भास्कर ने तीन संपादकों आनंद पांडेय, सुनील शुक्ला और मनोज प्रियदर्शी को ब्लैक लिस्ट किया

दैनिक भास्कर नित नए खेल करने में माहिर है। वरिष्ठ पदों पर कार्यरत तीन पत्रकारों – आनंद पांडे, सुनील शुक्ला, मनोज प्रियदर्शी के इस्तीफों से जबर्दस्त खफा भास्कर प्रबंधन ने एक इनहाउस मेल भेजकर तीनों को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। शायद ऐसा, कम से कम हाल के दिनों में तो पहली बार हुआ है कि किसी कर्मचारी के नौकरी छोड़ने से खफा प्रबंधन ने उन्हें ब्लैकलिस्ट किया हो।

आनंद पांडे, रायपुर में पदस्थ थे, और उन्होंने इस्तीफा देकर नई दुनिया का दामन थाम लिया था। शुक्ला ग्वालियर एडिशन के संपादक थे, जबकि मनोज की भी रायपुर में पदस्थापना थी। भास्कर प्रबंधन ने एक मेल, जो कि रायपुर में भी सभी कर्मचारियों को प्राप्त हुआ है, लिखा है कि इन तीनों को तीन-तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया जा रहा है। हालांकि ब्लैक लिस्ट किए जाने पर क्या सलूक होगा, इसका खुलासा नहीं है। 



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  • भास्कर के मालिक सुधीर अग्रवाल ने बडा फैसला लिया है. आनंद पांडे जो छत्तीसगढ़ में भास्कर के स्टेट हेड थे अब नईदुनिया के एडीटर एमपी है, शुक्ला को ग्वालियर भास्कर व प्रियदर्शी को रायपुर भास्कर से इस्तीफा दिलवाकर नईदुनिया में लाने की तैयारी कर ली है. सुधीर अग्रवाल ने इसी कारण इन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया. सुधीर अग्रवाल ने अपने इस फैसले का ऐलान भास्कर की इनहाउस मेल सर्विस इंट्रानेट के माध्यम से किया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने फैसला लिया है कि जो व्यक्ति संस्थान में शीर्ष पदों पर है और जिनके जिम्मे महत्वपूर्ण दायित्व है वे यदि संस्थान छोडते है तो फिर अगले तीन साल के लिए उनका संस्थान में पुन: प्रवेश प्रतिबंधित करते हुए उन्हें बेल्कलिस्ट कर दिया जाना चाहिए। इस इंट्रानेट संदेश में सुधीरजी ने आनंद पांडे,सुनील शुक्ला व मनोज प्रियदर्शी के नामों का उल्लेख करते हुए कहा है कि यह फैसला सबसे पहले इन तीनों पर लागू होगा। उन्होंने भास्कर समूह के एच आर और प्रशासन को इस फैसले को सख्ती से लागू करने की हिदायत दी है। भास्कर प्रबंधन ने पिछले दिनों अपने संपादकों के बीच करवाए गए आंतरिक सर्वे में पांडे के साथ ही भोपाल को संपादक अनिल शर्मा को सबसे कमजोर संपादकों की श्रेणी में रखा था। पांडे को इसी के चलते छत्तीसगढ़ के स्टेट एडीटर पद से हटाकर गुजरात भेजा जा रहा था। वहां उन्हें अवनीश जैन के मातहत काम करना था। शर्मा को भी भास्कर से कभी भी रवनगी दी जा सकती है। उन्हें सुधीर अग्रवाल की और से अंतिम हिदायत मिल चुकी है।

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