राजस्थानी पत्रकार दुर्ग बिहार में 14 दिन के लिए अंदर, देखें तस्वीर

भाजपा राज में SC-ST कानून का भयंकर दुरुपयोग… फर्जी केस लगा कर राजस्थान के पत्रकार को बिहार ले गए और जेल भिजवा दिया….

जेल ले जाए जाते दुर्ग सिंह राजपुरोहित. साथ में हैं उनके पिता.

राजस्थान के बाड़मेर जिले के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को पटना की एक अदालत ने चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. दुर्ग पर एससी-एसटी कानून के तहत एक फर्जी केस लगाया गया है. बाड़मेर के एसपी को ह्वाट्सअप पर वारंट मिला था जिसके बाद धोखे से दुर्ग सिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार कराकर पटना भेज दिया गया.

कहा जा रहा है कि बाड़मेर की एक युवा महिला नेता और अभी तक बिहार के राज्यपाल रहे एक बुजुर्ग नेता को लेकर कुछ सवाल उठाने के कारण दुर्ग को फर्जी केस में फंसाया गया.

फिलहाल एससी-एसटी कानून का दुरुपयोग कर पत्रकार को एक राज्य से उठाकर दूसरे राज्य में जेल भेजने के इस मामले के कारण भाजपा सरकारों की काफी किरकिरी हो रही है. केंद्र में भाजपा की सरकार है. राजस्थान में भाजपा की सरकार है. बिहार में सरकार में भाजपा भागीदार है. ऐसे में पत्रकार यही कह रहे हैं कि भाजपा के शासन में पत्रकारों का ऐसा उत्पीड़न कभी न भूलने लायक घटनाक्रम है.

बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता कर रहें है. वो समझ नहीं पा रहें है कि जब वो कभी राजस्थान से बिहार आए ही नहीं तब कैसे उन्होंने किसी दलित का उत्पीड़न कर दिया और एससी-एसटी कानून के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया. दुर्ग के मुताबिक वो राजनीतिक साजिश के शिकार हुए हैं.

राजस्थान के बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को पटना के एससी-एसटी कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. दुर्ग सिंह को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर पटना पुलिस को सौंप दिया था. मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें जेल भेज दिया गया.

दुर्ग सिंह का कहना है कि जब राजस्थान पुलिस यहां लेकर आई तब पता चला कि किसी आदमी ने उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है. इसमें कहा गया कि मैं गिट्टी बालू का काम करता हूं, जबकि मैनें पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के अलावा कोई काम नहीं किया. मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.

मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान फरियादी कहीं नहीं दिखा. राजस्थान से अपने बेटे के साथ आए दुर्ग सिंह के पिता गुमान सिंह राजपुरोहित का कहना है कि मेरा बेटा कभी बिहार आया ही नहीं तो फिर पटना आकर किसी के साथ मारपीट कैसे कर सकता है. दुर्ग सिंह के वकील का कहना है कि एससी एसटी कानून का नाजायज फायदा उठाया गया हैं. इस मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी.

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