IPS मनीष अग्रवाल को जबरन रिटायर कर देना चाहिए!

ताकि बड़े लोगों के दबावों के आगे झुकने वाले अधिकारी को सबक मिले और कानून हाथ में लेकर फिर किसी बेकसूर को धोखे से न गिरफ्तार करा सके…बाड़मेर के एसपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठी..

पटना। राजस्थान के बाड़मेर में ‘इंडिया न्यूज’ के संवाददाता दुर्ग सिंह चौहान की गिरफ्तारी बाड़मेर एसपी मनीष अग्रवाल की अदूरदर्शिता और ऊपरी दबाव में लिए गए फैसले का नतीजा था। अब बाड़मेर एसपी मनीष अग्रवाल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। दबावों में काम करने वाले ऐसे ढीले-ढाले आईपीएस को जॉब से जबरन रिटायर किए जाने की भी पत्रकारों ने मांग की है. Continue reading

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दुर्ग ने किया खुलासा- बाड़मेर पुलिस ने परिजनों से ऐंठे 80 हजार रुपये

पटना। राजस्थान के बाडमेर में ‘इंडिया न्यूज’ के संवाददाता दुर्ग सिंह राज पुरोहित आज दोपहर बाद जमानत पर बेऊर जेल से रिहा हो गए। जेल से निकलने के बाद दुर्ग सिंह ने मीडिया के सामने यह सनसनीखेज खुलासा किया कि बाडमेर से गिरफ्तार कर उन्हें पटना लाने वाली राजस्थान पुलिस ने उनके परिजनों से जबरन 80 हजार रुपये वसूल लिए। Continue reading

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पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को जमानत मिली

एससी एसटी एक्ट के तहत बेउर जेल में बंद राजस्थान के बाड़मेर जिले के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को मिली जमानत

पटना से खबर है कि राजस्थान के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को जमानत मिल गयी है। दुर्ग को बाड़मेर से गिरफ्तार कर लाया गया और बिहार के बेऊर जेल भेज दिया गया। Continue reading

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दुर्ग गिरफ्तारी प्रकरण का सीएम नीतीश ने लिया संज्ञान, पटना जोन के आईजी करेंगे जांच

एक बड़ी खबर बिहार से आ रही है. राजस्थान के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को फर्जी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच करने को कहा है. सीएम के आदेश के बाद पटना के जोनल आईजी नैयर हसनैन खान को जांच का काम सौंप दिया गया है.
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बेऊर जेल में बंद पत्रकार के पक्ष में मीडियाकर्मी सड़क पर उतरे, पढ़ें प्रियंका चौधरी ने क्या कहा

पटना। आखिर बाड़मेर, राजस्थान के ‘दुर्ग’ के विश्वास के किले को ध्वस्त कर ही दिया बिहार ने. बाड़मेर के उस युवा, उत्साही पत्रकार व इंडिया न्यूज चैनल के बेबाक रिपोर्टर दुर्ग सिंह राजपुरोहित को पटना में दायर एक मुकदमे में बाड़मेर से गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया. दुर्ग पर पटना के दीघा निवासी एक ऊपरी पहुंच वाले बाहुबली बालू ठेकेदार संजय सिंह के कर्मचारी राकेश पासवसन ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मजदूरी के पैसे हड़प लेने, मारपीट करने और जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कोर्ट में एक परिवाद पत्र दायर किया था. Continue reading

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‘अच्छे दिन’ का ‘आदर्श’ उदाहरण : एक पत्रकार और उसके पिता की यह तस्वीर भाजपाइयों का पीछा न छोड़ेगी!

Sanjaya Kumar Singh : पत्रकार की फर्जी गिरफ्तारी… शिकायतकर्ता तो मारा जाएगा… ‘अच्छे दिन’ का बढ़िया उदाहरण है। बाड़मेर के एक निर्दोष पत्रकार को पटना की अदालत में एससी-एसटी मामले में फंसा दिया गया। पहले पत्रकार और उसके करीबी परेशान। बचे तो शिकायतकर्ता फंसे। इस मामले की तह तक जाने के लिए बाड़मेर का पत्रकार कहां पटना में रहकर आगे की कार्रवाई कर पाएगा। मीडिया की भूमिका ऐसे ही मामलों में होती है पर इस मामले में मीडिया ऐसा कुछ करेगा इसकी कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि मीडिया में खबर भले छप रही है, तेवर सच बताने वाली नहीं, सूचना देने की है। Continue reading

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राजस्थानी पत्रकार दुर्ग बिहार में 14 दिन के लिए अंदर, देखें तस्वीर

भाजपा राज में SC-ST कानून का भयंकर दुरुपयोग… फर्जी केस लगा कर राजस्थान के पत्रकार को बिहार ले गए और जेल भिजवा दिया….

जेल ले जाए जाते दुर्ग सिंह राजपुरोहित. साथ में हैं उनके पिता.

राजस्थान के बाड़मेर जिले के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को पटना की एक अदालत ने चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. दुर्ग पर एससी-एसटी कानून के तहत एक फर्जी केस लगाया गया है. बाड़मेर के एसपी को ह्वाट्सअप पर वारंट मिला था जिसके बाद धोखे से दुर्ग सिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार कराकर पटना भेज दिया गया. Continue reading

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तो इस ‘अपराध’ की सजा दी जा रही है पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को!

Pravin Bagi : बाड़मेर (राजस्थान ) के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को SC /ST एक्ट के तहत गिरफ्तार कर पटना लाने और 1 सितंबर तक जेल भेजने का मामला रहस्यमय होता जा रहा है। क्योंकि जिस राकेश पासवान द्वारा कोर्ट में परिवाद दायर करने के बाद यह गिरफ्तारी हुई, उसने इस तरह का कोई केस करने की बात से इंकार किया है। Continue reading

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पत्रकार दुर्ग गिरफ्तारी प्रकरण : क्या भाजपा सरकारें इतनी कमजोर और डरपोक हैं, जो ऐसे घटियापन पर उतर आई हैं

Shrawan Singh Rathore : एससी एसटी एक्ट का बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह जी के खिलाफ बिहार में मुकदमा् दर्ज कराने वाला खुद ही मुकर गया। वो परिवादी बोल रहा है कि मुझे तो पता ही नहीं। मैं कभी बाड़मेर आया ही नहीं। दुर्ग सिंह राजपुरोहित को जानता ही नहीं हूं। मैंने तो मुकदमा ही दर्ज नहीं कराया। Continue reading

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सत्यपाल मलिक को बिहार से जम्मू-कश्मीर भेजा जाना एक तरह से उनका प्रमोशन है

सत्यपाल मलिक उर्फ सतपाल मलिक

Vivek Kumar : सत्यपाल मलिक को बिहार से जम्मू-कश्मीर भेजा जाना कोई दंड नहीं बल्कि इनाम है. बिहार में तो चुनी हुई सरकार है इसलिए वहां राज्यपाल के पास करने के लिए कुछ खास नहीं है. जम्मू-कश्मीर में सारी सत्ता की बागडोर राज्पाल के हाथों में है क्योंकि वहां चुनी हुई सरकार नहीं है. वहां सारा फंड और प्रशासन राज्यपाल के अधीन है… Continue reading

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पत्रकार दुर्गसिंह राजपुरोहित पर लगा केस फर्जी निकला, दैनिक भास्कर ने सच ला दिया सामने

बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित के खिलाफ दर्ज शिकायत अदालत के बाहर फर्जी साबित हो गई है. जिस दलित व्यक्ति की तरफ से मुकदमा दर्ज करवाया गया है, उसने कह दिया है कि वह कभी बाड़मेर गया ही नहीं, ना ही वह दुर्ग सिंह राजपुरोहित अथवा दुर्गेश सिंह नाम के किसी बाड़मेर निवासी को जानता है. Continue reading

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कल तक मुकदमे की धमकी देने वाली नेत्री आज सफाई क्यों दे रही है?

सरहदी इलाके के निर्भीक पत्रकार दुर्गसिंह राजपुरोहित को दुर्भावना से झूठे मुकदमे में फसाने के मामले ने पूरे राष्ट्र के पत्रकारों के साथ आम जन को आक्रोशित कर दिया है। नेताओं के चाल व चरित्र पर सवाल उठाने पर पत्रकार का झूठे मामले में जेल भुगतने का यह सरहदी इलाके का पहला मामला है। 16 से 18 मार्च 2017 में यही सतपाल मलिक पूर्व केंद्रीय मंत्री के हैसियत सामाजिक कार्यक्रमों के आए, सबने आदर सत्कार किया। Continue reading

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प्रियंका चौधरी ‘पटना तक घसीटूंगी’ की धमकी दे चुकी थीं : दुर्ग सिंह राजपुरोहित

सत्ता की साजिशों के शिकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित

राजसत्ता एक्सप्रेस नामक वेबसाइट में राजस्थान के बाड़मेर जिले के वरिष्ठ पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित से फोन पर हुई बातचीत का विवरण छपा है. इसमें दुर्ग सिंह ने बताया है कि उनके पास संदेश आया कि एसपी साहब मिलना चाहते हैं. जब वो मिलने पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार करा दिया गया. पुलिस द्वारा उन्हें बताया गया कि एसपी साहब के पास व्हाट्स एप पर बिहार की अदालत का वारंट आया है. हालांकि ना ही उस वारंट की प्रति उन्हें दी गयी और ना ही किसी वकील से बात करने का मौक़ा दिया गया. Continue reading

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राजस्थान से बिहार गिरफ्तार कर ले जाए गए वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ क्या है शिकायत, यहां पढ़ें

Abhishek Chandra : SC/ST Act का उपयोग कर यही वो शिकायत है जिसे आधार बना कर नालंदा का एक तथाकथित पत्थर तोड़ने वाला मजदूर अपने दलित होने का हवाला दे राजस्थान के बाड़मेर के एक पत्रकार को पटना तक गिरफ्तार कर हाज़िर करवा लेता है!

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बिहार के राज्यपाल के दामन पर भी छींटे?

Swami Vyalok

बिहार को हो क्या गया है…? आज दोपहर एक फोन आया। राजस्थान से पत्रकार मित्र का था। उन्होंने कहा कि यार, आपकी पुलिस तो हमारे यहां बाड़मेर से एक पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को उठा ले गयी। मैं आधी नींद में था। कहा, ‘भाई, हमारे यहां शराबबंदी के बाद रामराज आ गया है। अब पुलिस सिवा मुंह सूंघने के कोई काम नहीं करती, वो राजस्थान जाकर किसी को क्यों उठाएगी?’ Continue reading

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बिहार के महामहिम, बाड़मेर की महिला, दलित उत्पीड़न का केस और वरिष्ठ पत्रकार की गिरफ्तारी…. सच क्या है?

Shrawan Singh Rathore : बाड़मेर के वरिष्ठ पत्रकार दुर्गसिंह राजपुरोहित को बाड़मेर पुलिस ने गिरफ्तार किया और बिहार पुलिस को सौंप दिया। न कोई नोटिस , न सुनवाई का मौका न FIR की जानकारी। व्हाट्सएप पर पटना के एसएसपी के नम्बर से बाड़मेर एसपी मनीष अग्रवाल को एक वारंट की फोटोकापी मिली। किसी आतंकी को भी उसका गुनाह बताए बिना सजा या गिरफ्तारी नहीं हुई लेकिन 18 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे पत्रकार को एक सेकेंड में उठा कर अपने पुलिसकर्मियों के साथ पटना भेज दिया। Continue reading

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इंजन के बिना 20 किमी भागता रहा रेल डिब्बा, बाइक से पीछा करते रहे कर्मी

बाड़मेर। बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर यार्ड में खड़ा एक रेल डिब्बा ढलान की वजह से अपने आप ही चल पड़ा। डिब्बा आगे चलता रहा और उसे रोकने के लिए उसके पीछे मोटर साइकिल पर सवार होकर दो रेल कर्मचारी भागते रहे। आखिरकार करीब बीस किलोमीटर का सफर तय करने के बाद उत्तरलाई रेलवे स्टेशन पर डेड एंड से टकरा कर यह डिब्बा पटरियों से नीचे उतरने के बाद ही रुक पाया।

गौरतलब है कि बाड़मेर से उत्तरलाई रेलवे स्टेशन पर पटरियों में काफी ढलान है। आम तौर पर इस ढलान का ध्यान रखकर डिब्बे वगैरह खड़े किए जाते हैं। लेकिन बुधवार को रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़ा सवारी गाड़ी का एक डिब्बा ढलान पर खिसकना शुरू हो गया। कर्मचारी कुछ कर पाते कि उससे पहले इस डिब्बे ने रफ्तार पकड़ ली। कर्मचारी मोटर साइकिल पर बैठ डिब्बा का पीछा करने लगे। कर्मचारियों ने रास्ते में कुछ अवरोध लगाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही।

इस बीच, जोधपुर से बाड़मेर के बीच चलने वाली यात्री गाड़ी उत्तरलाई स्टेशन पर पहुंच गई। उसे वहीं पर रोका गया। डिब्बा तेज रफ्तार से इस गाड़ी की तरफ बढ़ने लगा। ऐसे में उत्तरलाई रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों ने सतर्कता बरतते हुए इस डिब्बे की लाइन बदल दी। इससे डिब्बा वहां बने एक डेड एंड से जाकर टकराने के बाद पटरी से नीचे उतर गया। अगर डिब्बे की लाइन नहीं बदली जाती तो यह सीधे सवारी गांड़ी से आकर टकराता। उससे बड़ा हदसा हो सकता था।

बाड़मेर (राजस्थान) से दुर्गसिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट. संपर्क: 09928682444

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