कोरोना काल में एंकर दीप्ति यादव की नई उड़ान- ‘मन का मेंढ़क’

सूर्या समाचार सहित कई न्यूज़ चैनलों में बतौर एंकर और प्रोड्यूसर काम करने वाली दीप्ति यादव इन दिनों अपने पॉडकास्ट चैनल ‘मन का मेढ़क’ से वापसी कर चुकी है और पूरी तरह सक्रिय है। 9 जुलाई को लांच हुए इस पॉडकास्ट चैनल की लोकप्रियता को देखते हुए इसे स्पॉटीफाई सहित 6 प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया है।

इस चैनल के जरिये दीप्ति यादव युवा कवियों और लेखकों की रचनाओं और कहानियों को बिल्कुल अलग अंदाज में पेश करती हैं। इसके अलावा वह खुद की कविताओं को भी बेहद रोचक तरीके से पेश करती हैं। इस तरह यह प्लेटफॉर्म गलियों और मोहल्लों के युवा लेखकों को प्रमोट करने का एक माध्यम बनता जा रहा है।

उनके पॉडकास्ट चैनल ‘मन का मेंढक’ का नाम जितना दिलचस्प है उतना ही दिलचस्प है इस चैनल का हर एक एपिसोड का कंटेंट। फिलहाल दीप्ति यादव खुद इसका कंटेंट भी लिख रही है, एडिटिंग भी कर रही है, आवाज़ भी दे रही है और सबसे खास बात इसके हर एपिसोड में एक मेंढक भी आता है जिसकी आवाज़ भी खुद दीप्ति ही दे रही हैं। हमेशा एंकर के रूप में दिखने वाली दीप्ति इन दिनों कविताएं भी लिख रही है और कवि सम्मेलनों में अपने एंकर और रेडियो जॉकी अंदाज़ को समावेशित कर बेहतरीन प्रस्तुति भी दे रही है। एक वॉइस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर अब तक कई सारे कमर्शियल ऐड का चुकी है फ़िलहाल कुछ कार्टून कैरेक्टर के वॉइस ओवर के लिए भी कई कंपनियों से उनकी बात चल रही है।

पॉडकास्ट एक नए तरीके का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसमें खुद का रेडियो चैनल बना कर अपनी रचनात्मकता को नया आयाम दिया जा सकता है। इसे आवाज की दुनिया का टिकटॉक कहा जा सकता है।

यूपी के उन्नाव जैसे छोटे शहर से निकली और कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने वाली दीप्ति रेडियो से भी बेहद प्यार है और इसी रेडियो को उन्होंने पॉडकास्ट में बेहतर उतारा है। उनके पॉडकास्ट चैनल की तारीफ ‘भाभी जी घर पर हैं’ के टिल्लू यानी सलीम ज़ैदी भी कर चुके है।

2019 में सूर्या समाचार में कार्यरत दीप्ति यादव ने स्वास्थ्य कारणों के चलते चँनेल से इस्तीफा दिया था। लॉकडाउन के दौर में जब मीडिया सेक्टर में जबर्दस्त छंटनी का दौर चल रहा है, दीप्ति ने दिखाया है कि अगर आपके अंदर रचनात्मकता और आईडिया है तो आपके पास विकल्पों की कमी नही है। सोशल मीडिया के इस जमाने में खुद को साबित करने के लिए किसी बड़े बैनर की जरूरत नही और न ही किसी एकलव्य की तरह किसी को अंगूठा काट के देने की विवशता झेलनी पड़ती है। आप भी उनके इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकते हैं और सुझाव भी दे सकते हैं.. आपका स्वागत है.

दीप्ति से संपर्क उनकी मेल आईडी deepti.yaduvanshi1988@gmail.com के जरिए किया जा सकता है. मन के मेंढ़क के कुछ दिलचस्प लिंक..



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