‘भारतीय जुमला पार्टी’ का ‘शवराज’ हाय हाय : शीतल पी सिंह

मध्य प्रदेश में भारतीय जुमला पार्टी ने हर क़िस्म की सार्वजनिक राजनैतिक नैतिकता की धज्जियाँ उड़ा कर सत्ता क़ायम कर रक्खी है ।

वहाँ एक ऐसे सज्जन को राज्यपाल पद पर सुशोभित कर रक्खा है जिन पर ख़ुद व्यापम घोटाले में संलिप्तता का आरोप/संदेह/पारिवारिक भागीदारी के तथ्य मौजूद हैं । उनके बेटे पर आरोप थे और उसने भी संदिग्ध ढंग से आत्महत्या कर ली थी। राज्यपाल महोदय कांग्रेस के ज़माने में इस पद पर लाये गये थे पर बीजेपी के रत्न में बदल गये हैं जैसे नसीब तंग !

आरोप और तथ्य बरसों से मुख्यमंत्री शवराज के परिजन (पत्नी ) और मुख्यमंत्री के आवास के फ़ोन नं के लगातार स्तेमाल की गाथा गा रहे हैं पर कान पर जूँ रेंगने को तैयार नहीं !

लगता ही नहीं कि यह किसी जवाबदेह राष्ट्रीय पार्टी के राज्य का मसला है !

अब जब इस कांड की बदबू लंकाकांड की तरह मध्यप्रदेश की बाउंड्री लाँघ देश विदेश में सड़ रही है तब भी “पार्टी विद डिफरेन्स” नानसेन्स मोड में ही विद्यमान है ।

देश के सवर्ण तबक़ों का बड़ा हिस्सा भाजपा की वकालत करना धरम मानता रहा है। जिन ४६ लोगों की व्यापम ने अब तक बलि ली है उनमें ९०% सवर्ण ही हैं अब इस पर उनकी बोलती भी बन्द है ।

बोलती तो मेरी भी बन्द है , समझ नहीं आ रहा कि क्या करूँ ? ये जो कुछ जैसे जहाँ तक हो रहा है उसकी सिर्फ़ व्याख्या करने पर ख़ुद से ख़ुद को शर्म आ रही है !

शवराज हाय हाय

शीतल पी सिंह के एफबी वाल से

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