भारत में पाजिटिव केस USA पैटर्न और डेथ रेट UK पैटर्न से ज्यादा तेज!

अपूर्व भारद्वाज

कोरोना पर सबसे बड़ा विश्लेषण है.. भारत में कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है स्थितियों में सुधार नही हो रहा है पाजिटिव केसेस की दर लगातार बढ़ रही है मेरे पास बहुत से स्त्रोत से डाटा आ रहा है उनके आधार पर आप सभी के लिए बिंदुवार विश्लेषण कर रहा हूँ-

1.पिछले एक हफ्ते के डाटा के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में पाजिटिव केस की दर अमेरिका के पैटर्न पर बढ़ रही है। भारत में मिश्रित दैनिक वृद्धि दर 13.48 ℅ है जो बढ़त पर है लेकिन दूसरे देशों में यह दर घट रही है या स्थिर है।

2.भारत में पॉजिटव केसों में रिकवरी रेट कम है औऱ मौत की दर यूके से भी ज्यादा है जो कि एक खतरनाक संकेत है। हमारी हेल्थ सर्विसेज को बहुत सुधार की आवश्यकता है। हमे हर हालत में यह आंकड़ा सुधारना होगा।

3. चीन में 2000 केस पाजिटिव होने में 6 दिन लगते है भारत मे 63 दिन लगते है लेकिन भारत मे 2000 से 4000 होने में चीन के समान 2 दिन औऱ लगते है अर्थात भारत अब बहुत नाजुक स्थिति में है।

4.यह हफ्ता बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्ध होने वाला है अगर हफ्ते के हिसाब से विश्लेषण करें तो जो अमेरिका में हुआ , वो भारत मे बिलकुल नही होना चाहिए अमेरिका में 11 वे हफ्ते में आँकड़ा 278000 को क्रॉस कर गया था।

5.भारत मे 76 फीसद केसेस में कोई लक्षण नही देखे गए है 50-80 के आयु वर्ग में मौतों की दर सबसे ज्यादा है महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा संक्रमण हो रहा है संक्रमण कम्युनिटी स्टेज का पहला चरण पार कर चुका है।

निष्कर्ष: भारत में कोरोना की प्रसार दर सभी देशों की तुलना में धीमी है लेकिन भारत मे टेस्टिंग भी नाम मात्र है हो सकता है अगर टेस्टिंग ज्यादा हो तो यह आंकड़ा अमेरिका के आंकड़े को भी पार कर जाए।

एक्शन पॉइन्ट: सरकार लॉकडाउन को दो हफ्ते और बढ़ाये..हर रोज 1 लाख टेस्ट करे..नेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर सारे निजि हॉस्पिटल का 3 महीने के लिए अधिग्रहण करे और देश मे सारी फिजूल खर्च तत्काल रोक दी जाए।

नोट : मैंने 22 तारीख लाइव डाटावाणी में बोला था कि एक पेशंट 400 लोगो को संक्रमित कर सकता है जो अब सरकार ने भी माना है। इसलिए अभी भी सरकार को नींद से जागना चाहिए और टेस्टिंग, ट्रेसिंग औऱ ट्रेकिंग का मेरा मंत्र मान लेना चाहिए। ईश्वर सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करे।

इंदौर निवासी अपूर्व भारद्वाज चर्चित डेटा एनालिस्ट हैं।

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *