सीतापुर के भूमाफिया बिल्डर ने पत्रकारों से माफी मांगने के बाद दर्ज करा दी एफआईआर

सीतापुर में इन दिनों एक बिल्डर और एक पत्रकार के बीच घमासान चल रहा है. बिल्डर कह रहा है कि पत्रकार पैसे मांग रहा है. पत्रकार कह रहा है कि बिल्डर बेइमान है और ढेर सारे फर्जीवाड़े के बीच वह अवैध ढंग से केशव ग्रीन सिटी बना रहा है, जिसकी कवरेज के चलते अनाप-शनाप आरोप लगा रहा है. फिलहाल दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है. बिल्डर-पत्रकार जंग में जिले का पुलिस प्रशासन चुपचाप मजे ले रहा है. आरोप है कि पुलिस-प्रशासन की मूक सहमति भूमाफिया बिल्डर के साथ है क्योंकि बिल्डर के पास पैसा और उच्च राजनीतिक संपर्क है.

पत्रकार सुधांशु पुरी और हिमांशु पुरी भाई हैं. दोनों मीडिया में हैं. सुधांशु पुरी सीतापुर में इंडिया न्यूज चैनल के रिपोर्टर हैं. हिमांशु पुरी न्यूज18इंडिया में हैं. सुधांशु पुरी का कहना है कि अवैध बनी केशव ग्रीन सिटी को प्रशासन का भी संरक्षण मिलता है. यही कारण है कि सिटी मजिस्ट्रेट सीतापुर ने इस बिल्डर के अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने से साफ मना किया. उनका आरोप है कि जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं सिटी मजिस्ट्रेट सीतापुर. जिलाधिकारी सीतापुर अखिलेश तिवारी ने दिए हैं पूरी कॉलोनी की जांच के आदेश.

पत्रकार सुधांशु का कहना है कि विनियमित क्षेत्र में कमर्शियल नक्शे पास करके आवास बनाकर बेचे गए. नियमों की मानें तो नदी से 100 मीटर की दूरी पर नहीं हो सकता कोई भी निर्माण कार्य. लेकिन भूमाफियाओं ने नदी को भी नहीं बख्शा. यहां तक कहा जा रहा है कि कहीं सिटी मजिस्ट्रेट के संरक्षण में तो नहीं दर्ज करा दी गई पत्रकारों पर फर्जी एफआईआर!

पत्रकार सुधांशु पुरी का कहना है कि बिल्डर मुकेश अग्रवाल पहले तो उनके यहां आया और माफी मांगने लगा. इसका वीडियो प्रमाण के रूप में मौजूद है. बाद में वह फेसबुक पर अपना एक वीडियो डाल दिया जिसमें आरोप लगाने लगा. बिल्डर का यह व्यवहार अजीब है. पत्रकार सुधांशु का कहना है कि अवैध केशव ग्रीन सिटी के मालिक और भूमाफिया मुकेश अग्रवाल ने पहले तो माफी मांगी, फिर फेसबुक पर विरोध में वीडियो डाला और एफआईआर दर्ज करा दी.

देखें मुकेश अग्रवाल द्वारा खुद को पीड़ित बताते हुए डाला गया वीडियो

पत्रकार द्वारा रंगदारी माँगने एवं जान से मारने की धमकी देना मुकेश अग्रवाल सीतापुर98380762169415059216

Mukesh Agarwal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶುಕ್ರವಾರ, ಜುಲೈ 5, 2019

अवैध केशव ग्रीन सिटी कालोनी को लेकर पत्रकार-बिल्डर के बीच चल रही रस्साकशी से संबंधित जो जानकारियां भड़ास को मुहैया कराई गई हैं, वो इस प्रकार हैं-

1-कालोनी का नहीं है कोई आवासीय नक्शा पास.
2-नदी को पाटकर बनाई गई कालोनी.
3-नही है रेरा एनजीटी में कोई भी रजिस्ट्रेशन
4-हाई वोल्टेज लाइन के नीचे बने हैं मकान
5-सैकड़ों बीघा भूमि पर बनाई कालोनी
6-सीतापुर के पत्रकारों ने की इस अवैध कालोनी की खबर
4-जिला प्रशासन ने दिए जांच के आदेश,
5-जिला प्रशासन की कार्यवाही से सहमे भू माफिया मुकेश अग्रवाल
6-अन्य पत्रकार गए अवैध कालोनी केशव ग्रीन सिटी की खबर करने
7-पत्रकार को बनाया बंधक, दी भद्दी-भद्दी गालियां
8-उस पत्रकार ने साहस करके घटना का बनाया वीडियो
9-वीडियो के साथ एसपी सीतापुर को पत्रकार ने और 2 अन्य टीवी पत्रकारों ने दिया प्रार्थना पत्र, जांच रामकोट एसओ के पास
10-मुकदमे की जानकारी मिलते ही भूमाफिया मुकेश अग्रवाल टीवी पत्रकारों के घर जाकर मांगी माफी, कहा- आरोप गलत लगाए
11-टीवी पत्रकारों ने लिखकर माफी मांगने और जिलाधिकारी के समक्ष चलकर लिखित देने के लिए कहा
12-भू माफिया मुकेश अग्रवाल ने फिर जारी किया फेसबुक पर वीडियो फिर आरोप लगाए
13-पुलिस ने पीड़ित पत्रकार इंदरपाल को बंधक बनाने की दर्ज कर ली एफआईआर
14- बंधक की एफआईआर दर्ज होने के बाद भूमाफिया ने बौखला कर बगैर सबूतों के कराया कुल 3 पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज
15-सीतापुर के पत्रकारों पर क्रास एफआईआर दर्ज कर मामला दबाने की साजिश रची
16-मान्यता प्राप्त पत्रकारों और श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के पदाधिकारियों पर कराया मुकदमा दर्ज
17- इस घटना से सीतापुर के पत्रकारों में आक्रोश
18-पहले भी 5 टीवी पत्रकारों पर 386 का फर्जी मुकदमा दर्ज करा चुका है भू माफिया
19- जो बनाएगा अवैध केशव ग्रीन सिटी की खबर, उस पर दर्ज होगा फर्जी मुकदमा

पूरे प्रकरण को समझने के लिए इन्हें भी पढ़ें-

सीतापुर के पत्रकार पर पैसे मांगने का आरोप

मेरे पर फर्जी आरोप लगाने वाले बिल्डर मुकेश और दलाल पत्रकारों की हकीकत जानें : हिमांशु पुरी

Tweet 20
fb-share-icon20

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Support BHADAS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *