Yadav Singh case : Noida Authority’s double face exposed

The counter affidavit filed by Noida Development Authority in the PIL filed by social activist Dr Nutan Thakur before Allahabad High Court in Yadav Singh case, completely exposes the leniency shown to him. The affidavit filed by General Manager Bipin Gaur tries to shield itself completely by stating that the PIL seeks steps solely from the State government and the Authority has nothing to do with it.

The Authority has said that it came to know of enquiry against Yadav Singh through Income Tax department letter dated 08 December 2014. Assistant Project Manager Ramendra and Accountant Pradeep Kumar Sharma were suspended on the basis of Income tax department letter of 08 December stating that illegal commission was taken in every contract award but this illegal commission was not mentioned either in Yadav Singh’s suspension order or in the enquiries ordered about his companies and his dubious promotions. Calling this an intentional move to save Yadav Singh, Dr Thakur said that she shall be raising this issue tomorrow 16 February before the Court, while seeking CBI enquiry in this case.

यादव सिंह मामला : नॉएडा प्राधिकरण की दोहरी नीति 

यादव सिंह मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा दायर पीआईएल में नॉएडा विकास प्राधिकरण का हलफनामा यादव सिंह के प्रति प्राधिकरण के रियायत को पूरी तरह स्पष्ट कर देता है. प्राधिकरण की ओर से महाप्रबंधक बिपिन गौर द्वारा दायर हलफनामे में प्राधिकरण ने पीआईएल में उठाये बिन्दुओं से अपने आप को पूरी तरह बचाते हुए सारा जिम्मा प्रदेश सरकार पर थोपने का प्रयास किया है.

प्राधिकरण ने कहा है कि उन्हें यादव सिंह के खिलाफ इनकम टैक्स की कार्यवाही के बारे में उनके 08 दिसंबर 2014 के पत्र द्वारा जानकारी मिली. सहायक परियोजना अधिकारी रामेन्द्र और लेखाकार प्रदीप कुमार शर्मा को इनकम टैक्स विभाग के 08 दिसंबर 2014 के पत्र में लिखे इस बात के आधार पर निलंबित किया गया कि प्रत्येक अनुबंध अवार्ड पर अवैध कमीशन ली जाती थी किन्तु इस अवैध कमीशन का उल्लेख न तो यादव सिंह के के 08 दिसंबर के निलंबन आदेश में किया गया, न उनसे जुडी कंपनियों के जांच आदेश में और न ही उनकी पदोन्नति से जुड़े के जांच आदेश में. डॉ ठाकुर ने इसे सोची-समझी चाल बताते हुए कल 16 फ़रवरी को होने वाली सुनवाई में सीबीआई जांच की मांग करते समय उठाने की बात कही है.

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Comments on “Yadav Singh case : Noida Authority’s double face exposed

  • मजेदार बात ये है कि अभी भी यादव सिंह के घर के सामने की सरकारी जमीन उसके पर्सनल पार्क के तौर पर इस्तेमाल की जा रही है… ऑथारिटी की मेहरबानी से उसके घर के सामने से गुजरने वाली सार्वजनिक सड़क के गेट को बंद कर दिया गया है जिससे वह सिर्फ 8-10 घरों के लिये सुरक्षित है… अभी भी बरकरार है यादव सिंह का जलवा.

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