेस की पड़ताल: गांजा, हेरोइन और नशीली दवाओं के साथ ‘कोटा’ नामक नया नशा बना बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द!
- रिपब्लिक मीडिया से जुड़े अमन गोयल, ईनाडु टीवी में काव्या भारती को डिजिटल की कमान
- आज के अखबार : रुबियो आये, करार करीब और तीसरे दिन ट्रम्प के हवाले से, ‘भारत से करार अलग होगा’!
- मीडिया में जॉब्स लौटी, पर अख़बार और टीवी वाले पीछे छूटे!
- अमेरिकी अदालत ने ‘मेटा’ पर ठोका 25 अरब डॉलर का जुर्माना!
- पहले सूत्रों के हवाले से सरकार की खामियां उजागर की जाती थीं, अब अमृतकाल में सूत्र सरकार का बचाव कर रहे हैं!
- महाराष्ट्र में पेड न्यूज और वसूली संस्कृति की चर्चा; दैनिक ‘पुढारी’ के पत्रकारों पर पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर के गंभीर आरोप, मतदाताओं को लिखा खुला पत्र
- न्यूजप्रिंट की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाया अखबारों का टेंशन, दैनिक भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर्स के बयान भी पढ़िए!
- होमगार्ड भर्ती में आखिर किसका खेल? मथुरा में तीन दिन बाद सक्रियता, गाजीपुर में आदेश का इंतजार!
- मध्यप्रदेश में 36-36 हजार रुपये में खरीदे गये LED बल्ब, मोहन सरकार के बाबुओं की जेब के हवाले 250 करोड़ रुपये, टीवी अखबारों में छाई चुप्पी!
- दैनिक भास्कर भोपाल में महिला मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी का मौका!
- आदर्श प्रताप सिंह, अक्षिता प्रियदर्शिनी, प्रतीक्षा और चितवन शर्मा के बारे में सूचनाएं
- अजयमेरु प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने पत्रकार कॉलोनी की समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन!
- मोहन यादव सरकार में 1100 करोड़ की सरकारी खरीद में बनाया 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बिल, MPSEDC में तैनात IAS ने खोला खेल, देखें वीडियो
- दलेर मेहंदी के शो में विवाद हुआ मंत्री सुबोध उनियाल से, टाइम्स नाउ ने सतपाल महाराज से जोड़कर तानी न्यूज़!
- पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले DSP पर ही FIR, AAP सरकार पर लगाये गंभीर आरोप! देखें वीडियो
- न्यूज़ चैनलों को मोदी सरकार की चेतावनी, AI के बेजा इस्तेमाल और ये नियम न मानने पर होगी कार्रवाई, पढ़ें आदेश
- अमर उजाला और TOI जैसे अग्रणी अखबारों ने मोहन भागवत का भाषण तो बड़े सम्मान से छापा, पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि का नाम गोल कर गए!
- गाजीपुर में शासनादेश बेअसर! होमगार्ड अभ्यर्थियों की दोबारा नापी जा रही लंबाई-सीना, आखिर किसकी जवाबदेही?
- एबीपी नेटवर्क से पारी समेटकर टीवी टुडे पहुंचे प्रवीण वर्मा, ये मिली भूमिका!
- आज के अखबार : पंजाब में अमित शाह की चुनावी चालों का सच; पेगासस के बावजूद खुफिया जानकारी ‘शून्य’
- एचटी मीडिया में कॉरेस्पोंडेंट बनीं विधि भूटरा, श्रुति गौतम की एसोसिएट प्रेस से नई पारी!
- इंडिया टीवी की एंकर मीनाक्षी जोशी को इस उपलब्धि के लिए सीधे भारत रत्न से नवाज देना चाहिए!
- ‘आज की खबर’ डिजिटल नेटवर्क ने 84.26 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार किया!
- मोदी के समर्थन में शेखर गुप्ता दैनिक जागरण वाले संजय गुप्ता को लगातार टक्कर दे रहे हैं!
- एपस्टीन से जुड़ा सवाल पूछने पर भड़के ट्रंप, पत्रकार ने भी किया पलटवार!
- हापुड़ पत्रकार हत्याकांड: संयुक्त पत्रकार महासभा ने एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की रखी मांग!
- रावण दहन के दिन सुधीर चौधरी और कांग्रेसी बीवी श्रीनिवास के बीच छिड़ी जुबानी जंग!
- चुनाव आयोग को लेकर “टाइम्स आफ इंडिया” का बड़ा खुलासा!
- एलन मस्क का संकेत; जल्द ही नए बदलावों के साथ नजर आएगा एक्स (X)
- द इकोनॉमिक टाइम्स में डेस्क एडिटर की वैकेंसी!
- सैटेलाइट न्यूज़ चैनल के मालिक ने डिजिटल प्लेटफार्म के संपादक को “तथाकथित पत्रकार” कहा, असम में छिड़ी नई बहस!
- उत्तराखंड पुलिस के हत्थे चढ़ा हिस्ट्रीशीटर पत्रकार अनुज अग्रवाल, बरामदगी क्या हुई पढ़िए!
- NDTV के सीनियर डिफेंस एडिटर राजीव रंजन का बड़ा फैसला: 19 साल बाद छोड़ा एनडीटीवी का ‘लाल माइक’, डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘BharatDefX’ से शुरू किया नया सफर
- एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी की नई तस्वीर, “डेलीगेशन” वाले दावे पर फिर उठे सवाल
- क्विंट डिजिटल घाटे में फिसली: छमाही में ₹5.83 करोड़ का नुकसान, कमाई चार गुना से ज़्यादा पर खर्च उससे भी तेज़ भागा
- फेसबुक-इंस्टाग्राम की फ़ीड पर सरकार की नज़र: आईटी मंत्रालय ने Meta से एल्गोरिदम की समीक्षा को कहा, पुलिस कार्रवाई के वीडियो भी सूची में
- पुलिस कप्तान ने बंद कराया न्यूज़ कंपनी का फेसबुक पेज, हाईकोर्ट बोला- SP को यह हक़ नहीं, और जिसका पेज बंद हो उसे आदेश की कॉपी दो
- दो नेहाओं के समर्थन में उतरे संजय सिन्हा, महिला सम्मान पर मीडिया को घेरा!
- मराठी अखबार पुढारी के पुणे यूनिट में कर्मचारियों की दशहरा की छुट्टी रद्द, देखें आदेश
- आपके पास बहुत पैसा है और आप दूसरों की पीड़ा महसूस नहीं करते तो उस पैसे का क्या मतलब!
- आज के अखबार : प्रचार कर रहे हैं कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ के शूटर कोटा में ट्रेन से गिरफ्तार कर लिए गए!
- इन दो हादसों को पढ़कर लगता है कि ईश्वर दुनियावी कार्यों में दखल नहीं देता!
- उत्तराखंड से लॉन्च होने जा रहे इस नए मीडिया वेंचर से जुड़े पत्रकार शशि शेखर
- बीएजी नेटवर्क और फ्री प्रेस जर्नल में कई पदों पर वैकेंसी
- प्रवीण दुबे ने अपने एडिटर इन चीफ़ रवि कांत मित्तल के जन्मदिन पर क्या लिखा, पढ़िए!
- RSS के विजयादशमी कार्यक्रम में खाकी पैंट में दिखे दैनिक जागरण वाले संजय गुप्त!
- लखनऊ शिवा शर्मा कांड: उत्तर प्रदेश पुलिस को भीगी बिल्ली बनाकर रख देने वाली श्रद्धा दुबे का एक और ऑडियो वायरल!
- वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्ता की किताब ‘आपातकाल से अमृतकाल’ पर उर्मिलेश की एक परिचयात्मक टिप्पणी!
- कानपुर जेल में चक्कर खाकर गिरा न्यूज़ चैनल मालिक अखिलेश दुबे, स्थानीय अखबारों की कवरेज देखिए!
- दिल्ली प्रदर्शन की कवरेज के दौरान हिरासत में लिए गये फोटोग्राफर का कैमरा टूटने की आपबीती पढ़िए!
- टीवी टुडे नेटवर्क से शैलेश शेखर सिन्हा ने इस्तीफा दिया!
- आकाशवाणी को संवाददाताओं की जरूरत, वेतन और अंतिम तिथि देखकर अप्लाई करें!
- नेटवर्क18 से विकास सिंह की नई पारी, एबीपी नेटवर्क से जुड़े पंकज राय!
- गोरखपुर ने जिंदगी को दांव पर लगाकर पत्रकारिता करने वाले दो ही पत्रकार देखे हैं; एक ‘पांडेय बेचन शर्मा उग्र’ दूसरे ‘श्यामानंद श्रीवास्तव’!
- लल्लनटॉप छोड़कर इस बड़े पद पर टाइम्स नाउ नवभारत से जुडे पत्रकार दिग्विजय सिंह!
- नेहा राठौड़ फेक न्यूज़ : चली गई एबीपी न्यूज़ के डिजिटल सेक्शन में कार्यरत इन तीन लोगों की नौकरी, इसमें एक महिला पत्रकार भी!
- आज के अखबार : डबल इंजन वाले बंगाल में 19 मौतों के बाद मध्यप्रदेश में 15 मरे, मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हमला
- अपने स्ट्रिंगर्स की नौकरी खाने वाला न्यूज़ चैनल IBC24 स्टूडियो में रामलीला का ड्रामा करवाकर किसका ध्यान भटका रहा है?
- नेहा सिंह राठौर कांड में एबीपी न्यूज़ प्रबंधन बड़े एक्शन की तैयारी में, तीन लोगों की नौकरी जाएगी!
- पत्रकार भास्कर आनंद झा और सिद्धार्थ पुरोहित के बारे में सूचनाएं!
- शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की विरासत बचाने वाले वयोवृद्ध संपादक श्यामानंद आज खुद एक कमरे में सिमट गए!
- टाइम्स नाउ में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर बनाए गये रितांग्शु भट्टाचार्य
- दूसरों को मरते देखकर भी खुद को अमर क्यों समझता है इंसान? यक्ष के सवाल से एंग्जाइटी तक की कहानी
- बीते 12 सालों में मोदी सरकार की दलाली करने वाले लोग भी जर्नलिस्ट होने की परिभाषा लिख रहे हैं!
- बेटी की शादी से पहले हापुड़ में पत्रकार नसीम अहमद की पीटकर हत्या, विज्ञापन को लेकर हुआ था विवाद!
- ग़ाजियाबाद की सनसिटी में महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य आयोजन, भारत एक्सप्रेस होगा मीडिया पार्टनर!
- लखनऊ के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत, परिवार ने उठाए गंभीर सवाल; 51 का बिल पहुंचा 17 लाख रुपये


Vijay Kumar tripathi
March 8, 2022 at 12:36 am
पिछड़ों को साध सत्ता के करीब पहुंचे अखिलेश!
विजय कुमार त्रिपाठी
लखनऊ। 2022 के विधान सभा चुनावों से पहले इस बार अखिलेश यादव के सियासी गुलदस्ते में रंग-बिरंगे सियासी दल दिखाई दे रहे हैं। इनमें भी सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सपा प्रमुख पिछड़ों को एकजुट कर एक बार फिर जीत का मूल मंत्र मानकर काम कर रहे है। इसमें गैर यादव व मुस्लिम बिरादरी के अलावा तमाम ओबीसी जातियों को लामबंद कर अखिलेश सत्ता के करीब पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका यह दांव बीजेपी के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा रहा है। 2017 में जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने इसी दांव के सहारे सत्ता हासिल की थी तो अब उसी फार्मूले पर सपाई कुनबा आगे बढ़ रहा है। इसका असर भी दिखने लगा है जहां एक तरफ पिछड़ा वर्ग से आने वाले कई बड़े नेताओं ने लगातार साइकिल पर सवारी कर ली है। अंदर खाने सूत्रों का दावा है कि इसी वजह से अखिलेश यादव ने ओमप्रकाश राजभर को सरकार से तोड़कर नया समीकरण बनाया था। वही पश्चिम में रालोद मुखिया जयंत चौधरी से गठबंधन किया। इसके अलावा उन्होंने अपना दल के दूसरे गुट को तवज्जो देकर पटेल वोटों पर भी सेंध लगाई है। इसी तरह कई और छोटी पार्टियों को भी जिनमें कई इलाकाई छोटी बड़ी पार्टियां जैसे महान दल भी शामिल है। सपा प्रमुख ने लगभग हर कील कांटे को दुरुस्त करने का हर संभव प्रयास किया है। अगले दो दिनों में यह सबको पता चल जाएगा कि सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी। हालांकि अखिलेश यादव ने पिछली गलती न दोहराते हुए उन्होंने चाचा को भी साथ लिया। यूपी में मुलायम सिंह यादव के सहयोगियों और पुराने क्षेत्रीय छत्रपो को भी साधकर नया कुनबा तैयार किया है। परंतु अखिलेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह मुलायम की तरह सर्वमान्य नेता अब भी नहीं बन पाए हैं। छोटे दलों को अगर उनकी इच्छा अनुसार सीटें और सरकार बनने के बाद मनमुताबिक पद प्रतिष्ठा ना मिली तो वह छिटक कर भाजपा के कुनबे में जा सकते हैं। और यही एक उम्मीद बार-बार इस ओर इशारा करती है कि क्या वाकई अंत में जोड़-तोड़ के साथ भाजपा सरकार बना लेगी।
मेरी गुणा गणित के अनुसार लगभग 383 सीटों पर भाजपा और सपा में सीधी टक्कर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछली बार 325 सीटें जीतने वाला भाजपा गठबंधन इस बार उतनी सीटों पर मजबूती से चुनाव भी नहीं लड़ पा रहा। जबकि इसके ठीक उलट समाजवादी पार्टी का गठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ता दिख रहा है। और जनता भी जिन सीटों पर मजबूत पार्टी या प्रत्याशी नजर आता है उसी और झुकती है।
अब तक इन नेताओं को ला चुके साथ जिसका दिख रहा असर
इन नेताओं में सबसे बड़ा नाम शिवपाल यादव का है जिसकी वजह से पिछली सरकार के आखिरी 2 महीने में ही समाजवादी पार्टी के रसातल में जाने की इबारत लिखी गई थी। दूसरा बड़ा नाम सिगबत्तउल्लाह अंसारी हैं जिन्हें पिछली बार अखिलेश ने पार्टी में शामिल करने से मना कर दिया था। सपा से रूठे अपनो को भी मनाया जिनमें अंबिका चौधरी, नारद राय सरीखे पार्टी के क्षेत्रीय क्षत्रपो को भी सम्मान सहित वापस ले आए। इसके अलावा बसपा के पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, पूर्व मंत्री राज किशोर सिंह, कांग्रेस के पूर्व सांसद चौधरी वीरेंद्र मलिक उनके पूर्व विधायक बेटे पंकज मलिक, बसपा नेता आर. के. चौधरी, ददुआ के परिवारीजनों जिनमें बालकुमार पटेल, राम सिंह, एवं बसपा, भाजपा के कई विधायक भी पार्टी ज्वाइन कर चुके हैं। वही सूत्रों का दावा है कि भाजपा सरकार के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य चुनाव के नतीजे देखने के बाद अगर कुछ सीटें कम पड़ती हैं वह भाजपा के जीते हुए कुछ पिछड़ी जातियों के विधायकों को तोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वर्तमान में एनडीए का हिस्सा केंद्रीय राज्य मंत्री व अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल से भी अंदर खाने अखिलेश यादव की बातचीत जारी है। वह भी सियासी चौसर की नई सहयोगी हो सकती हैं।